कैंची धाम में रौद्र रूप में बह रही शिप्रा नदी, उफान पर नाले, नैनीताल में कई मार्ग बंद
नैनीताल में मौसम ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है. 24 घंटे में हुई बारिश के बाद कई नदी-नाले उफान पर हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : September 2, 2026 at 1:04 PM IST
हल्द्वानी: नैनीताल जिले में लगातार हुई भारी बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर हैं. कैची धाम में शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ा है. हल्द्वानी में गौला और रामनगर में कोसी-दाबका नदी तेज बहाव में हैं. पदमपुरी क्षेत्र में कालसा नदी भी उफान पर है. जिला आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट के मुताबिक कई इलाकों में मार्ग बाधित हैं. नैनीताल में 24 घंटे के दौरान कई स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है. प्रशासन और संबंधित विभाग राहत एवं सड़क खोलने के काम में जुटे हैं.
नैनीताल जिले में मौसम ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है. बीते 24 घंटे में हुई भारी बारिश के बाद जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं. नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है. कैंची धाम क्षेत्र में शिप्रा नदी तेज बहाव में है. हल्द्वानी में गौला नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट मोड पर है.
रामनगर क्षेत्र में कोसी और दाबका नदियां भी उफान पर बह रही हैं. पदमपुरी क्षेत्र में बहने वाली कालसा नदी में भी पानी का बहाव तेज है. जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की सुबह साढ़े नौ बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक नैनीताल स्नो व्यू में 217 मिलीमीटर, हल्द्वानी-काठगोदाम में 166 मिलीमीटर, मुक्तेश्वर और चोरगलिया में 107.7 मिलीमीटर, कैंची धाम में 105 मिलीमीटर और खनस्यू में 92.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. बारिश के चलते जिले में बड़ी संख्या में सड़कें भी प्रभावित हुई हैं.
रिपोर्ट के अनुसार तीन राज्य मार्ग, दो मुख्य जिला मार्ग, एक अन्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मार्ग बाधित हैं. संबंधित विभागों की ओर से जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मार्गों को खोलने की कार्रवाई लगातार जारी है. भारी बारिश के चलते जनहानि और भवन क्षति की भी सूचना है. आपदा रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अब तक चार जनहानि, 54 आंशिक भवन क्षति और एक पूर्ण भवन क्षति दर्ज की गई है. दो पशुहानि और तीन गौशालाओं को नुकसान की भी सूचना है. एक सितंबर को भीमताल क्षेत्र में एक बच्ची के नाले में बहने से मौत हुई है.
नैनीताल तहसील के अल्चौना-पांडेछोर क्षेत्र में ककड़िया नाले में अत्यधिक मलबा और पानी आने से आवास और गौशालाएं प्रभावित हुईं. यहां 20 प्रभावित परिवारों को उनके मवेशियों सहित गांव में ही सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किया गया है. फिलहाल बिजली और पेयजल आपूर्ति सामान्य बताई गई है, लेकिन प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है. नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की जा रही है.
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