निकाय चुनाव: कांग्रेस की नई गाइडलाइन ने बढ़ाई दावेदारों की टेंशन, केवल अपने वार्ड से ही लड़ सकेंगे चुनाव
राजस्थान नगर निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस ने सख्त गाइडलाइन जारी की. अब दावेदार केवल अपने निवास वाले वार्ड से ही आवेदन कर सकेंगे.

Published : August 24, 2026 at 5:10 PM IST
जयपुर: प्रदेश में नगर निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं. 27 अगस्त से नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इसी को देखते हुए प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की खोजबीन तेज कर दी है. दोनों ही दल लगातार दावेदारों की रायशुमारी कर रहे हैं, लेकिन इसी बीच प्रदेश कांग्रेस की एक नई गाइडलाइन ने दावेदारों की टेंशन बढ़ा दी है.
प्रदेश कांग्रेस ने निकाय चुनाव के लिए गाइडलाइन तय की है कि जो जिस वार्ड का निवासी होगा, वह उसी वार्ड के लिए आवेदन कर सकेगा. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी इस संबंध में गाइडलाइन जारी करते हुए साफ निर्देश दिए हैं कि जो दावेदार जिस वार्ड का होगा, वह उसी वार्ड से दावेदारी कर सकेगा. अगर दूसरे वार्ड से दावेदारी की गई, तो उसकी दावेदारी पर विचार नहीं किया जाएगा. पार्टी के इस फैसले को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं भी तेज हैं, तो वहीं अब इस निर्णय ने दावेदारों की भी टेंशन बढ़ा दी है.
इसे भी पढ़ें- निकाय चुनाव 2026 : कुचामन-डीडवाना में सियासी सरगर्मी तेज, दावेदारों से मिल रहे कांग्रेस एवं भाजपा पदाधिकारी
इसलिए हो रहे हैं दूसरे वार्डों से आवेदन: हालांकि, निकाय चुनाव के लिए दूसरे वार्डों से दावेदार इसलिए आवेदन कर रहे हैं क्योंकि उदाहरण के तौर पर, अगर किसी दावेदार का वार्ड महिला, ओबीसी, एससी-एसटी के लिए आरक्षित हो गया है, तो सामान्य वर्ग का दावेदार अन्य वार्ड से दावेदारी कर रहा है. इसी तरीके से अन्य जातियों के लोग भी दावेदारी कर रहे हैं. इसी को देखते हुए पार्टी ने गाइडलाइन जारी की है, जिससे कि दावेदारों की संख्या भी सीमित हो जाए. हालांकि, पार्टी नेताओं का कहना है कि विशेष परिस्थितियों में ही वार्ड बदलने की परमिशन मिल सकती है, अगर उस वार्ड में कोई कांग्रेस का अन्य दावेदार नहीं है, तो फिर पार्टी वहां पर दूसरे वार्ड के दावेदार को मौका दे सकती है, लेकिन ऐसा एक-दो मामलों में ही संभव होगा.
वार्ड बदलने की परमिशन किसी को नहीं: इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी कहा कि वार्ड बदलने की परमिशन किसी को भी नहीं दी जाएगी, जिस वार्ड में जो पार्षद या दावेदार रहता है, उसको उसी वार्ड में महत्व दिया जाएगा, अगर कोई वर्तमान वार्ड पार्षद जीता हुआ है और वह दूसरे वार्ड में जाकर आवेदन करता है, तो यह गलत बात है. हर वार्ड में कांग्रेस का कार्यकर्ता है, जिन्हें मौका दिया जाएगा. महिलाओं को मौका दिया जाएगा, लेकिन हर वार्ड में कांग्रेस का कार्यकर्ता रहता है. अगर इधर का कार्यकर्ता उधर जाकर चुनाव लड़ेगा, तो वार्ड बदलने की परमिशन नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि जो कार्यकर्ता लोकसभा और विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी का झंडा पकड़ता है, उसे पूरा सम्मान मिलेगा. किसी भी कीमत पर वार्ड बदलने की परमिशन नहीं देंगे. इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और पार्टी को नुकसान होता है.
इसे भी पढ़ें- जयपुर से लौटे मेवाराम जैन का बयान, बोले- बाड़मेर कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं, एकजुट होकर जीतेंगे निकाय चुनाव
जयपुर में मिशन 100 के टारगेट के साथ कमेटियों का गठन: इधर जयपुर नगर निगम में कांग्रेस ने मिशन 100 के टारगेट का ऐलान कर दिया है और कई कमेटियों का गठन भी किया है. सुनील शर्मा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई कमेटियों का गठन किया. कैंपेन कमेटी के प्रमुख खुद सुनील शर्मा बने हैं, जबकि स्टीयरिंग कमेटी का अध्यक्ष पूर्व मंत्री प्रताप सिंह को बनाया गया है. अनुशासन समिति का अध्यक्ष विधायक अमीन कागजी और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का अध्यक्ष रफीक खान को बनाया गया है.
इसके अलावा राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष बी. एम. शर्मा को चुनाव घोषणा पत्र समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. सुनील शर्मा ने कहा कि जयपुर की जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस इसी बदलाव की उम्मीद के साथ नगर निगम चुनाव में उतरने जा रही है. उन्होंने कहा कि मिशन हंड्रेड महज एक नारा नहीं, बल्कि कांग्रेस के चुनावी लक्ष्य को दर्शाता है. जयपुर नगर निगम की कुल डेढ़ सौ सीटों में से कांग्रेस ने 100 सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है.
इसे भी पढ़ें- निकाय चुनाव: शहरी क्षेत्र में पिछड़ती रही है कांग्रेस, नगर निगम में अधिकांश बने भाजपा के बोर्ड
भाजपा के शासन से जनता त्रस्त: वहीं, कांग्रेस विधायक रफीक खान ने कहा कि जयपुर में जिस तरह का माहौल है, उससे जनता परेशान है. कचरे का पैसा अलग से चार्ज किया जा रहा है. स्मार्ट मीटर जबरदस्ती लगाए जा रहे हैं और पब्लिक त्रस्त है. सीवर लाइन ब्लॉक है, जिसके कारण सीवर का गंदा पानी पेयजल में मिलकर आ रहा है. जनता इन सभी समस्याओं से त्रस्त है, ऐसे में माहौल यह बना हुआ है कि हम 100 से ज्यादा सीटें जयपुर नगर निगम में जीतेंगे. कांग्रेस में दावेदारों की भीड़ उमड़ रही है. जो उत्साह नजर आ रहा है, उसे देखकर लगता है कि हम 100 सीटों से ज्यादा जीतकर आएंगे.
200 विधानसभा क्षेत्रों में लगाए चुनावी पर्यवेक्षक: इधर प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव पर्यवेक्षक लगाए हैं. चुनाव पर्यवेक्षकों को 24, 25 और 26 अगस्त को अपने प्रभार वाले विधानसभा क्षेत्रों में जाकर संगठनात्मक बैठकें लेने के निर्देश दिए गए हैं, और उसके बाद 27 अगस्त को अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.
इसे भी पढ़ें- खाचरियावास बोले, 'कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए नेताओं को टिकट दिया, तो ऐसा बम फोडूंगा कि...'

