देवघर के बैद्यनाथ धाम स्टेशन के जीर्णोद्धार के काम में देरी पर आई यात्रियों की प्रतिक्रिया, कारोबारियों ने भी उठाए सवाल
देवघर के बैद्यनाथ धाम रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार के काम में देरी पर यात्रियों और कारोबारियों ने सवाल उठाए हैं.

Published : May 29, 2026 at 7:30 PM IST
देवघर: प्रदेेश के देवघर स्थित बैद्यनाथ धाम रेलवे स्टेशन का इतिहास लगभग एक सदी पुराना है. 1922 से इस स्टेशन पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ था. कभी यह स्टेशन यात्रियों की आवाजाही और रेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र हुआ करता था लेकिन समय के साथ इसकी रौनक फीकी पड़ती चली गई. वर्तमान स्थिति यह है कि अब इस स्टेशन से केवल कुछ लोकल ट्रेनों का ही संचालन हो रहा है.
धीरे-धीरे कम होता गया ट्रेनों का परिचालन
जानकारी के मुताबिक, 2016 के बाद से यहां लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन धीरे-धीरे कम होता गया. वर्तमान में स्टेशन पर मुख्य रूप से लोकल ट्रेनों का ही आवागमन हो रहा है. स्टेशन शहर के बीचों-बीच स्थित होने के कारण यहां अक्सर जाम की समस्या बनी रहती थी हालांकि हाल के दिनों में जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से अंडरपास का निर्माण कराया गया है.
धीमी गति से चल रहा है विकास कार्य: यात्री
बैद्यनाथ धाम स्टेशन के जीर्णोद्धार को लेकर आसनसोल मंडल के डीआरएम और स्थानीय सांसद द्वारा लगातार प्रयास किए जाने की बात कही जा रही है लेकिन यात्रियों का कहना है कि विकास कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है. स्टेशन मास्टर माधव चंद्र झा ने बताया कि वर्तमान में बैद्यनाथ धाम स्टेशन से केवल आसनसोल और झाझा के लिए एक एक ट्रेन का परिचालन हो रहा है. इसके अलावा अधिकतर लोकल ट्रेनें ही इस स्टेशन से गुजरती हैं.
केवल एक लाइन के भरोसे ट्रेन और यात्री
उन्होंने कहा कि स्टेशन पर अभी केवल एक लाइन होने के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन में परेशानी होती है. देवघर का सबसे पुराना स्टेशन होने के कारण आज भी प्रतिदिन हजारों यात्री यहां पहुंचते हैं और आसपास के क्षेत्रों के लोग इसी स्टेशन से ट्रेन पकड़ना अधिक सुविधाजनक मानते हैं.
ना के बराबर स्टेशन पर सुविधा: यात्री
स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों ने बताया कि जिले का सबसे पुराना स्टेशन होने के बावजूद यहां सुविधाएं लगभग ना के बराबर हैं. यात्रियों का कहना है कि भले ही देवघर और जसीडीह स्टेशन पर अधिक ट्रेनें रूकती हो लेकिन बैद्यनाथ धाम स्टेशन शहर के करीब होने के कारण यहां पहुंचना ज्यादा आसान है.
पूछताछ केंद्र और टिकट काउंटर की नहीं बदली सूरत
वहीं जसीडीह या दूसरे स्टेशनों तक जाने में अतिरिक्त किराया और समय दोनों खर्च होते हैं. कई यात्रियों ने शिकायत करते हुए कहा कि स्टेशन के जीर्णोद्धार की बात तो लगातार कही जा रही है लेकिन सुविधाओं में अब तक कोई सुधार नहीं दिख रहा है. पूछताछ केंद्र से लेकर टिकट काउंटर तक यात्रियों को जानकारी लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
कम यात्रियों की वजह से कारोबार हुआ प्रभावित: पवन कुमार
स्टेशन परिसर में दुकान चलाने वाले पवन कुमार ने बताया कि कुछ सालों पहले यहां से बनारस, रांची समेत कई बड़े शहरों के लिए ट्रेनों का संचालन होता था. उस समय यात्रियों की संख्या अधिक रहती थी जिससे स्थानीय दुकानदारों का कारोबार भी अच्छा चलता था लेकिन लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन बंद होने के बाद यहां के व्यापारियों की स्थिति खराब हो गई. स्टेशन पर शौचालय की व्यवस्था भी बदहाल है. शौचालयों की संख्या कम होने और नियमित साफ सफाई नहीं होने से गंदगी की समस्या हमेशा बनी रहती है.
देवघर, जसीडीह, बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ रेलवे स्टेशनों के विकास के लिए लगातार काम किया जा रहा है. आने वाले समय में बैद्यनाथ धाम स्टेशन एक नए स्वरूप में नजर आएगा: बिपलब बावड़ी, रेलवे पीआरओ, आसनसोल डिवीजन
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