ETV Bharat / state

जमुई रेल हादसे में बड़ी कार्रवाई, रेलवे ने आसनसोल DRM को हटाया

जमुई में मालगाड़ी हादसे में बड़ी कार्रवाई हुई है. रेल मंत्रालय ने आसनसोल DRM को हटा दिया है. पढ़ें पूरी खबर

Jamui Train Accident
जमुई ट्रेन हादसे में कार्रवाई (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : January 3, 2026 at 10:59 AM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

जमुई: बिहार के जमुई में जसीडीह-झाझा रेलखंड पर हुए हादसे में रेलवे ने बड़ी कार्रवाई की है. आसनसोल रेल मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव को उनके पद से हटा दिया गया है. वे मात्र पांच महीने पहले अगस्त 2025 में इस पद पर नियुक्त हुई थी. माना जा रहा है कि यह कार्रवाई हादसे की जवाबदेही के तौर पर की गई है.

जमुई रेल हादसा, आसनसोल DRM पर गिरी गाज : विनीता श्रीवास्तव की जगह सुधीर कुमार शर्मा को आसनसोल मंडल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है. नए डीआरएम ने पदभार संभालते ही घटनास्थल का मुआयना किया और बहाली कार्यों की समीक्षा की.

Jamui Train Accident
सीमेंट से लदी थी मालगाड़ी (ETV Bharat)

नदी में गिरे थे मालगाड़ी के कई डिब्बे : हादसे के कारण अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया था. हावड़ा-दिल्ली मुख्य मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और दर्जनों यात्री ट्रेनों को डायवर्ट या कैंसल करना पड़ा. यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि रेलवे संपत्ति को बड़ा नुकसान पहुंचा. राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाया गया और कुछ दिनों बाद परिचालन बहाल हुआ.

कब हुआ था हादसा: जमुई में 27 दिसंबर 2025 की देर रात जसीडीह-झाझा रेलखंड पर हादसा हुआ था. सीमेंट से लदी मालगाड़ी टेलवा बाजार हॉल्ट के पास बरुआ नदी पर बने पुल संख्या 676 पर पटरी से उतर गई थी. इस दुर्घटना में मालगाड़ी की लगभग 19 बोगियां बेपटरी हो गईं, जिनमें से कई बोगियां पुल से नीचे नदी में जा गिर गई थी.

Jamui Train Accident
जमुई रेल हादसा (ETV Bharat)

हादसे के कारणों की जांच : रेलवे ने हादसे के कारणों की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. शुरुआती जानकारी में किसी तकनीकी खराबी या अन्य कारण का जिक्र नहीं हुआ है. अधिकारियों ने कहा कि प्राथमिकता परिचालन बहाल करना था, अब हर बिंदु पर विस्तृत जांच की जाएगी.

Jamui Train Accident
75 घंटे बाद हुआ था परिचालन (ETV Bharat)

रेल हादसे के बाद कई ट्रेनें हुई थी प्रभावित : किउल-जसीडीह-झाझा रेलखंड हावड़ा-दिल्ली मुख्य लाइन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बिहार और झारखंड को जोड़ता है. यहां से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं. इस मार्ग के बाधित होने से पूरे रेल नेटवर्क पर व्यापक असर पड़ा.

Jamui Train Accident
आघी रात को हुआ था हादसा (ETV Bharat)

यात्रियों और रेलवे की चुनौतियां: हादसे से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई ट्रेनें वैकल्पिक रूटों से चलाई गईं. रेलवे ने राहत ट्रेनें और क्रेन भेजकर मलबा हटाने का काम किया. गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन रेलवे को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. रेल मंत्रालय की यह कार्रवाई सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है.

ये भी पढ़ें-

बिहार रेल हादसा, 14 ट्रेनें रद्द, 53 से अधिक ट्रेनों का बदला रूट

बिहार में बड़ा रेल हादसा, सीमेंट लदी मालगाड़ी के 16 डिब्बे पटरी से उतरे, 3 नदी में गिरे