ETV Bharat / state

रायपुर विधानसभा में NDPS पर ध्यानाकर्षण, बीजेपी विधायकों ने ही घेरा, मंत्री विजय शर्मा ने पेश किए आंकड़े

अजय चंद्राकर और धर्मलाल कौशिक की ओर से ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया गया. लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए विजय शर्मा ने जवाब दिया.

Chhattisgarh Assembly NDPS discussion
रायपुर विधानसभा में NDPS पर ध्यानाकर्षण (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
author img

By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 25, 2026 at 6:31 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

रायपुर: बुधवार को विधानसभा में एनडीपीएस (NDPS) मामलों पर ध्यानाकर्षण चर्चा हुई. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, जिनके पास गृह विभाग भी है, ने बताया कि यह मुद्दा अजय चंद्राकर और धर्मलाल कौशिक के माध्यम से उठाया गया. उन्होंने कहा कि पहले PITNDPS एक्ट 1989 के तहत कार्रवाई नहीं होती थी, लेकिन विष्णुदेव साय की सरकार बनने के बाद पहली बार इस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई. अब तक 145 प्रकरण दर्ज कर आदेश प्राप्त किए गए हैं.

बुधवार को विधानसभा में एनडीपीएस (NDPS) मामलों पर ध्यानाकर्षण चर्चा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

भाजपा विधायकों ने क्या आरोप लगाए?

भाजपा विधायक अजय चंद्रकार और धर्मलाल कौशिक ने कहा कि राज्य में चरस, गांजा, हेरोइन, अफीम और नशीली गोलियों की तस्करी बढ़ रही है. चंद्रकार ने राष्ट्रीय सर्वे के हवाले से दावा किया कि लाखों लोग नशीले पदार्थों के आदी हैं. 10–17 साल के 40,000 से ज्यादा बच्चे नशे के शिकार हैं. हर साल 250–300 मौतें या आत्महत्याएं नशे और मानसिक तनाव से जुड़ी हैं.

ड्रग तस्करों पर प्रॉपर्टी अटैचमेंट की कार्रवाई

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ड्रग का व्यापार करने वाले लोग पैसे कमाकर 6 महीने जेल काटने के बाद फिर उसी पैसे का आनंद लेते थे. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. उन्होंने बताया कि सफेमा कोर्ट के माध्यम से 16 मामलों में प्रॉपर्टी अटैच की गई है. इन मामलों में करीब 13 करोड़ 29 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है. उनका कहना था कि जब संपत्ति अटैच होती है तो यह स्पष्ट संदेश जाता है कि अवैध कमाई भी बच नहीं पाएगी.

संपत्ति जब्ती और सख्त कानून

2025 में 16 आरोपियों की 13.29 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई. 2024 से 31 जनवरी 2026 तक 145 आदतन अपराधियों पर कार्रवाई. एनडीपीएस कानून के तहत आरोपियों और उनके सहयोगियों की वित्तीय जांच भी की जा रही है.

सिर्फ नशे का आदी होने पर संपत्ति अटैच नहीं की जाती. यह कार्रवाई केवल नशे के व्यापार में संलिप्त लोगों पर की जाती है. तस्करों पर सख्त कार्रवाई और नशे के आदी लोगों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है.- विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री

गाड़ियों की जब्ती और नीलामी

सरकार ने ड्रग्स मामलों में जब्त वाहनों पर भी कार्रवाई तेज की है. 296 गाड़ियों की जब्ती की है,. साथ ही 150 गाड़ियों की नीलामी भी पूरी कर ली गई है. सरकार का कहना है कि इससे अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल संसाधनों पर रोक लगेगी.

गांजा नष्टीकरण में बड़ा अंतर

गांजा नष्ट करने के आंकड़ों पर भी विजय शर्मा ने कहा कि विष्णुदेव सरकार बनने के बाद इसमें तेजी आई है. इसे लेकर उन्होंने आकंड़े भी दिए और कहा कि 2022 में 8,900 किलो गांजा नष्ट हुआ वहीं 2023 में आधा किलो गांजा नष्ट हुआ. लेकिन इसके बाद 2024 में 2,185 मामलों में 64,000 किलो गांजा नष्ट हुआ. वहीं 2025 में 2,591 मामलों में 47,000 किलो से अधिक गांजा नष्ट किया गया. इससे अंतर साफ दिखता है.

एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन पर जोर

उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पुलिस अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि एंड-टू-एंड जांच कर रही है. यदि कोई व्यक्ति ड्रग्स के साथ पकड़ा जाता है, तो यह भी जांच की जाती है कि वह माल कहां से लाया और कहां ले जा रहा था. इसके लिए सभी जिलों में टास्क फोर्स का गठन हुआ है. 10 जिलों में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के लिए 100 नए पद मंजूर हुए हैं. रायपुर और दुर्ग में नशा करने से जुड़े सामान (जैसे रोलिंग पेपर आदि) की बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है.

टोल-फ्री हेल्पलाइन “मानस” 1933

अवैध मादक पदार्थों की सूचना देने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन “मानस” (1933) का प्रचार किया गया है. स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं. सदन में इसकी जांच भी की गई. विधायक सुशांत शुक्ला ने 1933 पर कॉल कर इसकी कार्यशीलता जांची और पाया कि हेल्पलाइन रिस्पॉन्सिव है. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.

"कलेक्टर को आदेश नहीं दे सकते तो किस बात के मंत्री", भूपेश बघेल ने मंत्री लखन लाल देवांगन को याद दिलाए अधिकार
खारुन नदी में गंदा जल मिलने का मुद्दा, राजेश मूणत ने एसटीपी निर्माण पर उठाए सवाल, सरकार बोली पूरी क्षमता से कर रहा काम
छत्तीसगढ़ विधानसभा में जल जीवन मिशन पर हंगामा, संगीता सिन्हा ने मंत्री अरुण साव से पूछे सवाल