हाईकोर्ट की सख्ती: राजाखेड़ा में चारागाह व वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश, अफसरों को दी FIR की छूट
हाईकोर्ट ने राजाखेड़ा में चारागाह व वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं .

Published : July 9, 2026 at 7:15 AM IST
जयपुर : राजस्थान हाईकोर्ट ने धौलपुर जिले के राजाखेड़ा की ग्राम पंचायत बाजना में चारागाह व वन भूमि पर हो रखे अतिक्रमणों के खिलाफ सख्ती दिखाई है. इसके साथ ही अदालत ने संबंधित अफसरों को कहा है कि वे चाहे तो अतिक्रमियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे और उनकी गिरफ्तारी करें, लेकिन अतिक्रमण हटाए जाने चाहिए. वहीं खंडपीठ ने अतिक्रमण हटाकर दो सप्ताह में पालना रिपोर्ट पेश करने को कहा है. एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा व जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश रामनिवास की जनहित याचिका पर दिए.
सुनवाई के दौरान राजाखेड़ा, धौलपुर की उपखंड अधिकारी सुशीला मीणा ने अदालत में उपस्थित होकर माना कि जमीन के बडे हिस्से पर अतिक्रमण किया गया है. इसमें से कुछ अतिक्रमण हटा दिए हैं, लेकिन बाकी अतिक्रमण को भी हटाना है.
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मामले से जुड़े अधिवक्ता प्रेम चन्द देवन्दा व राहुल सिंह चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत बाजना के चार गांवों की करीब 600 बीघा से ज्यादा चारागाह भूमि और वन भूमि पर प्रभावशाली असामाजिक व्यक्तियों ने अतिक्रमण कर रखा है. यह भूमि गांव के मवेशियों के चारागाह, सार्वजनिक उपयोग और पर्यावरणीय संरक्षण के लिए आरक्षित है, लेकिन अतिक्रमण के कारण ग्रामवासियों, पशुपालकों और सार्वजनिक हित को नुकसान पहुंच रहा है. चारागाह भूमि और वन भूमि सार्वजनिक संपत्ति है तथा ऐसी भूमि पर निजी व्यक्तियों का कब्जा पूर्णत: अवैध है. अतिक्रमण की बार-बार शिकायतों के बावजूद संबंधित अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की है.
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