हिमाचल के लिए 3 नई रेलवे लाइनें स्वीकृत, भानुपल्ली में सिर्फ 82 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण कर पाई राज्य सरकार, रेल मंत्री ने संसद में दिया जवाब
लोकसभा में केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बताया कि हिमाचल में 3 नई रेलवे लाइन स्वीकृत की गई हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 11, 2026 at 10:53 PM IST
शिमला: अपनी यातायात की आवश्यकताओं के लिए लगभग पूरी तरह सड़कों पर निर्भर पहाड़ी प्रदेश हिमाचल लंबे वक्त से राज्य में रेलवे विस्तार की बाट जोह रहा है. मौजूदा समय में राज्य में रेलवे के विकास की स्थिति पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन में जवाब दिया है. लोकसभा में केंद्रीय रेल मंत्री की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया कि अप्रैल 2025 तक की स्थिति के मुताबिक हिमाचल में 3 नई रेलवे लाइन स्वीकृत हैं. जिनकी कुल लागत 17,622 करोड़ रुपए की है. साथ ही भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल लाइन पर भूमि अधिग्रहण बाधा बन गया है.
राज्य सरकार आवश्यक 124 हेक्टेयर भूमि में से केवल 82 हेक्टेयर भूमि मुहैया करवा पाई है. प्रदेश में रेलवे विस्तार की वर्तमान स्थिति को लेकर कांगड़ा से लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज की ओर से प्रश्न पूछा गया था, जिस पर केंद्रीय रेल मंत्री ने जवाब दिया है. लोकसभा में बजट पर चर्चा जारी है. कांगड़ा से भाजपा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज की ओर से अतारांकित प्रश्न में रेल मंत्रालय से बजट 2025-26 में राज्य में रेल विस्तार के लिए आवंटित निधि का ब्यौरा मांगा था. इसके अलावा अमृत भारत स्टेशन के तहत हिमाचल प्रदेश के स्टेशनों पर प्रस्तावित कार्य की भी जानकारी मांगी थी.

इस पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब देते हुए बताया कि साल 2025-26 के लिए राज्य में रेलवे विस्तार के 2716 करोड़ दिए गए हैं. जो कि पूर्व की UPA सरकार के दौरान 1 वर्ष के लिए आवंटित राशि से 25 गुना अधिक है. पूर्व यूपीएस सरकार ने साल 2009 से 2014 तक राज्य में रेलवे के विकास के लिए प्रतिवर्ष 108 करोड़ दिए.
केंद्रीय रेल मंत्री की ओर से संसद में दिए गए जवाब में कहा कि राज्य में 1 अप्रैल 2025 की स्थिति के अनुसार राज्य में केंद्र द्वारा पूर्ण रूप से और आंशिक रूप से पोषित 214 कि.मी. लंबाई की 3 नई लाइनें स्वीकृत हैं. जिनकी कुल लागत 17 हजार 622 करोड़ रुपए की है. इसमें से 64 कि.मी. लंबाई कमीशन की जा चुकी है और मार्च 2025 तक 8,280 करोड़ खर्च किया गया है.

राज्य में नंगल डैम-तलवाड़ा-मुकेरियां नई रेलवे लाइन के 60 कि.मी. लंबाई वाले नंगल डैम से दौलतपुर चौक के खंड को कमीशन किया जा चुका है. वहीं, दौलतपुर चौक से तलवाड़ा के 52 कि.मी. पैच का काम शुरू कर दिया गया है. इसके अलावा, 1,540 करोड़ की लागत वाली 28 कि.मी. लंबी चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन का कार्य भी शुरू कर दिया गया है.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि राज्य में 63 कि.मी. लंबी भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी नई रेल लाइन पर काम जारी है. ये परियोजना राज्य सरकार से साझेदारी पर 75-25 के अनुपात पर स्वीकृत की गई है. हालांकि भूमि अधिग्रहण पर खर्च होने वाले 70 करोड़ हिमाचल सरकार की ओर से वहन किए जाने हैं. परियोजना को पूरा करने के लिए कुल 124 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है. लेकिन राज्य की ओर से अब तक केवल 82 हेक्टेयर भूमि मुहैया करवाई गई है.
उपलब्ध भूमि पर कार्य शुरू कर दिया गया है लेकिन बिलासपुर से बेरी के आगे की भूमि अभी राज्य सरकार द्वारा सौंपी जानी है. परियोजना पर अब तक 7,729 करोड़ रुपए का व्यय किया गया है. हिमाचल सरकार की साझेदारी 2,781 करोड़ की थी लेकिन राज्य सरकार अपने हिस्से के केवल 847 करोड़ दे पाई है. प्रदेश सरकार पर 1,934 करोड़ बकाया है.
केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि भारत सरकार प्रदेश में स्वीकृतपरियोजनाओं को पूरा करने के लिए तैयार है. लेकिन राज्य सरकार अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं कर पाई है. इसके चलते परियोजनाओं की प्रगति प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा कि राज्य में परियोजनाओं की सफलता प्रदेश सरकार के सहयोग पर भी निर्भर करती है.
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में रेल संपर्क में सुधार के लिए 25 कि.मी. की बद्दी-घनौली रेल लाइन का सर्वेक्षण भी पूरा कर लिया गया है. इस परियोजना की डी पी आर भी तैयार कर ली गई है. हालांकि परियोजना शुरू करने के लिए राज्य सरकार, अन्य स्टेक होल्डर और वित्त मंत्रालय से परामर्श किया जाना बाकी है.
केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश भर में 1,337 रेलवे स्टेशन नए सिरे से आधुनिक रूप से विकसित किए जाने हैं. रेल मंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में इस योजना के तहत 4 स्टेशन चुने गए हैं. इसमें अंब-अंदौरा, बैजनाथ-पपरोला, पालमपुर और शिमला स्टेशन शामिल हैं. योजना के तहत अंब-अंदौरा और बैजनाथ-पपरोला रेलवे स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है. वहीं, पालमपुर और शिमला रेल्वे स्टेशनों की मास्टर प्लानिंग की जा रही है.
रेल मंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश उत्तर रेलवे के क्षेत्राधिकार में आता है. इस जोन के लिए, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,483 करोड़ रुपए का आबंटन किया गया है. दिसंबर, 2025 तक कुल 1,308 करोड़ रुपए का व्यय किया गया है.
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