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अच्छे काम पर थपथपाई पीठ, ढिलाई बरतने वालों को नसीहत, सीएम बोले-कोई गैंगस्टर बचकर नहीं जाए

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि साइबर ठगी की बढ़ती वारदातों के चलते लोगों को मोबाइल से डर लगने लगा है.

CM and home Minister at Police Conference
पुलिस सम्मेलन में सीएम और गृह राज्य मंत्री (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 8, 2026 at 4:35 PM IST

7 Min Read
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जयपुर: राष्ट्रीय स्तर पर हर साल होने वाली डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस के फॉलोअप के रूप में प्रदेश के पुलिस अधिकारियों का सम्मेलन का गुरुवार को राजस्थान पुलिस अकादमी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आगाज किया. इस मौके पर उन्होंने अच्छा काम करने पर पुलिस महकमे की सराहना की. हालांकि, ढिलाई बरतने वालों को नसीहत भी दी. अन्य राज्यों की एटीएस द्वारा राजस्थान में की गई कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब दूसरे राज्य की एजेंसी आकर राजस्थान में कार्रवाई करती है, तो सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने कहा कि जिला पुलिस अगर ऐसे मामलों में एक्शन लेती तो अच्छा लगता. उन्होंने महिला व कमजोर वर्ग पर होने वाले अपराधों को लेकर कुछ जिलों में पुलिस की ढिलाई पर नाराजगी भी जाहिर की.

'सीमाओं का फायदा उठाते हैं अपराधी': सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा, विकसित भारत में पुलिस व्यवस्था की भागीदारी की संकल्पना के साथ इस कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है. वे बोले, आज अपराधी नई तकनीक का उपयोग कर रहे हैं. दो दिन के सम्मलेन में कई विषयों पर चर्चा होगी. प्रदेश में लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है. पांच राज्यों से सीमा लगती है. अपराधी इसका फायदा उठाते हैं. कानून व्यवस्था और शांति होने से अर्थव्यवस्था मजबूत होती है. जिससे विकास को गति मिलती है. कानून-व्यवस्था कमजोर होने से विकास पर भी सीधा असर पड़ता है.

सीएम बोले, दो साल में कानून व्यवस्था में हुआ सुधार (ETV Bharat Jaipur)

पढ़ें: पुलिस सम्मलेन में तकनीक आधारित पुलिसिंग पर होगा मंथन, काउंटर टेरेरिज्म और आतंरिक सुरक्षा पर भी होंगे सत्र

'बाहर से कोई गैंगस्टर राजस्थान में नहीं घुसे': उन्होंने कहा, पुलिस को अपराधियों से एक कदम आगे चलने के लिए अपराध नियंत्रण में तकनीक के उपयोग के बारे में सोचना होगा. उन्हें कैसे नियंत्रित कर सकते हैं. दो साल में कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है. हालांकि, अभी और आगे बढ़ने और नियंत्रित करने की जरूरत है. वे बोले, 2023 के मुकाबले हर तरह के अपराधों में कमी आई है. संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बाहर से कोई गैंगस्टर प्रदेश में नहीं आए और कोई गैंगस्टर आए तो वापस नहीं जाए.

पढ़ें: पुलिस सम्मलेन 8-9 जनवरी को, पुलिसिंग में तकनीक के इस्तेमाल और साइबर सुरक्षा पर होगा मंथन

'नशे के काले कारोबार पर लगे अंकुश': सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा, सोशल मीडिया पर गैंगस्टर के प्रति युवाओं की पोस्ट की स्क्रीनिंग कर समझाइश और कार्रवाई होनी चाहिए. नशे की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाना जरूरी है. यह संगठित अपराध को भी बढ़ावा देता है. मुंबई एटीएस और गुजरात एटीएस की प्रदेश में कार्रवाई सवालिया निशान लगती है. जबकि यह सूचना जिला पुलिस के पास होनी चाहिए थी. स्थानीय पुलिस कार्रवाई करती तो बेहतर संदेश जाता.

पढ़ें: साल 2026 में प्रदेश को नशामुक्त बनाने का संकल्प, डीजीपी बोले- युवाओं को नशे की गिरफ्त से दूर करना जिम्मेदारी

'ठगी इतनी कि मोबाइल से डरने लगे हैं लोग': सीएम ने लगातार बढ़ते साइबर अपराध पर चिंता जाहिर करते हुए कहा, साइबर अपराध पर पूरी तरह लगाम लगाना जरूरी है. डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए. ठगी के कारण लोगों को मोबाइल से डर लगने लगा है. उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि इन्वेस्टमेंट समिट में हुए 8 लाख करोड़ के एमओयू धरातल पर उतर रहे हैं. यहां आने वाले निवेशकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए.

