गहलोत बोले- '2 साल बनाम 5 साल' का मजाक बना रखा है, राठौड़ ने कहा- सदन से दुम दबाकर भागे
अशोक गहलोत ने विधानसभा में गृह विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा नहीं करने पर भी उठाए सवाल. राठौड़ बोले- सदन से दुम दबाकर भागे...

Published : February 23, 2026 at 2:58 PM IST
जयपुर: '2 साल बनाम 5' साल की चर्चा को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सवाल खड़े किए हैं. गहलोत ने कहा कि 2 साल बनाम 5 साल की चर्चा का मजाक बना रखा है. आजादी के बाद से लेकर अब तक किसी भी सरकार ने ऐसी मूर्खता वाला बयान नहीं दिया है. गहलोत ने सोमवार को विधानसभा में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि 2 साल बनाम 5 साल की बात बेतुकी है, फिर भी सरकार ने पहले तो इस पर हां भरी फिर कहा कि हम तो प्रतिवेदन पर चर्चा करेंगे. वहीं, राठौड़ ने गहलोत पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस राज में दड़बों में मेडिकल कॉलेज चलते थे.
गहलोत ने कहा कि न तो केंद्र में और न कभी राज्यों में इस तरह से सदन में चर्चा हुई है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के 2 साल के शासन को लेकर प्रदेश में क्या स्थिति है, इस पर बात होनी चाहिए. मैंने पहले भी मुख्यमंत्री को कहा है कि वो इस बारे में जनता के बीच जाएं और उनसे फीडबैक लें कि जनता उनके काम को लेकर क्या सोचती है. सरकार की स्थिति बहुत खराब है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आंकड़े पेश कर रही है, लेकिन उनमें बहुत सारे काम तो हमारी सरकार के समय स्वीकृत हुए थे. उन्होंने कहा कि हमने घोषणा की, उनकी वित्तीय स्वीकृति जारी की. उनके टेंडर जारी किए और काम शुरू हो गया और उन आंकड़ों को अधिकारियों ने लिखकर सरकार को दे दिया. जबकि वो काम तो हमारी सरकार में शुरू हुए थे. गहलोत ने कहा कि हमने कोचिंग हब बनाया था.
उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं को हमने शुरू किया था उन्हें बंद कर दिया गया और कई योजनाएं तो ऐसी हैं जो बनकर तैयार हैं, लेकिन उन्हें शुरू नहीं किया जा रहा है. कई काम अधूरे पड़े हुए हैं. अगर यह काम पूरे होते हैं तो जनता को और युवाओं को इसका लाभ मिलेगा.
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प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि विपक्ष मुक्त भारत बनाएंगे : पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि आज देश किस दिशा में जा रहा है. बहुत चिंता की बात है. लोकतंत्र कमजोर हो रहा है. चुनाव आयोग, न्यायपालिका और ब्यूरोक्रेसी दबाव में काम कर रही हैं. रूस और चीन में भी चुनाव होते हैं, लेकिन वहां 50 साल में एक बार चुनाव होते हैं, वैसी स्थिति भारत में करने की कोशिश की जा रही है.
गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले कहते थे कि कांग्रेस मुक्त भारत बनाएंगे, लेकिन अब कह रहे हैं कि विपक्ष मुक्त भारत बनाएंगे. जब देश में विपक्ष नहीं रहेगा तो फिर सत्ता पक्ष का होना भी कोई तुक नहीं है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे समय में भी संसद में गतिरोध होता था. एक बार 18 दिन तक सदन की कार्यवाही नहीं चली, तब हमने विपक्ष के किसी भी सांसद को निलंबित नहीं किया था. जब सदन नहीं चलता था, तब हमारे संसदीय कार्य मंत्री विपक्षी सांसदों के पास जाते थे और उनसे बात करते थे और उन्हें मनाते थे और उसके बाद लोकसभा स्पीकर के कक्ष में भी चर्चा होती थी और फिर सदन की कार्यवाही शुरू होती थी.
