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भारत व मंगोलिया के बीच अध्यात्म का नया अध्याय शुरू, सांची से पवित्र अवशेष रवाना

सांची के बौद्ध स्तूप परिसर के चैतियगिरी विहार में रखे भगवान बुद्ध के शिष्यों के पवित्र अवशेष मंगोलिया रवाना.

Spiritual relation India Mongolia
भगवान बुद्ध के शिष्यों के पवित्र अवशेष मंगोलिया रवाना (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : May 28, 2026 at 1:30 PM IST

2 Min Read
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रायसेन : भगवान बुद्ध के दो प्रमुख शिष्य अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हंत महामोगल्यान के पवित्र अवशेषों को दर्शनार्थ के लिए मंगोलिया ले जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. भारत सरकार और मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशों के तहत रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने इन पवित्र अस्थियों को विधिवत रूप से संस्कृति विभाग के निदेशक यश सक्सेना को सौंपा.

अवशेषों की पूजा-अर्चना की

सांची स्थित बौद्ध स्तूप परिसर के चैतियगिरी विहार में रखे इन अवशेषों को सबसे पहले तहखाने से बाहर निकालकर पूजा-अर्चना की गई. पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, महाबोधि सोसायटी श्रीलंका के प्रमुख वानगल उपतिस्स नायक थेरो और कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा की उपस्थिति में अवशेषों को राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रतिनिधि को सुरक्षित सौंपा गया. इस पूरी प्रक्रिया का आधिकारिक अभिलेखीकरण, वीडियोग्राफी और पंचनामा तैयार किया गया.

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल (ETV BHARAT)

अस्थिकलश को गार्ड ऑफ ऑनर

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पवित्र अवशेष 11 जून को वापस सांची आएंगे (ETV BHARAT)

मंदिर से बाहर लाते समय अस्थिकलश को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. इस मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने इसे भारत की गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा "जिन देशों में भगवान बुद्ध को सर्वस्व माना जाता है, वहां उनके शिष्यों के अवशेषों का जाना अत्यंत महत्वपूर्ण घटना है." प्रहलाद पटेल ने इस बात पर जोर दिया "भारत सरकार अपनी पुरातात्विक धरोहरों को पूरे सम्मान और सुरक्षा के साथ वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करती है." प्रहलाद पटेल ने इसे भारत की सांस्कृतिक कूटनीति के प्रयासों और दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते आध्यात्मिक संबंधों का प्रतीक बताया.

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बौद्ध स्तूप परिसर के चैतियगिरी विहार में पूजा-अर्चना (ETV BHARAT)

पवित्र अवशेष 11 जून को वापस सांची आएंगे

पवित्र अवशेष भोपाल से हवाई मार्ग द्वारा नई दिल्ली पहुंचेंगे, जहां राष्ट्रीय संग्रहालय में आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद 29 मई को इन्हें मंगोलिया ले जाया जाएगा. ये अवशेष मंगोलिया के गंडन तेगचेनलिंग मठ में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखे जाएंगे . इसके बाद 10 जून को अवशेष दिल्ली लौटेंगे और 11 जून को उन्हें पुनः सांची के चैतियगिरी विहार में यथास्थान सुरक्षित स्थापित कर दिया जाएगा. ​इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता और जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.