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रंधावा-शाह मुलाकात : राजस्थान कांग्रेस प्रभारी बोले- इसे राजनीतिक चश्मे से देखना गलत

पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष नहीं बनाए जाने को लेकर नाराज चल रहे हैं रंधावा ? गहलोत और डोटासरा भी बचाव में उतरे. जानिए पूरा मामला...

Randhawa meet Amit Shah
सुखजिंदर सिंह रंधावा और अमित शाह (ETV Bharat File Photo)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : July 3, 2026 at 8:49 PM IST

4 Min Read
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जयपुर: राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी और लोकसभा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा कि शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात सियासी हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है. दोनों के बीच करीब 15 मिनट से ज्यादा बातचीत के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. हालांकि, स्वयं रंधावा ने इस मुलाकात के राजनीतिक मायने निकाले जाने को गलत करार दिया है.

उनका कहना है कि इसके किसी भी तरह के राजनीतिक अर्थ नहीं निकलना चाहिए. वहीं, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी रंधावा के बचाव में उतरे हैं.

पीसीसी अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से नाराज हैं रंधावा ? : इधर कांग्रेस हलकों में चल रही चर्चाओं की मानें तो राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा पंजाबी में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनने के लिए प्रयास कर रहे थे, लेकिन पार्टी हाई कमान ने मौजूदा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पर ही अपना भरोसा व्यक्त किया. इसके बाद रंधावा अंदर खाने नाराज चल रहे थे. अमित शाह से रंधावा की इस मुलाकात को भी इस नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है. रंधावा पंजाब में पूर्ववर्ती कैप्टन अमरिंदर सिंह और चरणजीत सिंह चन्नी सरकार में गृहमंत्री रह चुके हैं.

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मुलाकात के बाद यह बोले रंधावा : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद नाराजगी की चल रही चर्चाओं को लेकर सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- मेरी केंद्रीय गृह मंत्री से हुई मुलाकात को लेकर मीडिया के कुछ वर्गों की ओर से दिए जा रहे भ्रामक और शरारतपूर्ण राजनीतिक रंग का स्पष्ट रूप से खंडन करता हूं.

यह बैठक पहले से निर्धारित थी और पंजाब राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति के संबंध में मेरे द्वारा दिए गए प्रतिवेदन पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी. इस मुलाकात को राजनीतिक चश्मे से देखने या उसका गलत अर्थ निकालने का कोई आधार नहीं है. इस प्रकार की अटकलें पूरी तरह निराधार, भ्रामक और तथ्यों से परे हैं. मैं मीडिया से आग्रह करता हूं कि वह जिम्मेदारी के साथ तथ्यपरक रिपोर्टिंग करें तथा निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित अटकलों से परहेज करें.

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गहलोत और डोटासरा ने भी किया बचाव : वहीं, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रंधावा का बचाव करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- सुखजिंदर सिंह रंधावा का परिवार पंजाब के सबसे सम्मानित परिवारों में से एक है. उनके पिता एवं पूर्व पंजाब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष संतोख सिंह रंधावा ने पंजाब में अशांति के समय बिना डरे देश की एकता, अखंडता का खुलकर पक्ष लिया. वह उन गिने-चुने राजनेताओं में से थे, जिन्होंने उग्रवाद के खिलाफ सार्वजनिक मंचों से आवाज उठाई.

अपने पिता की इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी हमेशा देशविरोधी ताकतों के खिलाफ बेहद सख्त रवैया अपनाया है. पंजाब के गृह मंत्री के रूप में उन्होंने ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई भी की. जाहिर है, देशहित में खड़े रहने के कारण उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिलती रही हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पूरी तरह से सरकार की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है. इस गंभीर विषय को लेकर यदि वे केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात करते हैं, तो एक सामान्य और आवश्यक प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देना या उसका गलत प्रचार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पंजाब की कानून-व्यवस्था एवं सीमावर्ती इलाकों में शांति व सुरक्षा से जुड़े विषय किसी दल की नहीं, पूरे देश की जिम्मेदारी है. पंजाब की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में गृह मंत्री रहते हुए सुखजिंदर सिंह रंधावा के द्वारा देश-विरोधी ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने एवं राष्ट्रहित के मुद्दे पर उनका लगातार विरोध करने के कारण रंधावा परिवार को लंबे से समय से धमकियां मिलती रही है. इन्हीं गंभीर विषयों को लेकर आज सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है. इसे राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय राष्ट्रीय सुरक्षा के व्यापक संदर्भ में समझा जाना चाहिए.