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संसदीय कार्य मंत्री ने राहुल गांधी को राष्ट्र के लिए खतरा बताया : गहलोत ने संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू के बयान पर भी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को देश के लिए खतरा बता रहे हैं. इसलिए इस तरह लोगों का हौसला बढ़ता है कि एक लड़का राहुल गांधी को गोली मारने की बात करता है.
पूर्व सीएम ने कहा कि आज देश में जो माहौल बन रहा है, यही माहौल तब भी बनाया गया था जब देश के टुकड़े हुए थे और महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी के खानदान ने देश के लिए बहुत कुर्बानियां दी है. पंडित नेहरू ने अपना सब कुछ देश को समर्पित कर दिया था. इंदिरा गांधी, राजीव गांधी देश के लिए शहीद हो गए थे.
गहलोत ने कहा कि ओम बिरला लगातार राजस्थान से दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष बन गए हैं, लेकिन उनका व्यवहार ठीक नहीं है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में पक्ष-विपक्ष की अच्छी परंपरा रही है. अच्छे माहौल में चर्चा होनी चाहिए और राजस्थान की जो जनता है उसकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए.
गृह विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा नहीं करा रही सरकार : पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से गृह विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा नहीं कराए जाने को लेकर कहा कि यह बहुत ही गंभीर बात है कि सरकार गृह विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा नहीं कर रही है. जबकि प्रतिपक्ष ने सरकार से चर्चा करने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि इस पर हमारा सख्त ऐतराज है, क्योंकि राजस्थान में 2 साल के शासन में ही 13000 से ज्यादा दुष्कर्म की घटनाएं हो चुकी हैं. महिला घर में सुरक्षित नहीं है. कोई उनको मार के, उनके पैर काटकर कड़े निकाल कर ले जा रहा है. गहलोत ने कहा कि सरकार को इस पर चर्चा करानी चाहिए, क्योंकि सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों की ओर से जो सुझाव आएंगे, उससे सरकार को गुड गवर्नेंस के लिए अच्छे सुझाव मिलेंगे.
'2 साल बनाम 5 साल’ पर राठौड़ का हमला : पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने '2 साल बनाम 5 साल' की बहस को लेकर कहा कि विधानसभा प्रदेश का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मंच है और यदि गहलोत को अपनी बात रखनी है तो उन्हें सदन के भीतर बोलना चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गहलोत सदन में कम और बाहर ज्यादा बयान देते हैं. राठौड़ के अनुसार, विधानसभा सरस्वती का मंदिर है, वहां अपनी बात रखते तो ज्यादा अच्छा लगता.
राठौड़ ने यह भी कहा कि '2 साल बनाम 5 साल' पर खुली बहस की चुनौती दी गई थी, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे पर सदन दुम दबा कर भाई गई. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह विधानसभा के मंच पर जवाब देने के बजाय बाहर राजनीतिक बयानबाजी कर रही है. राठौड़ ने कहा कि यदि कांग्रेस में 'सद्बुद्धि' आए तो वह प्रदेश के सबसे बड़े मंच विधानसभा में '2 साल बनाम 5 साल' पर खुली बहस करें. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार अपने दो वर्षों के कार्यों का लेखा-जोखा देने को तैयार है और कांग्रेस को भी अपने पांच साल के कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए.
मेडिकल कॉलेज और पीएम मोदी की यात्रा पर जवाब : प्रधानमंत्री मोदी की अजमेर यात्रा को लेकर भी गहलोत ने दावा किया कि जिन कॉलेजों का उद्घाटन हो रहा है, वे कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत किए गए थे. इस पर राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जिन कॉलेजों की बात की, वे पर्याप्त संसाधनों और मानव संसाधन से वंचित थे. उन्होंने आरोप लगाया कि कई संस्थान 'धर्मशालाओं और अस्थायी ढांचों' में संचालित हो रहे थे. राठौड़ ने कहा कि आज संसाधन-संपन्न मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन हो रहा है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा से विपक्ष के 'पेट में मरोड़' नहीं उठनी चाहिए.

