दलालों-अधिकारियों की मिलीभगत से VIP नंबर अलॉटमेंट में गड़बड़ी, 39 लोगों पर केस दर्ज
आरटीओ प्रथम की ओर से गांधीनगर थाने में दर्ज करवाया गया मुकदमा, जांच में जुटी पुलिस.

Published : January 5, 2026 at 1:12 PM IST
|Updated : January 5, 2026 at 1:24 PM IST
जयपुर : परिवहन विभाग में सात डिजिट के वीआईपी नंबर आवंटन में हुई गड़बड़ियों को लेकर परिवहन विभाग ने अब कड़ी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है. जयपुर आरटीओ प्रथम की ओर से जयपुर के गांधीनगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है. जिसमें 2100 से अधिक वाहनों को गलत तरीके से वीआईपी नंबर आवंटित करने के आरोप में 39 अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है. विभागीय जांच में सामने आया है कि वीआईपी नंबर के आवंटन में गंभीर लापरवाही बरती गई और गड़बड़ी कर मोटी रकम वसूली गई. विभागीय जांच में गड़बड़ी सामने आने पर अब पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया गया है.
गांधीनगर थानाधिकारी भजनलाल का कहना है कि विभाग की रिपोर्ट के आधार पर गांधीनगर थाना पुलिस ने फर्जी रिकॉर्ड के आधार पर वीआईपी नंबर आवंटित करने, पद का दुरुपयोग करने, जाली दस्तावेजों के आधार पर फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने के आरोप में 39 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है. बीएनएस की विभिन्न धाराओं में यह मुकदमा दर्ज किया गया है. उनका कहना है कि विभाग की जांच में 2100 से ज्यादा वाहनों को वीआईपी नंबर आवंटित करने में गड़बड़ी सामने आई है.
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पहले जारी होते थे सात डिजिट के नंबर : परिवहन विभाग में पहले सात डिजिट के वाहन नंबर होते थे. इनमें पहले तीन अंक अल्फाबेट और अंतिम चार अंक नंबर होते हैं. यह काफी पुरानी व्यवस्था थी. जिसमें वाहन के नंबर रजिस्टर में अंकित किए जाते थे. अब नई व्यवस्था में दस डिजिट के नंबर व्यवस्था लागू है. विभाग की जांच में सामने आया है कि सात डिजिट के कई पुराने वाहनों की वैधता खत्म होने के बाद इनका नवीनीकरण नहीं करवाया गया.
नियमों की अनदेखी कर किया आवंटन : ऐसे वाहनों को कबाड़ में बेच दिया गया. ऐसे में नियमानुसार यह नंबर किसी अन्य वाहन को जारी नहीं किए जा सकते हैं. लेकिन दलालों ने अधिकारियों-कर्मचारियों से मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज बनवाकर ऐसे नंबर दूसरे वाहनों के लिए जारी कर दिए. विभाग की जांच में यह गड़बड़ी सामने आने पर अब गांधीनगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है. गांधीनगर थानाधिकारी भजनलाल का कहना है कि मामले की जांच जारी है.
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