पीटीआई भर्ती: बीपीएड की फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करने का आरोपी चढ़ा एसओजी के हत्थे
1.20 लाख रुपए में दलालों के जरिए ली जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद (उत्तर प्रदेश) की फर्जी डिग्री.

Published : September 1, 2026 at 5:39 PM IST
जयपुर: शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) भर्ती में बीपीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल करने के मामले में राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है. उसे जोधपुर ग्रामीण पुलिस की मदद से हिरासत में लिया गया. एसओजी मुख्यालय में पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया.
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि बीपीएड की फर्जी डिग्री से पीटीआई की नौकरी हासिल करने के आरोपी चंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया है. वह गिरफ्तारी के डर से डेढ़ साल से जोधपुर में अलग-अलग स्थानों पर छिपता रहा.
तीन दलालों के जरिए ली डिग्री : उन्होंने बताया कि आरोपी चंद्र सिंह ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने दलाल बाबूलाल उर्फ बाबू पटेल, प्रदीप कुमार शर्मा और रवि शर्मा के जरिए 1.20 लाख रुपए में फर्जी तरीके से बैक डेट में जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद (उत्तर प्रदेश) से डिग्री हासिल की और उसके आधार पर शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती-2022 में पीटीआई की नौकरी लगा. उसने जिन तीन दलालों के जरिए डिग्री हासिल की, उन्हें पहले गिरफ्तार किया जा चुका है.
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अब तक 22 आरोपी पकड़े गए : उनका कहना है कि 41 वर्षीय आरोपी चंद्र सिंह जोधपुर ग्रामीण जिले का रहने वाला है. उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है. इस मामले में शामिल अन्य अभियुक्तों और लाभार्थियों के बारे में पूछताछ व अनुसंधान किया जा रहा है. एसओजी इस मामले में अब तक 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी है. उन्होंने बताया कि पीटीआई भर्ती-2022 में कई अभ्यर्थियों द्वारा विभिन्न विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्री लाकर चयनित होने का परिवाद मिलने के बाद प्राथमिक जांच कर मुकदमा दर्ज किया गया.
डिग्री फर्जी पाए जाने के बाद किया बर्खास्त : अनुसंधान के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ओपीजेएस विश्वविद्यालय चूरू, जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद (उत्तर प्रदेश) के चांसलर व संचालक, पूर्व रजिस्ट्रार सहित 22 आरोपी पकड़े जा चुके. जांच में सामने आया कि आरोपी चंद्र सिंह पटेल ने दलालों के जरिए फर्जी तरीके से बैक डेट में जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद (उत्तर प्रदेश) से बीपीएड की डिग्री लाकर नौकरी हासिल की. एसओजी की जांच में आरोपी की डिग्री फर्जी होने का खुलासा होने पर उसे शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया. वह बर्खास्त होने के बाद से ही फरार चल रहा था.

