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Physiotherapist Protest : सरकार को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम, दिल्ली कूच करने की दी चेतावनी

सरकार को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम. दिल्ली कूच करने की दी चेतावनी, कहा- दिल्ली जाकर जंतर-मंतर पर बैठेंगे...

Jaipur Protest
जयपुर में फिजियोथेरेपिस्टों का प्रदर्शन (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : August 25, 2026 at 6:43 PM IST

5 Min Read
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जयपुर: प्रदेश भर के फिजियोथेरेपी चिकित्सकों ने राजधानी जयपुर में शहीद स्मारक पर अपनी लंबित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया. फिजियोथेरेपिस्टों का कहना है कि प्रदेश में करीब 20 से 25000 फिजियोथेरेपी चिकित्सक हैं. स्वास्थ्य व्यवस्था में फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका है. इसके बावजूद लंबे समय से कई मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है.

फिजियोथेरेपिस्ट सरकार से सम्मानजनक सेवा शर्तें, रोजगार के बेहतर अवसर, उचित पद एवं वेतनमान, कैडर से संबंधित समस्याओं का समाधान और फिजियोथेरेपी क्षेत्र की लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग कर रहे हैं. फिजियोथेरेपिस्ट ने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए दिल्ली कूच करने की चेतावनी दी है.

किसने क्या कहा, सुनिए... (ETV Bharat Jaipur)

फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. केशव चौधरी ने बताया कि पूरे राजस्थान से फिजियोथेरेपिस्ट जयपुर के शहीद स्मारक पर एकत्रित हुए हैं. फिजियोथेरेपिस्ट की विभिन्न मांगों को लेकर सरकार को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन 3 साल से कोई सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद आज धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. NCHP काउंसिल में चेयरपर्सन और मेंबर की नियुक्ति की जाए. इंटर्न करने वालो से शोषण करके पैसे भी लिए जा रहे हैं और उनसे काम भी करवाया जा रहा है.

सवाई मानसिंह अस्पताल में करीब 100 स्टूडेंट हैं. प्रति स्टूडेंट 25000 रुपये लिए जाते हैं. रुपए लेकर 8 से 10 घंटे काम भी करवाया जाता है. काम के बदले कोई स्थाई फंड नहीं दिया जाता है. मां योजना में फिजियोथेरेपिस्ट का कोई रोल नहीं है, जबकि माय योजना में गांव से जो पेशेंट आते हैं. उनकी भी फिजियोथेरेपी चालू हो. फिजियोथेरेपिस्ट की भर्ती नहीं हो रही है. पिछले 16 साल में करीब 70 पदों पर आरपीएससी की ओर से भर्ती निकाली गई है. राजस्थान में 25 से 30000 फिजियोथैरेपिस्ट है. इतने सालों में बहुत ही कम पड़ा पर भर्ती निकाली गई है.

दिल्ली कूच की दी चेतावनी : केशव चौधरी ने कहा कि बार-बार सरकार को अवगत कराने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. अब हम लोगों ने आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है. राजस्थान सरकार के खिलाफ पैदल मोर्चा खोलेंगे. दिल्ली जाकर जंतर मंतर पर बैठेंगे. सरकार से अपनी मांगें मनवा कर रहेंगे. मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री, प्रिंसिपल सेक्रेटरी को भी कई बार मांगों से अवगत करवाया गया है, लेकिन सरकार के कान में जूं भी नहीं रेंग रही है. हमने 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है. सरकार ने हमारी बातें नहीं मानी, तो हम दिल्ली कूच करेंगे.

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सभी सरकारी योजनाओं में फिजियोथेरेपिस्ट की सेवाएं दी जाए : फिजियोथेरेपी चिकित्सक डॉ. हेमंत कुमार गुर्जर ने बताया कि दूसरे विभागों की तरह फिजियोथेरेपिस्ट की वैकेंसी भी हर साल निकलनी चाहिए. कई सालों से नियमित रूप से फिजियोथेरेपिस्ट की भर्ती नहीं हो रही है. NCHP काउंसिल में चेयरपर्सन हमारे ही प्रोफेशन का होना चाहिए.

केंद्र में हमारे ही प्रोफेशन का चेयरपर्सन है, जबकि राजस्थान में ऐसा नहीं है. राजस्थान में किसी अन्य डिपार्टमेंट का चेयरपर्सन बना दिया गया. इसके अलावा मेंबर्स की नियुक्ति जल्दी से जल्दी की जाए. सभी सरकारी योजनाओं में फिजियोथेरेपिस्ट की सेवाएं दी जाए. सरकार की मां योजना में फिजियोथेरेपिस्ट को भारती नहीं किया गया है. ग्रामीण लोग फिजियोथेरेपिस्ट की सेवाओं से वंचित है. राजस्थान में ग्रामीण लोगों तक भी फिजियोथेरेपिस्ट की सेवाएं पहुंचनी चाहिए.

फिजियोथेरेपी चिकित्सकों की मांगें :

  • राजस्थान स्टेट एलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल का गठन किया जाए.
  • प्रदेश में CHC और PHC स्तर पर फिजियोथेरेपिस्ट के पद सृजित किया जाए.
  • राजस्थान की नई मेडिकल कॉलेज में सर्जित फिजियोथेरेपिस्ट की संविदा पोस्ट को नियमित पोस्ट में किया जाए.
  • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (Maa) योजना की सर्विस के अतंगर्त फिजियोथेरेपिस्ट की सुविधा शुरू की जाए, ताकि आमजन को ज्यादा से ज्यादा फिजियोथेरेपी चिकित्सा की सुविधा भी मिल सके.
  • राजस्थान में डिग्री होल्डर्स के लिये भर्ती नियम के साथ पे ग्रेड को अपडेट करके नए पद भी स्वीकृत किए जाएं.
  • फिजियोथेरेपिस्ट पद के वर्ग (कैडर) का पुनर्गठन कर नियमावली में संशोधन किया जाए, क्योंकि राजस्थान में फिजियोथेरेपिस्ट के नियम बनने के उस दिन से आज तक किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया गया है, जबकि दूसरे फील्ड के पदों के लिये (कैडर) और पे ग्रेड अपडेट कर दिए हैं.
  • सरकारी और प्राइवेट जगह पर इंटर्नशिप कर रहे छात्र-छात्राओं को स्टाइफंड दिया जाए.

शहीद स्मारक पर नर्सिंग कर्मियों का धरना प्रदर्शन : वहीं, नर्सिंग कर्मियों ने जयपुर के शहीद स्मारक पर अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया. नर्सिंग कर्मियों ने राजस्थान नर्सिंग काउंसिल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते हुए रजिस्ट्रार को हटाने और ACB जांच की मांग की. जयपुर में युवा जागृति मंच राजस्थान के बैनर तले धरना-प्रदर्शन कर मंच ने राजस्थान नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार जोइस कुरियन के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं.

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मंच ने मान्यता प्रक्रिया, नियुक्ति एवं भुगतान, निरीक्षण, निजी संस्थानों के पाठ्यक्रम और परिषद की फाइलों में कथित छेड़छाड़ समेत कई मामलों की जांच की मांग की है. मंच की मांग है कि रजिस्ट्रार को तत्काल पद से हटाकर पूरे कार्यकाल की ACB जांच कराई जाए और परिषद के मूल रिकॉर्ड, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन सुरक्षित किए जाएं. मंच ने 7 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है.