Rajasthan ACJ Controversy : जस्टिस शर्मा बोले- जज साहब के रंजिशन लगाए सभी आरोप गलत
उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पक्ष सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को भेज दिया है.

Published : September 3, 2026 at 10:25 AM IST
जयपुर : बीते कुछ दिनों से राजस्थान की न्यायपालिका में चल रहे घटनाक्रम को लेकर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने अपना बयान जारी किया है. जस्टिस शर्मा ने बयान में सुप्रीम कोर्ट के जज संदीप मेहता की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए सिरे से नकार दिया. जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि उनपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं.
उन्होंने कहा कि उनपर रंजिशवश आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने अपना पक्ष सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को भेज दिया है. जस्टिस संदीप मेहता के कृत्य और उनकी ओर से लिखित पत्रों में निराधार और झूठे व तथ्यहीन आरोप का खंडन प्रमाण सहित भेजा है. एक्टिंग सीजे ने कहा कि न्याय के सिद्धांत का मान रखते हुए सीजेआई के निर्णय तक मीडिया धैर्य बनाए रखें. भारतीय न्याय प्रणाली पर पूर्ण विश्वास है. जल्द ही सही समय आने पर सीजेआई की ओर से स्वीकृति मिलने पर स्वयं मीडिया के समक्ष आकर अपना पक्ष रखेंगे.
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7 सितंबर से जोधपुर मुख्य पीठ में सुनवाई : एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा 7 सितंबर से जोधपुर हाईकोर्ट में मामलों की सुनवाई करेंगे. इस संबंध में जोधपुर मुख्य पीठ के पूर्व रोस्टर में आंशिक संशोधन किया गया है. एक्टिंग सीजे वहां पर स्पेशल अपील, रिट याचिकाओं और टैक्स से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे. एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा की खंडपीठ जयपुर के रामगढ़ बांध सहित प्रदेश की जल स्रोतों के संरक्षण और अन्य जनहित के मामलों की सुनवाई कर रही है.
इन मामलों में कर रहे सुनवाई : उन्होंने 13 अगस्त को रामगढ़ बांध मामले में सुनवाई करते हुए अतिक्रमण करने वालों को निर्देश दिया गया कि 15 दिन के भीतर वे अपना अतिक्रमण स्वयं हटा लें. इसके अलावा उन्होंने हाथी गांव में हाथियों के संरक्षण, लुप्त हो रहे ऊंटों के संरक्षण, द्रव्यवती नदी सहित अन्य मामलों की सुनवाई की है. वहीं, एकल पट्टा प्रकरण में भी उनकी ओर से सुनवाई की जा रही है.
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यह है विवाद : सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता ने सीजेआई सूर्यकांत को 2, 10 और 17 अगस्त को तीन पत्र लिखे. इनमें राजस्थान हाईकोर्ट में दूसरे राज्य से तत्काल प्रभाव से चीफ जस्टिस नियुक्त करने का आग्रह किया. पत्रों में जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के प्रशासनिक और न्यायिक कामकाज पर सवाल उठाते हुए 'कुप्रबंधन', 'गलत तौर-तरीके, 'भाई-भतीजावाद' और 'पक्षपात' के आरोप लगाए गए.
जस्टिस मेहता का आरोप है कि दूसरी बेंचों में सूचीबद्ध कुछ मामलों को 'बिना ठोस वजह वापस लेते हुए उनके द्वारा सुनवाई करने योग्य केसों की सुनवाई दूसरी खंडपीठ को भेज दी थी. अब सात सितंबर से वो दोबारा सुनवाई करेंगे. जस्टिस एसपी शर्मा का कार्यकाल 26 सितंबर तक है. इस विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है.

