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कोर्ट की खबरें : जल जीवन मिशन के एसीबी केस में महेश जोशी और बडाया को जमानत नहीं, अतिक्रमण पर हाईकोर्ट सख्त

महेश जोशी और संजय बडाया को जमानत देने से कोर्टा का इनकार. अतिक्रमण नहीं हटाने पर जेडीए प्रवर्तन अधिकारी से पूछा सवाल...

ACB Special Court
एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 (ETV Bharat File Photo)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : July 6, 2026 at 9:56 PM IST

3 Min Read
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जयपुर: एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 ने जल जीवन मिशन घोटाले से जुड़े एसीबी केस में तत्कालीन जलदाय मंत्री महेश जोशी और उसके सहयोगी संजय बडाया को जमानत देने से इनकार कर दिया है. पीठासीन अधिकारी राजेश कुमार ने अपने आदेश में कहा कि आरोप पत्र के अनुसार आरोपी जोशी ने अपने पदीय कर्तव्यों का दुरुपयोग कर अपराध को अंजाम दिया है. जिससे आमजन के विश्वास के साथ आघात हुआ है. प्रकरण में अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है. ऐसे में आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता.

जमानत याचिका में कहा गया कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के करीब डेढ़ साल बाद उसे गिरफ्तार किया गया. वहीं, वह ईडी से जुड़े मामले में अप्रैल, 2025 से दिसंबर, 2025 तक अभिरक्षा में रहा और इस दौरान धारा 17ए की अप्रूवल भी ली गई थी, लेकिन उसे अभिरक्षा में लेने का एसीबी ने प्रयास नहीं किया. प्रकरण में उसे राजनीतिक द्वेषता से फंसाया गया है. वह संबंधित टेंडर की बिड एवेल्यूएशन समिति व वित्त समिति का सदस्य भी नहीं था. सारा काम प्रशासनिक अधिकारियों ने किया था.

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प्रकरण में आरोप पत्र पेश हो चुका है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जाए, जिसका विरोध करते हुए विशेष लोक अभियोजक मंजुला जैन ने कहा कि आरोपी विभाग का मुखिया था और अन्य आरोपियों से मिलीभगत कर ऊंची दरों पर टेंडर जारी कराए और करीब 900 करोड़ रुपए का राजकोष को नुकसान पहुंचाया. ऐसे में आरोपी को जमानत नहीं दी जाए. जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है.

हाईकोर्ट ने पूछा- जेडीए प्रवर्तन अधिकारी हाजिर होकर बताएं कि अतिक्रमण क्यों नहीं हटाए ? : राजस्थान हाईकोर्ट ने पीआरएन के जोन 18 व 19 में हाईटेंशन लाइन के बीच की 18 मीटर जगह पर हुए अतिक्रमणों को गंभीरता से लेते हुए जेडीए प्रवर्तन अधिकारी को 23 जुलाई को रिकॉर्ड सहित हाजिर होने का निर्देश दिया है. खंडपीठ ने प्रवर्तन अधिकारी से पूछा है कि अतिक्रमण हटाने के लिए उन्हें कितनी शिकायतें मिली, उन पर क्या कार्रवाई हुई और अतिक्रमणों को क्यों नहीं हटाया गया. एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा व जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश साहेब सिंह की जनहित याचिका पर दिया.

Rajasthan High Court
राजस्थान हाईकोर्ट (ETV Bharat File Photo)

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याचिका में अधिवक्ता रामरख शर्मा ने बताया कि प्रार्थी स्थानीय कॉलोनी का निवासी है. जोन 18 व 19 में हाईटेंशन लाइन के दोनों ओर 60 फीट की सेक्टर रोड है. इस रोड पर लोगों ने 20-30 फीट तक अतिक्रमण कर रखे हैं. इसके अलावा हाईटेंशन लाइन के बीच की जगह पर भी लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है. वहां पर रिहायशी एरिया में ही व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं. इस अतिक्रमण को हटाने के लिए जेडीए के अफसरों से कई बार शिकायत की, लेकिन मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं हुई. इसलिए सार्वजनिक जगह से अतिक्रमणों को हटवाया जाए. जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने प्रवर्तन अधिकारी को तलब किया है.