'पर्यटकों की सुरक्षा के हो पुख्ता इंतजाम': सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा, सीएलजी की तरह पर्यटकों की सुरक्षा के लिए ग्रुप बनाए जाएंगे. अस्पताल और स्कूल से भी पुलिस साथी बनाए जाएंगे. हमें यह व्यवस्था करनी है कि लोग पुलिस के नजदीक आएं और अपराधी पुलिस से दूर हो. औद्योगिक इकाइयों के विरोध की संभावना पर भी ध्यान देना होगा. विरोध से निवेशकों में नकारात्मक छवि बनती है. संवेदनशीलता को पुलिसिंग में शामिल करना होगा. कुछ जिलों को बेहतर काम करने की जरूरत है.

'अच्छा काम करने वालों का सम्मान होना चाहिए': सीएम बोले, हर महीने की रिपोर्ट के आधार पर अच्छा काम करने वालों का सम्मान हो और लगातार कमजोर प्रदर्शन करने वालों की भी ग्रेडिंग होनी चाहिए. काम करने वालों और नहीं करने वालों को एक तराजू में नहीं तौल सकते हैं. पुलिस के अच्छे और बुरे काम का समाज पर असर होता है. उन्होंने 12 जनवरी को युवा दिवस के मौके पर युवाओं को पुलिस के साथ जोड़ने के लिए कुछ रचनात्मक पहल करने की भी अपील की और कहा, स्कूली बच्चों को थानों की विजिट करवाई जानी चाहिए.

'विकास के लिए मजबूत कानून व्यवस्था जरूरी': वहीं, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि दो दिन में अच्छी पुलिसिंग और आतंरिक सुरक्षा और चुनौतियों पर मंथन होगा. पीएम के विकसित भारत-2047 के संकल्प में राजस्थान का भी योगदान होगा और इसमें पुलिस का भी अहम योगदान होगा. विकास के लिए मजबूत कानून व्यवस्था और शांति जरूरी है. राजस्थान की पुलिस ने दो साल में अपने लक्ष्य को मजबूती से कायम किया है. अपराधों में गिरावट आई है. आतंरिक सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए राजस्थान पुलिस का नाम अग्रणी है.

ई-विजिटर पोर्टल ई-एफआईआर लॉन्च: इस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ई-विजिटर पोर्टल का लोकार्पण किया. पर्यटकों की सुरक्षा और अवांछित लोगों पर नकेल कसने के लिए यह पहल की गई है. जिसमें होटल संचालक ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट कर सकेंगे और पुलिस ऑनलाइन रिकॉर्ड देख सकेगी. वहीं, दस लाख से अधिक की साइबर ठगी होने पर ई-एफआईआर दर्ज होगी. इस संबंध में 1930 पर शिकायत दर्ज होने के साथ ही सीसीटीएनएस पोर्टल से अपने आप ई-एफआईआर दर्ज की जाएगी और संबंधित थाने में जांच के किए भेजी जाएगी. फिलहाल, यह व्यवस्था दिल्ली, चंडीगढ़ और मध्यप्रदेश में ही है.

I4C के सीईओ ने दिया प्रेजेंटेशन: पुलिस सम्मलेन के पहले दिन इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के सीईओ राजेश कुमार ने साइबर क्राइम की चुनौतियों और इससे निपटने की जरूरत को लेकर प्रेजेंटेशन दिया. उन्होंने कहा कि साइबर स्पेस का उपयोग कर किसी भी प्रकार का अपराध करना ही साइबर अपराध है. वे बोले, पारंपरिक संपत्ति संबंधी अपराध में लोग जितना पैसा गंवाते हैं. उतना ही पैसा आज लोग साइबर अपराध में गंवा रहे हैं. इससे मजबूती से लड़ने के लिए केंद्र की तर्ज पर स्टेट साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (S4C) का गठन करने का भी उन्होंने सुझाव दिया.

साइबर क्राइम में प्रदेश में 32 फीसदी रिकवरी: वहीं, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा, कि साइबर अपराध पूरे देश के लिए बड़ी चुनौती है. इससे निपटने के लिए सभी राज्यों की पुलिस काम कर रही है. साइबर क्राइम पर लगाम लगाने के लिए I4C एक विशिष्ट एजेंसी है. जिसके सीईओ राजेश कुमार को आज की कार्यशाला में बुलाने का अहम मकसद यही है कि देश में इसके लिए जो वर्किंग तय की गई है. उसकी जानकारी हमारे अधिकारियों को भी हो. अन्य राज्यों में क्या कदम उठाए जा रहे हैं. यह भी जानना जरूरी है. साइबर क्राइम में देश का रिकवरी प्रतिशत 19 है. जबकि राजस्थान का 32 फीसदी है. जो राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा है. राजस्थान पुलिस लगातार काम कर रही है. यह भी सही है कि अभी और काम करने की जरूरत है.