विधानसभा में हंगामेदार दिन: पानी की बोतल से लेकर पेपर लीक और जमीन आवंटन तक गूंजे मुद्दे
विधानसभा में राजस्वविभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान पानी पीने की व्यवस्था से लेकर पेपर लीक और जमीन आवंटन के मुद्दे गूंजते रहे.

Published : February 21, 2026 at 3:50 PM IST
जयपुर: राजस्थान विधानसभा में शनिवार को राजस्व विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ. कार्यवाही के दौरान केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम द्वारा अपने साथ लाई गई बोतल से पानी पीने पर सभापति फूल सिंह मीणा ने नाराजगी जताई और नियमों की अनदेखी पर सख्त टिप्पणी की. सदन में बाहर की वस्तु नहीं लाई जा सकती. इसके अलावा पेपर लीक मामले में आदिवासी विधायकों ने टी-शर्ट और पोस्टर के जरिए सीबीआई जांच की मांग उठाई. मांडल विधायक ने जमीन आवंटन में अनियमितता और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप लगाते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की.
राजस्व विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान राज्य विधानसभा में एक अनोखी स्थिति उत्पन्न हो गई. चर्चा में भाग लेते हुए केकड़ी विधायक गौतम अपनी बात रख रहे थे. भाषण के दौरान उन्होंने अपने बैग से छोटी पानी की बोतल निकाली और पानी पी लिया. इस पर कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में हलचल का माहौल बन गया. विधानसभा के नियमों के अनुसार सदन के भीतर पानी की बोतल ले जाना प्रतिबंधित है. किसी भी सदस्य को आसन की अनुमति के बिना पानी पीने की इजाजत नहीं है.
मामले को गंभीरता से लेते हुए सभापति फूल सिंह मीणा ने तुरंत संज्ञान लिया और स्पष्ट व्यवस्था दी. सभापति ने कहा, 'बिना आसन की अनुमति के कोई सदस्य सदन के अंदर पानी नहीं पी सकता.' उन्होंने यह भी कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है और नियमों का पालन अनिवार्य है. सभापति की इस व्यवस्था के बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी, लेकिन यह घटना दिनभर चर्चा का विषय बनी रही.
टी-शर्ट के जरिए पेपर लीक का मुद्दा: भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर भी सदन में अनोखा विरोध देखने को मिला. धरियावद से भारत आदिवासी पार्टी के विधायक थावरचंद फोटो लगी टी-शर्ट पहनकर सदन में पहुंचे. टी-शर्ट पर 'जरा याद करो...' लिखकर पूर्व में की गई सीबीआई जांच की मांग को याद दिलाया गया. विधायक थावरचंद ने कहा कि नई सरकार आने पर लोगों को उम्मीद थी कि परीक्षाओं में पारदर्शिता आएगी. उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि केवल पेपर लीक नहीं होता, उनके सपने लीक होते हैं, उनका भविष्य लीक होता है. उन्होंने पूछा कि जब वे विपक्ष में थे तो सीबीआई जांच की मांग की गई थी, अब सत्ता में आने के बाद जांच क्यों नहीं कराई जा रही?
इस दौरान उन्होंने आरपीएससी के कार्यवाहक अध्यक्ष शिव सिंह राठौड़ और सदस्य मंजू शर्मा का भी उल्लेख किया और कहा कि केवल एक आदिवासी को दोषी ठहराकर उसके माथे पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया, 'चोर दोनों तरफ बैठे हो सकते हैं, लेकिन दोषियों को पकड़ने की इच्छाशक्ति नहीं दिखाई जा रही. पार्टी के तीनों विधायक पोस्टर लेकर सदन के वेल में पहुंच गए और सीबीआई जांच की मांग दोहराई.
जमीन आवंटन में घालमेल के आरोप: मांडल से विधायक उदयलाल भड़ाना ने विधानसभा में स्थानीय एसडीएम महिपाल चौधरी पर भी गंभीर आरोप लगाए. जमीन आवंटन में घालमेल का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि प्रति बीघा तीन लाख रुपए तक लिए जाने की बात सामने आई है और मांडल क्षेत्र के बाहर के लोगों को जमीन आवंटित कर दी गई. भड़ाना ने आरोप लगाया कि जयपुर में रहने वाले लोगों को भी जमीन दी गई, जबकि क्षेत्र में ग्रेनाइट निकलने के कारण कई अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका है. उन्होंने पूर्व राजस्व मंत्री पर भी आरोप लगाए और कहा कि आवंटन उनके निर्देश पर हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि चारागाह भूमि पर पहले से बसे लोगों को नहीं हटाया जाना चाहिए. उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की.

