राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले: जनवरी में चलेगी पचपदरा रिफाइनरी, AI नीति और वाहन स्क्रैपिंग को मंजूरी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए. वाहन स्क्रैपिंग नीति, एआई-एमएल पॉलिसी से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिली.

Published : December 30, 2025 at 9:34 PM IST
जयपुर: राजस्थान के लिए अच्छी खबर है. रिफाइनरी का इंतजार खत्म होने जा रहा है. नए साल में मलमास के बाद पीएम नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ये निर्णय किया गया. बैठक में राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025, राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी-2026, ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025 और कर्मचारी भत्तों तथा सेवा नियमों में संशोधन जैसे निर्णय भी किए गए.
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने प्रेसवार्ता में बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में रिफाइनरी का कार्य पूर्णता की ओर तेजी से बढ़ा है. परियोजना की लागत में द्वितीय संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) द्वारा प्रस्तुत संशोधित प्रस्ताव का मूल्यांकन भारत सरकार के उपक्रम 'मेकॉन लिमिटेड' से करवाया गया था. एक समिति ने इस रिपोर्ट की समीक्षा के बाद सिफारिश की थी. अब परियोजना की लागत 6,522 करोड़ रुपए से बढ़कर 79,459 करोड़ रुपए हो गई है.
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राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025: उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि इस नीति का उद्देश्य सड़क पर चलने में अयोग्य एवं प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाना है. नीति के तहत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटीज (आरवीएसएफ) की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां स्क्रैपिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, डिजिटल और ट्रेस योग्य होगी. इस नीति के तहत 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन, फिटनेस-पंजीकरण रहित वाहन, दुर्घटनाग्रस्त वाहन, नीलामी के कबाड़ वाहन या स्वेच्छा से स्क्रैप किए जाने वाले वाहन हटेंगे. स्क्रैप सर्टिफिकेट (सीओडी) मिलने पर नया वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर में 50% तक (अधिकतम 1 लाख रुपए) की छूट मिलेगी. स्क्रैप किए गए वाहन का चेसिस नंबर 6 महीने स्क्रैपर के पास और उसके बाद 18 महीने जिला परिवहन अधिकारी के पास सेफ कस्टडी में रखा जाएगा.
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राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी-2026: कैबिनेट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) के जिम्मेदार व सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को भी मंजूरी दी. इसका उद्देश्य सार्वजनिक सेवा वितरण को तेज, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना तथा नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है. इसमें प्रत्येक विभाग एक एआई नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा. एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा. स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कॉलेजों में एआई शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा. युवाओं, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे.
आज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश को निवेश नवाचार के उभरते केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से 'राजस्थान एआई/एमएल पॉलिसी - 2026' का अनुमोदन किया गया। #आपणो_अग्रणी_राजस्थान #CabinetDecision pic.twitter.com/ulw8NHHS6T
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) December 30, 2025
ग्रीन क्रेडिट वाउचर योजना: हरित विकास को आर्थिक प्रोत्साहन देने के लिए यह योजना लाई जाएगी. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने बताया कि 'ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025' को मंजूरी मिली है. इस योजना में पात्र निवेशकों को ग्रीन क्रेडिट वाउचर जारी किए जाएंगे. ये ग्रीन वाउचर 1 करोड़ रुपए तक के हरित निवेश पर 5 प्रतिशत और 10 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर 10 प्रतिशत (अधिकतम 2.50 करोड़ रुपए) तक मूल्य के होंगे. शहरी स्थानीय निकायों को भी स्वयं के संसाधनों से वित्त पोषित परियोजनाओं पर ग्रीन वाउचर जारी किए जाएंगे.
राजस्व लेखा सेवा नियम: 'राजस्थान राजस्व लेखा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम-2025' को मंजूरी दी गई. नवीन सेवा नियमों के लागू होने से राजस्व लेखा संवर्ग के तहसील राजस्व लेखाकार के पद पर भर्ती होने वाले कार्मिकों को सहायक राजस्व लेखा अधिकारी ग्रेड-2, सहायक राजस्व लेखा अधिकारी ग्रेड-1 के अधीनस्थ सेवा के पदों एवं राजस्व लेखाधिकारी के पद पर राज्य सेवा में पदोन्नति के समुचित अवसर अनुभव एवं पात्रता अनुसार क्रमबद्ध रूप से प्राप्त हो सकेंगे.
विशेष भत्ता बढ़ोतरी: राज्य विशेष शाखा (स्पेशल सिक्योरिटी विंग) के कर्मचारियों का विशेष भत्ता मूल वेतन के 15% से बढ़ाकर 25% कर दिया गया है. इसके लिए राजस्थान सिविल सेवा (राज्य विशेष शाखा में व्यक्तियों की नियुक्ति के लिए विशेष चयन एवं सेवा की विशेष शर्तें) नियम, 2012 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई है. संशोधित दर को 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी माना जाएगा.
विधानसभा सचिवालय भर्ती नियमों में संशोधन: मार्शल, अतिरिक्त मार्शल और उप मार्शल के पदों पर अब राज्य पुलिस सेवा के अलावा सैनिक एवं अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति, स्थानांतरण हो सकेगा. इसके लिए राजस्थान विधानसभा सचिवालय (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 1992 में संशोधन की कैबिनेट में स्वीकृति प्रदान की गई. संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत मार्शल, अतिरिक्त मार्शल एवं उप मार्शल के पदों पर क्रमशः राजस्थान पुलिस सेवा के एल-19, एल-16 एवं एल-14 पे लेवल के अधिकारियों अथवा सैनिक एवं अर्द्ध सैन्य बल सेवा के एक पे लेवल कम या समकक्ष पे लेवल के 45 वर्ष से कम आयु के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, स्थानांतरण अथवा विशेष चयन के माध्यम से भर्ती की जाएगी .

