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'विधानसभा में वंदे मातरम गैलरी बनाई गई ताकि नई पीढ़ी इसके महत्व से परिचित हो' : वासुदेव देवनानी

उदयपुर आए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने ईटीवी भारत से खास बातचीत की...

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी (ETV Bharat Udaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 4, 2026 at 12:14 PM IST

5 Min Read
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उदयपुर : उदयपुर दौरे पर आए राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने ईटीवी भारत से खास बातचीत में आगामी विधानसभा सत्र और विधानसभा में किए गए नवाचारों को लेकर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आने वाला सत्र बजट सत्र होगा और इसे बुलाने की घोषणा जल्द की जाएगी. विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी. इसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी. सत्र के दौरान बजट पेश होगा, उस पर विस्तृत बहस होगी और डिमांड फॉर ग्रांट्स पर भी चर्चा की जाएगी.

सदन के भीतर क्या कुछ किए गए बदलाव : उन्होंने बताया कि फरवरी माह का अधिकांश समय बजट सत्र की कार्यवाही में व्यतीत होगा. यदि सरकार कोई विधेयक लाती है तो उस पर भी सदन में विचार किया जाएगा. विधानसभा परिसर में म्यूजियम गैलरी को लेकर देवनानी ने कहा कि पहले इसे सीमित लोगों ने देखा था, लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए जन दर्शन के नाम से आमजन के लिए खोल दिया गया है. प्रदेशभर से विद्यार्थी, अधिकारी, डॉक्टर, चार्टर्ड अकाउंटेंट सहित विभिन्न वर्गों के लोग इसे देखने आ रहे हैं. इस म्यूजियम में वर्ष 1952 से अब तक का विधानसभा इतिहास दर्शाया गया है. पिछले डेढ़ साल में करीब 26 हजार लोग म्यूजियम का अवलोकन कर चुके हैं.

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म्यूजियम में किए गए यह नवाचार : उन्होंने बताया कि समय-समय पर म्यूजियम में बदलाव किए जा रहे हैं. गत वर्ष संविधान गैलरी बनाई गई, जिसमें संविधान के 22 अध्यायों को प्रदर्शित किया गया है. विधानसभा में हर साल संविधान दिवस मनाया जाता है. इस बार इसमें बदलाव करते हुए लॉ कॉलेज के विद्यार्थियों और वकीलों को आमंत्रित किया गया, ताकि उन्हें संवैधानिक परंपराओं की जानकारी मिल सके. देवनानी ने कहा कि जो लोग संविधान खतरे में होने की बात करते हैं, वे जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं. भारत का संविधान पूरी तरह सुरक्षित है.

विधानसभा में वंदे मातरम गैलरी : विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि हाल ही में विधानसभा में वंदे मातरम गैलरी बनाई गई है, जिसमें 38 चित्रों के माध्यम से वंदे मातरम के इतिहास को दर्शाया गया है. इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को इसके महत्व से परिचित कराना है. इसके अलावा विधानसभा की ओर से पारित कैलेंडर में भी वंदे मातरम का पूरा वर्णन शामिल किया गया है, ताकि विधानसभा म्यूजियम का अधिकतम उपयोग हो सके.

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व्यवस्थागत सुधारों पर देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधानसभा बनने के बाद पहली बार ऐसी व्यवस्था की गई है, जिससे 200 विधायक एक साथ आसानी से बैठ सकें. इसके लिए वास्तु के अनुसार परिवर्तन किए गए हैं. पहले सभी व्यवस्थाएं एक ही गेट से होती थीं, लेकिन अब कांस्टीट्यूशन क्लब शुरू होने से सुविधा बढ़ी है. विधानसभा परिसर में शौर्य, हर्बल और नक्षत्र नाम की तीन वाटिकाएं भी विकसित की जा रही हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण में विधानसभा की सहभागिता सुनिश्चित हो सके. साथ ही डिजिटल सिग्नेचर की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे कागज की बचत के साथ कामकाज में भी सुधार हुआ है.

विधानसभा में युवा संसद को लेकर क्या रिस्पांस : युवा संसद को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में चार युवा संसद आयोजित की जा चुकी है. इन आयोजनों में युवाओं ने मंत्रियों और विधायकों से गंभीर और सार्थक सवाल पूछे, जिनसे उनकी प्रतिभा सामने आई. कई ऐसे मुद्दे उठे, जो सामान्यत ध्यान में नहीं आते. उन्होंने कहा कि युवा संसद एक प्रभावी और उपयोगी पहल साबित हुई है. आगामी दिनों में महिला संसद बुलाने को लेकर भी चर्चा चल रही है. साथ ही राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, जिसके लिए विशेष कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है.

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विधायकों का मामला सदाचार समिति के पास : विधायकों की ओर से विधानसभा में लगाए गए सवालों के समय पर जवाब सुनिश्चित करने को लेकर भी काम किया जा रहा है. इस संबंध में अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं और बैठक भी बुलाई गई है. 15 जनवरी तक सभी सवालों के उत्तर देने के निर्देश दिए गए हैं. तीन विधायकों से जुड़े स्टिंग मामले पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह मामला सदाचार समिति के पास है. समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही इसे सदन में प्रस्तुत किया जाएगा. इससे पहले इस पर किसी भी तरह की सार्वजनिक चर्चा नहीं की जा सकती.