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10वीं पास डॉक्टर और करोड़ों की ठगी, 52 लोगों को लगाया चूना, छत्तीसगढ़ के नटवरलाल की कहानी

छत्तीसगढ़ के शातिर ठग गिरोह का रायपुर पुलिस ने खुलासा किया है. नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने ठगी की वारदात को अंजाम दिया.

Vicious fraud arrested in Raipur
रायपुर में शातिर फ्रॉड की गिरफ्तारी (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 20, 2026 at 6:09 PM IST

3 Min Read
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रायपुर: छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर छत्तीसगढ़ के दर्जनों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया. इस ठगी का मास्टरमाइंड नरेश मनहरे, जो कि केवल 10वीं पास है, खुद को दिल्ली पोस्ट ऑफिस का डायरेक्टर और एमबीबीएस डॉक्टर बताकर लोगों को जाल में फंसाता था. पुलिस कमिश्नरेट सेंट्रल जोन की सिविल लाइंस टीम ने रायपुर के पंडरी इलाके से इस रैकेट के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अब तक 52 बेरोजगार युवक-युवतियों से करीब 2.34 करोड़ रुपये ऐंठ लिए हैं.

ठगी का हाई-टेक जाल और फर्जी ऑफिस

आरोपियों ने अपनी जालसाजी को असली रूप देने के लिए विधानसभा क्षेत्र स्थित ऐश्वर्या बाजार में 'माइक्रो फाइनेंस' कंपनी के नाम पर एक बाकायदा ऑफिस किराए पर लिया था. मास्टरमाइंड नरेश फर्जी लेटरहेड, सील और नियुक्ति पत्र तैयार करता था, जिन्हें डाक के जरिए पीड़ितों के घर भेजा जाता था ताकि उन्हें सरकारी नौकरी का पूरा भरोसा हो सके. आरोपी इतना शातिर था कि उसने विश्वास जीतने के लिए गुडलक माइक्रो फाइनेंस के नाम से दो जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी करा रखे थे. वह अभनपुर में अपना एक ऑफिस भी संचालित कर रहा था.

फर्जी एमबीबीएस डिग्री और पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड

जांच के दौरान पुलिस को नरेश के लैपटॉप और मोबाइल से दिल्ली की 'डॉक्टर डीवाई पाटिल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी' के नाम पर फर्जी एमबीबीएस सर्टिफिकेट मिला है. पुलिस को उसके बैंक खातों की जांच में एक महिला डॉक्टर के खाते में 40 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन का भी पता चला है. गौर करने वाली बात यह है कि नरेश का पुराना रिकॉर्ड बेहद दागदार रहा है, वह कोरोना काल में नकली नोट छापने के आरोप में जेल जा चुका है. इसके अलावा वो साल 2024 में सक्ति जिले में एसबीआई (SBI) का फर्जी ग्राहक सेवा केंद्र खोलने के आरोप में भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है.

शातिर ठग गिरोह में कौन कौन था शामिल ?

इस साजिश में मास्टरमाइंड नरेश मनहरे के साथ भुनेश्वर बंजारे, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे को गिरफ्तार किया गया है. भुनेश्वर का काम आवेदकों से पैसे वसूलना और फर्जी कॉल करना था, जबकि हीरा और राकेश दस्तावेजों की छंटाई और बैंक खातों के संचालन में मदद करते थे. संजय निराला नामक व्यक्ति की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने इनके पास से मोबाइल, बैंक पासबुक और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं. पुलिस अब इनके दिल्ली कनेक्शन और रायपुर में खुलने वाले 'हेल्थ केयर सेंटर' के पीछे की साजिश की गहराई से जांच कर रही है.

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