सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, 25 जुलाई तक जारी हो जाएगी भर्ती विज्ञप्ति
पांच दिन की ठप व्यवस्था के बाद गुरुवार से पटरी पर लौटेगी सफाई. प्रशासन और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच विभिन्न मांगों पर बनी सहमति.

Published : July 1, 2026 at 9:53 PM IST
जयपुर: राजस्थान में पिछले पांच दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की 'झाड़ू डाउन' हड़ताल आखिरकार समाप्त होने की घोषणा कर दी गई है. स्वायत्त शासन विभाग (डीएलबी) में हुई वार्ता में प्रशासन और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच विभिन्न मांगों पर सहमति बनी. अब 25 जुलाई तक सफाई कर्मचारी भर्ती की विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी, जिसमें परंपरागत सफाई कार्य करने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
इस समझौते के साथ ही प्रदेशभर में सफाई कार्य बहाल करने का फैसला लिया गया. राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराने पहुंचे. अब गुरुवार से जयपुर सहित पूरे प्रदेशभर में सफाई व्यवस्था फिर से सुचारू होगी.
स्वायत्त शासन भवन में हुई वार्ता में स्वायत्त शासन विभाग के सचिव रवि जैन, नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जयपुर समेत प्रदेशभर से आए सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा हुई. जिसमें कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी, जिसके बाद संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के पदाधिकारी और प्रदेश भर से जयपुर आए विभिन्न सफाई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी ने जयपुर लाल कोठी स्थित निगम मुख्यालय पर आपसी सहमति के बाद वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को मांग पत्र और समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर सौंपा. साथ ही हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया.
भर्ती में परंपरागत और अनुभवी सफाई कर्मचारियों को प्राथमिकता : संगठन के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने बताया कि प्रशासन के साथ इस बात पर सहमति बनी कि भविष्य में सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में परंपरागत रूप से सफाई कार्य करने वाले और इस क्षेत्र का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी. कर्मचारियों का लंबे समय से यही प्रमुख मुद्दा था, जिस पर सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया.
सफाई कर्मचारी-प्रशासन के बीच ये हुआ समझौता :
- सफाई कर्मचारी भर्ती में परंपरागत रूप से सफाई कार्य करने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
- भर्ती के लिए नगरीय निकाय में कम से कम एक वर्ष का सफाई कार्य अनुभव मान्य होगा.
- यदि नगरीय निकायों के अनुभवी अभ्यर्थी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं होते हैं तो अन्य संस्थाओं में एक वर्ष का अनुभव रखने वालों को भी अवसर मिलेगा.
- सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया समझौते की शर्तों और नियमानुसार संचालित की जाएगी.
- भर्ती 2012 और 2018 से जुड़े लंबित न्यायालयीन प्रकरणों के निस्तारण के लिए गठित संभागीय समितियों में यूनियन प्रतिनिधियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा.
- प्रत्येक संभाग की समिति की बैठकों में यूनियन की ओर से नामित प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी.
- नगर निगम भरतपुर में अपनाई गई अनुबंध व्यवस्था की तर्ज पर अन्य निकायों में भी प्रक्रिया लागू की जाएगी.
- सफाई कर्मचारी भर्ती लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी.
- चयनित संविदा सफाई कर्मचारियों के प्रकरण तीन वर्ष की संतोषजनक सेवा के बाद स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष रखे जाएंगे.
- संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण संबंधी कार्रवाई राजस्थान कॉन्ट्रेक्चुअल (संविदा) हायरिंग रूल्स, 2022 के अनुसार होगी.
- हड़ताल अवधि को सवैतनिक अवकाश माना जाएगा.
- सफाई कर्मचारी भर्ती की नई विज्ञप्ति 25 जुलाई 2026 तक जारी की जाएगी.
पांच दिन तक ठप रही सफाई व्यवस्था : हड़ताल के कारण जयपुर सहित प्रदेश के अधिकांश शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. राजधानी के परकोटा, सिविल लाइंस, सांगानेर, विभिन्न बाजारों और कॉलोनियों में कचरे के ढेर लग गए हैं. डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी और जगह-जगह दुर्गंध और गंदगी फैल गई. हड़ताल खत्म होने के बाद नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती पिछले पांच दिनों से जमा हुए कचरे का जल्द निस्तारण करना होगा. निगम प्रशासन विशेष अभियान चलाकर पहले प्रमुख बाजारों, मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों से कचरा उठाया जाएगा. इसके लिए अतिरिक्त संसाधन और विशेष टीमें भी लगाई जाएंगी.
बहरहाल, हड़ताल खत्म होने के बाद सफाई कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटेंगे. अगले 24 से 48 घंटे में शहर से कचरे के ढेर हटाने और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को पूरी तरह सामान्य करने का लक्ष्य रखा गया है. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि प्रशासनिक वार्ता में बनी सहमतियों को सफाई कर्मचारी भर्ती विज्ञप्ति में किस रूप में अमल किया जाएगा.

