ETV Bharat / state

Rajasthan Weather : राजस्थान में में कब बरसेंगे बादल? पढ़ें IMD का ताजा अपडेट

मानसून के एंट्री को लेकर मौसम विभाग ने ताजा अपडेट दिया है. 2 जुलाई को प्रदेश में दाखिल होने की संभावना.

जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र (फोटो ईटीवी भारत जयपुर)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : June 29, 2026 at 10:54 AM IST

5 Min Read
Choose ETV Bharat

जयपुर : राजस्थान में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पिछले पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए लोगों का सबसे लंबा इंतजार कराया है. साल 2021 से 2025 के दौरान मानसून कभी सामान्य समय से पहले तो कभी तय तिथि पर प्रदेश में पहुंच गया था, लेकिन इस बार जून समाप्त होने के बावजूद मानसून राजस्थान की सीमा तक नहीं पहुंच सका. मौसम विभाग के अनुसार अब 2 जुलाई के आसपास मानसून के प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है. इसके साथ ही जुलाई के पहले सप्ताह से बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद जताई गई है.

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों से होकर गुजर रही है. अगले तीन से चार दिनों में इसके आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की संभावना है. यदि मौसम की स्थिति अनुकूल रही, तो दक्षिण-पूर्वी राजस्थान से मानसून की औपचारिक एंट्री हो सकती है.

इसे भी पढे़ं: IMD ने मानसून की राजस्थान में एंट्री को लेकर दिया अपडेट, 13 साल में तीसरी बार होगी इतनी देरी

पांच साल में पहली बार इतनी देरी : पिछले पांच साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो साल 2021 में मानसून सामान्य तिथि से करीब आठ दिन पहले 18 जून को राजस्थान पहुंच गया था. साल 2022 में मानसून ने 30 जून को प्रदेश में प्रवेश किया, जो सामान्य तिथि से लगभग छह दिन देरी से था. साल 2023 और 2024 में मानसून ने 25 जून को तय समय पर दस्तक दी. वहीं साल 2025 में मानसून 18 जून को ही प्रदेश पहुंच गया था. इसके विपरीत इस वर्ष 28 जून तक भी मानसून राजस्थान में प्रवेश नहीं कर पाया और अब इसके 2 जुलाई तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. इस तरह पिछले पांच वर्षों में यह सबसे लंबा इंतजार माना जा रहा है.

पिछले साल की तुलना में 52 फीसदी कम बारिश : मानसून की देरी का सीधा असर प्रदेश में साल के आंकड़ों पर दिखाई दे रहा है. पिछले साल 18 जून को मानसून आने के बाद 28 जून तक राजस्थान में 109.89 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी. वहीं इस वर्ष 28 जून तक केवल 56.98 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 52 प्रतिशत कम है. बारिश की कमी के कारण कई क्षेत्रों में गर्मी और उमस का असर लगातार बना हुआ है.

मौसम विभाग का अनुमान है कि 2 जुलाई से दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी. इसके बाद 3 से 5 जुलाई के बीच पूर्वी राजस्थान के अनेक जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. यदि मानसून सक्रिय होता है, तो प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी.

इसे भी पढे़ं: राजस्थान में मानसून की दस्तक से पहले मौसम मेहरबान, 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट...जानिए मेवाड़ की स्थिति

इन संभागों में तेज बारिश की संभावना : अगले चार दिनों के दौरान कोटा, उदयपुर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है. वहीं जोधपुर, बीकानेर और अजमेर संभाग के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने और उमस भरी गर्मी का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि 2 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश के दौर शुरू हो सकते हैं.

IMD ने अलवर, डीग, भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली, टोंक, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, भीलवाड़ा, सलूम्बर, डूंगरपुर, उदयपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और जयपुर जिलों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन /गरज-चमक के साथ अचानक तेज हवाएं 30-40 किमी/घंटा, वज्रपात और हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है.

पिछले 24 घंटे में बांसवाड़ा सबसे अधिक भीगा : बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक 75 मिलीमीटर बारिश बांसवाड़ा जिले के दानपुर क्षेत्र में दर्ज की गई. इसके अलावा अलवर में 41 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई. हालांकि अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां सामान्य से कम रहीं, जिसके कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा. रविवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा जयपुर, कोटा सहित प्रदेश के 16 शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा. गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी.

इसे भी पढे़ं: Jaipur Rain : मानसून की दस्तक से पहले अलर्ट मोड पर जेडीए, बाढ़ नियंत्रण कक्ष शुरू...

जुलाई के पहले सप्ताह पर टिकी उम्मीदें : मौसम वैज्ञानिक राधेश्याम शर्मा का मानना है कि अगर आगामी दिनों में मानसून की गति तेज होती है, तो जुलाई का पहला सप्ताह राजस्थान के लिए राहत लेकर आ सकता है. इससे न केवल तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई में भी मदद मिलेगी. लंबे इंतजार के बाद अब प्रदेशवासियों की निगाहें मानसून की पहली अच्छी बारिश पर टिकी हैं, जिससे जल संकट और भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.