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जशपुर में डीलिस्टिंग का विरोध,राजी पड़हा और ईसाई आदिवासी महासभा की रैली,सरना धर्म कोड की मांग

राजी पड़हा और ईसाई आदिवासी महासभा की रैली में गूंजे विरोध के स्वर, पांचवीं अनुसूची और सरना धर्म कोड को लेकर उठी मांग

Massive Rally by the Christian Tribal Mahasabha in Jashpur
जशपुर में ईसाई आदिवासी महासभा की विशाल रैली (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : May 24, 2026 at 8:40 PM IST

3 Min Read
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जशपुर: छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले जशपुर में ईसाई आदिवासी महासभा और राजी पड़हा ने डीलिस्टिंग का भारी विरोध किया है. जिले में रविवार को राजी पड़हा के नेतृत्व में तथा ईसाई आदिवासी महासभा के सहयोग से आयोजित इस रैली में जिले भर से पहुंचे सैकड़ों आदिवासी शामिल हुए. चिलचिलाती धूप के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और हाथों में छतरी तथा बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शनकारियों ने शहर में रैली निकाली. प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान डीलिस्टिंग के विरोध में नारेबाजी कर अपनी मांगें बुलंद की.

रैली में उमड़ी भारी भीड़

इस रैली में ईसाई आदिवासी महासभा और राजी पड़हा के सदस्यों की भारी भीड़ जुटी. सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग रांची रोड स्थित शासकीय एनईएस कॉलेज मैदान में जुटने लगे थे. यहां सभा के बाद रैली निकाली गई, जो जैन मंदिर, बस स्टैंड, महाराजा चौक, जय स्तंभ चौक और भागलपुर चौक से होते हुए बीटीआई ग्राउंड पहुंची. पूरे मार्ग में प्रदर्शनकारियों ने आदिवासी अधिकारों और पांचवीं अनुसूची की सुरक्षा को लेकर नारे लगाए.

जशपुर में डीलिस्टिंग के खिलाफ हल्ला बोल (ETV BHARAT)

जनजातीय सुरक्षा मंच पर यूडी मिंज का हमला

इस दौरान सभा को कुनकुरी के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष यूडी मिंज ने संबोधित किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में जनजातीय सुरक्षा मंच द्वारा डिलिस्टिंग की मांग को लेकर आयोजित कार्यक्रम आदिवासी समाज को बांटने की कोशिश है. भारतीय कानून प्रत्येक आदिवासी को अपनी इच्छा से किसी भी धर्म को मानने की स्वतंत्रता देता है.

Rally by Raji Padha and the Christian Tribal Assembly
राजी पड़हा और ईसाई आदिवासी महासभा की रैली (ETV BHARAT)

जशपुर जिले में लगभग 24 प्रतिशत आबादी ईसाई समुदाय की है. ऐसे में यदि डिलिस्टिंग लागू होती है तो पांचवीं अनुसूची के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो सकता है, जिसका सीधा नुकसान पूरे आदिवासी समाज को उठाना पड़ेगा. यह केवल धार्मिक मुद्दा नहीं बल्कि आदिवासी अस्तित्व और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा विषय है- यूडी मिंज, कांग्रेस जिलाध्यक्ष

Meeting against delisting in Jashpur
जशपुर में डीलिस्टिंग के खिलाफ सभा (ETV BHARAT)

हमारी समिति शुरू से ही डिलिस्टिंग की मांग का विरोध करती रही है और आगे भी हमारा आंदोलन जारी रहेगा. आदिवासी समाज की एकता को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा-राजेश भगत, जिलाध्यक्ष, राजी पड़हा समिति

Meeting of the Raji Padha and the Christian Tribal Assembly
राजी पड़हा और ईसाई आदिवासी महासभा की सभा (ETV BHARAT)

इस दौरान ईसाई आदिवासी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल किस्पोट्टा ने भी डीलिस्टिंग के मांग का विरोध किया. उन्होंने कहा कि आदिवासियों को अपनी परंपरा और इच्छा के अनुसार किसी भी धर्म का पालन करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है. डिलिस्टिंग की मांग पांचवीं अनुसूची को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश है.

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