EC Guidelines : नगरीय निकाय चुनाव में खर्च की सीमा तय, नगर परिषद पार्षद की खर्च सीमा बढ़ी, निगम और पालिका यथावत
Rajasthan Local Body Elections- राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर परिषद पार्षद प्रत्याशी की खर्च सीमा बढ़ाई है. निकाय चुनाव को लेकर जानिए बड़ा अपडेट...

Published : August 7, 2026 at 7:38 PM IST
जयपुर: राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के चुनावी खर्च और प्रचार-प्रसार को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं. आयोग ने नगर परिषद पार्षद के खर्च सीमा 2 लाख से बढ़ा कर ढाई लाख किया, जबकि निगम और पालिका यथावत रखी है.
आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा की ओर से जारी आदेश के अनुसार नगर निगम पार्षद प्रत्याशी अधिकतम 3.50 लाख रुपये, नगर परिषद पार्षद प्रत्याशी 2.50 लाख रुपये और नगरपालिका सदस्य प्रत्याशी अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक चुनावी खर्च कर सकेंगे. आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्याशियों को निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करने की अनुमति नहीं होगी. पूर्व में दिसम्बर 2025 में यह खर्च सीमा बधाई थी, जिसके बाद केवल नगर परिषद सदस्य पद के लिए 50 हजार बढ़ाई है.
15 दिन के भीतर देना होगा विवरण : आयोग ने चुनावी खर्च का पूरा लेखा-जोखा रखने को अनिवार्य किया है. चुनाव परिणाम घोषित होने के 15 दिन के भीतर प्रत्याशी को चुनावी खर्च का विवरण निर्धारित प्रारूप में संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी या अधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा. प्राप्त लेखे को कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर तीन दिन तक प्रदर्शित किया जाएगा और इसके बाद अगले सात दिन में कोई भी व्यक्ति उस खर्च को लेकर आपत्ति दर्ज करा सकेगा.
वाहनों के इस्तेमाल पर भी कड़ी पाबंदी : आदेश में चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों के इस्तेमाल को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं. चुनाव अधिसूचना जारी होने से निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक बस, ट्रक, मिनी बस, मैटाडोर तथा पशुचालित वाहनों का चुनाव प्रचार या चुनाव संबंधी यात्रा में इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. अन्य वाहनों के लिए भी संख्या तय की गई है. नगर निगम पार्षद प्रत्याशी अधिकतम तीन वाहन, नगर परिषद पार्षद प्रत्याशी दो वाहन और नगरपालिका सदस्य प्रत्याशी एक वाहन इस्तेमाल कर सकेंगे. वाहन के इस्तेमाल से कम से कम 24 घंटे पहले उसकी संख्या, प्रकार, चालक का नाम और पता संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को देना होगा. आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित संख्या से अधिक वाहनों के साथ रैली या काफिला नहीं निकाला जा सकेगा. मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले ऐसी रैली या काफिला पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
लाउडस्पीकर और प्रचार सामग्री पर भी नियंत्रण : चुनाव कार्यालय से प्रचार के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले तथा अस्पताल, स्कूल और धार्मिक स्थलों की 100 मीटर की परिधि में भी लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी. अन्य परिस्थितियों में लाउडस्पीकर के लिए जिला मजिस्ट्रेट, उपखंड मजिस्ट्रेट या सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति आवश्यक होगी और इसका इस्तेमाल सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही किया जा सकेगा.
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कट-आउट, होर्डिंग, पोस्टर और बैनर लगाने के लिए भी आयोग ने नियम निर्धारित किए हैं. सार्वजनिक या निजी स्थान पर प्रचार सामग्री लगाने के दौरान संबंधित कानूनों का पालन करना होगा. निजी संपत्ति पर प्रचार सामग्री लगाने से पहले संपत्ति मालिक की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा. मतदान केंद्र भवन की 200 मीटर की परिधि में पोस्टर, बैनर या अन्य प्रचार सामग्री प्रदर्शित नहीं की जा सकेगी.
आचार संहिता के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई : राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित प्रत्याशी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. शिकायत मिलने पर जिला निर्वाचन अधिकारी या अधिकृत अधिकारी जांच कर सकता है और मामला प्रमाणित होने पर आगे कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारी को भेजा जाएगा. आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को निर्देश दिया है कि चुनाव प्रचार में निर्धारित खर्च सीमा, वाहनों की संख्या, लाउडस्पीकर और प्रचार सामग्री से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करें. आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसके जरिए नगरीय निकाय चुनावों में पारदर्शी, नियंत्रित और निष्पक्ष चुनाव प्रचार व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है.

