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​राजस्थान विधानसभा: नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या पर हंगामा, मंत्री को देना पड़ा जवाब

नेता प्रतिपक्ष जूली ने आरोप लगाया कि वर्तमान में 11 हजार से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं हुई हैं. रोजाना 15 मामले सामने आ रहे हैं.

Rajasthan Assembly
​राजस्थान विधानसभा (Courtesy: Rajasthan Vidhansabha)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 23, 2026 at 2:50 PM IST

4 Min Read
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जोधपुर: राज्य विधानसभा में सोमवार को शून्यकाल के दौरान स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर ने बीकानेर जिले में आठ साल की एक बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या का मामला उठाया. इस मुद्दे को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ.

स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए विधायक गेदर ने बताया कि कोलायत उपखंड क्षेत्र के एक गांव से बोर्ड की परीक्षा देने जा रही बालिका के साथ रास्ते में दरिंदगी की गई और उसकी हत्या कर दी गई. उन्होंने कहा कि यह घटना थाने से महज दो सौ मीटर दूर हुई, जबकि स्कूल के पास ही शराब का ठेका संचालित है. उन्होंने आरोप लगाया कि सीमावर्ती क्षेत्र में नशे का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी सहित स्थानीय लोग तीन दिन से मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हैं और आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. इस दौरान सदन में गृह मंत्री, संसदीय कार्य मंत्री और सचेतक मौजूद नहीं थे, जिस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कड़ी आपत्ति जताई और तत्काल जवाब देने की मांग की. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप करते हुए जवाब देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला कुछ देर के लिए शांत हुआ.

राजस्थान विधानसभा में बोलते जनप्रतिनिधि (Rajasthan Assembly)

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चालीस मिनट बाद गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने सदन में इस मामले पर जवाब दिया. उन्होंने बताया कि पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया है. संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और पूर्व में ऐसे अपराध कर चुके आरोपियों से भी पूछताछ की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और सभी तकनीकी पहलुओं पर गहनता से अनुसंधान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.

प्रदेश में दुष्कर्म के रोजाना 15 मामले: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में 11 हजार से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं हुई हैं और रोजाना औसतन 15 मामले सामने आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था पर ध्यान देते तो इस मासूम की जान नहीं जाती. इस पर फिर से हंगामा खड़ा हो गया. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि इस तरह की संवेदनशील घटना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. गृह राज्य मंत्री बेढम ने भी नेता प्रतिपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया. दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही. इसी बीच अजमेद दक्षिण से भाजपा विधायक अनिता भदेल ने अपना स्थगन प्रस्ताव पढ़ना शुरू कर दिया, जिसका जवाब मंत्री बेढम ने दिया.

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प्रेम विवाह में माता-पिता की अनुमति जरूरी: आहोर विधायक छगन सिंह राजपुरोहित ने प्रेम विवाह के मामलों में माता-पिता की सहमति अनिवार्य किए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि 18 से 25 वर्ष की आयु के बीच प्रेम विवाह में अभिभावकों की अनुमति अनिवार्य की जाए, जिससे सामाजिक और पारिवारिक ताना-बाना सुरक्षित रहे.

ओबीसी को राजनीतिक आरक्षण मिले: बानसूर विधायक देवी सिंह शेखावत ने 'जितनी आबादी उतनी भागीदारी' के सिद्धांत पर ओबीसी को राजनीतिक आरक्षण देने की मांग की. उन्होंने ज्योतिबा फुले बोर्ड को आर्थिक अधिकार देने की भी बात कही. हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने वेद विद्यालयों के शिक्षकों के वेतन में संशोधन और इनके सुदृढ़ीकरण का मुद्दा उठाया.

महाराणा प्रताप को मिले सम्मान: पाली विधायक भीमराज भाटी ने महाराणा प्रताप की जन्मस्थली पाली स्थित जूनी कचहरी को विकसित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 में इसे आधिकारिक रूप से जन्मस्थल घोषित किया गया था और यहां मूर्ति भी स्थापित की जा चुकी है, अब इस स्थल को उचित सम्मान दिलाने के लिए विकसित किया जाए.