WEATHER UPDATE : राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ से हल्की बारिश, बाड़मेर में घने कोहरे ने घटाई विजिबिलिटी
वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने के बाद राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है.

Published : January 2, 2026 at 11:08 AM IST
जयपुर/बाड़मेर : राज्य में पिछले 24 घंटों में एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य में कहीं-कहीं पर हल्की बारिश दर्ज की गई है. इसके साथ ही राजस्थान में कहीं-कहीं पर कोहरा दर्ज किया गया है. राजस्थान में अधिकतम तापमान प्रतापगढ़ में 25.1 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान सिरोही में 7.2 डिग्री दर्ज किया गया. इधर शुक्रवार को बाड़मेर में सुबह से ही घने कोहरे की चादर में लिपटा नजर आ रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है. घने कोहरे और धुंध के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) 100 मीटर से भी कम हो गई है.
मौसम विभाग की जयपुर केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले 48 घंटे प्रदेश के अधिकांश भागों में घने से अति घना कोहरा दर्ज होने की संभावना है. इस दौरान दृश्यता 100 मीटर से भी कहीं-कहीं नीचे दर्ज की जा सकती है. कोहरे के प्रभाव से दिन की अधिकतम तापमान में भी 3-4 डिग्री गिरावट होने की संभावना है. 4 से 6 जनवरी के दौरान शेखावाटी क्षेत्र में कहीं-कहीं न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री दर्ज होने व शीतलहर दर्ज होने की संभावना है.
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आज 13 जिलों में अलर्ट: शुक्रवार 2 जनवरी को राज्य के 13 जिलाें में कोहरे का ऑरेंंज अलर्ट जारी हुआ है, वहीं 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने आज भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूूतली-बहरोड़, सवाईमाधोपुर, सीकर, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में अति घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट दिया है. नागौर , डीडवाना-कुचामन, बीकानेर, टोंक, कोटा, झालावाड़, जयपुर, बूंदी, बारां और अजमेर में येलो अलर्ट जारी करते हुए घने कोहरे का असर रहने की संभावना जताई है.
नैनवां में सर्वाधिक बारिश: मौसम विभाग की ओर से ज्यादा आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान के बूंदी जिले के नैनवा में सर्वाधिक 7.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. बूंदी में 6.0, सवाईमाधोपुर और बौंली में 3.0, कोटा में 2.7 के अलावा अजमेर, जयपुर और जालौर में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. विभाग के अनुसार फिलहाल कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है.
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सर्दी का असर बरकरार: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला. पूर्वी राजस्थान में अधिकतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस प्रतापगढ़ में दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सिरोही में 7.2 डिग्री सेल्सियस रहा. जयपुर में अधिकतम तापमान 18.6 और न्यूनतम 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. अजमेर में 23.2 और 9.9 डिग्री, भीलवाड़ा में 23.6 और 13.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ. पश्चिमी राजस्थान की बात करें तो जोधपुर शहर में अधिकतम 23.4 डिग्री और न्यूनतम 11.8 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं बाड़मेर में 22.4 और 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जैसलमेर में न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री और बीकानेर में 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने से सर्दी का असर साफ नजर आया. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट के साथ सर्दी बढ़ने की संभावना बनी हुई है.
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बाड़मेर में कोहरे से जनजीवन बाधित: नए साल की शुरुआत के साथ ही पश्चिमी राजस्थान की थार नगरी बाड़मेर में सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. शुक्रवार को बाड़मेर सुबह से ही घने कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया. घने कोहरे और धुंध के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) 100 मीटर से भी कम हो गई है. इसके चलते सड़कों पर वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है. इस स्थिति के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और यातायात की गति धीमी हो गई है. सीमावर्ती बाड़मेर जिले में मौसम के बदले मिजाज ने थार नगरी को शीतलहर की चपेट में ले लिया है. शुक्रवार की सुबह शहर से लेकर गांव तक घना कोहरा छाया रहा, जिससे वातावरण में ठंडक बढ़ गई और ठिठुरन में इजाफा हुआ. कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार थम सी गई है, वहीं बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है क्योंकि लोग ठंड से बचने के लिए घरों में दुबके हुए हैं. हालांकि, जरूरी कामकाज से आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही देखी जा रही है. इधर, इस बार दिसंबर माह तक सर्दी का इतना असर नहीं देखा गया था. ऐसे में मौसम में अचानक हुए बदलाव से किसानों के चेहरे पर खुशी छा गई है. यह मौसम जीरा, ईसबगोल और रबी की अन्य फसलों के लिए लाभदायक बताया जा रहा है.

कुचामनसिटी में ठाकुरजी को ऊनी वस्त्र: बढ़ती ठंड ने धार्मिक जीवन को भी प्रभावित किया है. भक्त और पुजारी भगवान की प्रतिमाओं की मौसम के अनुसार देखभाल कर रहे हैं. मंदिरों में ठाकुरजी को ऊनी वस्त्र पहनाए जा रहे हैं और गर्म पानी से स्नान कराया जा रहा है. बसंत पंचमी तक यह सेवा जारी रहेगी. ठंड के कारण आरतियों के समय में भी बदलाव किया गया है. घरों के पूजा स्थलों में लड्डू गोपाल को जैकेट-टोपी पहनाई जा रही है. उन्हें गर्माहट देने वाले प्रसाद जैसे आलू-मेथी के पराठे और केसर दूध का भोग भी लगाया जा रहा है.

