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Municipality Election : 2025 बीत गया, लेकिन चुनाव की तारीख तय नहीं, UDH मंत्री ने दिया जवाब

आखिर नगरीय निकाय चुनावों में देरी की असली वजह क्या है ? यहां जानिए इस सवाल का जवाब...

UDH Ministry
नगरीय निकाय चुनावों में देरी (ETV Bharat File Photo)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : December 31, 2025 at 8:26 PM IST

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जयपुर: साल 2025 खत्म हो गया, लेकिन राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की तारीख अब तक तय नहीं हो पाई है. प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में अधिकतर नगर निगम, परिषद और पालिकाओं के बोर्ड का कार्यकाल खत्म हुए करीब 50 दिन से अधिक समय बीत चुका है. बावजूद इसके, चुनाव की घोषणा नहीं हुई. इसे लेकर राजनीतिक हलकों से लेकर आम जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर नगरीय निकाय चुनावों में देरी की असली वजह क्या है? इसी का जवाब दिया यूडीएच मंत्री ने दिया.

प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार और स्वायत्त शासन विभाग स्तर का काम सितंबर-अक्टूबर महीने में ही पूरा कर लिया गया था और उससे जुड़ा गजट नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है. इसके बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले सर्वोच्च न्यायालय का एक महत्वपूर्ण निर्देश पर कार्रवाई पूरी करनी होगी. यूडीएच मंत्री ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को राजनीतिक आरक्षण देने के लिए 'ट्रिपल टेस्ट' की प्रक्रिया अनिवार्य है.

झाबर सिंह खर्रा, यूडीएच मंत्री (ETV Bharat Jaipur)

इसके अंतर्गत राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को निकायवार और पंचायतवार ओबीसी आबादी का डाटा एकत्र करना होता है. उन्होंने कहा कि ये काम फिलहाल पिछड़ा वर्ग आयोग कर रहा है. आयोग संभाग और जिलों का दौरा कर आंकड़े जुटा रहा है, लेकिन ये एक विस्तृत और जमीनी स्तर का काम है, इसलिए इसमें समय लग रहा है.

डेटा मिलते ही तीन दिन में आरक्षण की लॉटरी : झाबर सिंह खर्रा ने भरोसा दिलाया कि जैसे ही पिछड़ा वर्ग आयोग निकायवार ओबीसी आंकड़े उपलब्ध कराएगा, राज्य सरकार तीन दिन के अंदर आरक्षण की लॉटरी निकालकर उसकी सूचना राज्य निर्वाचन आयोग को भेज देगी. इसके बाद निर्वाचन आयोग 'एक राज्य, एक चुनाव' के तहत अपनी सुविधा अनुसार किसी भी तिथि पर चुनाव कराने के लिए स्वतंत्र होगा.

पढ़ें : नियमों में बदलाव के संकेत: पंचायत-शहरी निकाय चुनाव में हट सकती है दो संतान की शर्त

सरकार के संपर्क में आयोग, लेकिन समयसीमा तय नहीं : मंत्री ने बताया कि सरकार लगातार ओबीसी आयोग के संपर्क में है और उनसे कार्य शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया जा रहा है. हालांकि, आयोग ये काम कितने समय में पूरा करेगा, इसकी कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं है. इस सवाल का जवाब केवल पिछड़ा वर्ग आयोग ही दे सकता है.

प्रदेश में नगरीय निकायों की स्थिति :

  • 49 निकाय - कार्यकाल नवंबर 2024 में समाप्त
  • 6 निकाय - कार्यकाल नवंबर 2025 में समाप्त
  • 50 निकाय - कार्यकाल दिसंबर 2025 में समाप्त
  • 90 निकाय - कार्यकाल जनवरी 2026 में समाप्त
  • 1 निकाय - कार्यकाल फरवरी 2026 में समाप्त

प्रशासकों के भरोसे चल रहे निकाय : चुनाव में देरी के चलते राज्य के अधिकांश नगरीय निकाय फिलहाल प्रशासकों के भरोसे चल रहे हैं। इससे न केवल जनप्रतिनिधित्व का अभाव है, बल्कि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों और नीतिगत निर्णयों पर भी असर पड़ रहा है. वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब तक ओबीसी आरक्षण से जुड़ा ट्रिपल टेस्ट पूरा नहीं हो जाता, तब तक चुनाव की घोषणा संभव नहीं है.

ऐसे में 2026 में मई तक भी चुनाव टलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. कुल मिलाकर, नगरीय निकाय चुनावों का पेंच फिलहाल ओबीसी आरक्षण से जुड़े आंकड़ों में फंसा हुआ है. सरकार प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रही है. वहीं, जनता और राजनीतिक दल चुनावी बिगुल बजने की राह देख रहे हैं.