नूंह में युवक की संदिग्ध मौत मामला, घटना के 48 घंटे बाद दफनाया गया शव, 4 दिन में अपराधियों की गिरफ्तारी का मिला आश्वासन
नूंह में संदिग्ध स्थिति में मौत के 48 घंटे बाद परिजनों ने शव को दफना दिया है. वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है.

Published : February 7, 2026 at 10:12 PM IST
नूंहः जिले के रहपुआ गांव निवासी 20 वर्षीय शोएब की संदिग्ध स्थिति में 5 जनवरी को मौत हो गई थी. 48 घंटे बाद पुलिस की ओर से 4 दिन में अपराधियों की गिरफ्तारी के आश्वासन मिलने पर परिजन शव को दफनाने के लिए राजी हुए. शनिवार शाम को शोएब को सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया. गांव में इस दौरान शोक और ग़मगीन माहौल बना रहा.
48 घंटे बाद भी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहींः गौरतलब है कि बीते 5 जनवरी को शोएब का शव पापड़ा गांव के जंगल में मिला था. घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी मच गई. मृतक के परिजनों ने आत्महत्या की बात से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया था. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन घटना के 48 घंटे बीत जाने के बावजूद किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी.
शुक्रवार को परिजनों ने किया था प्रदर्शनः इससे नाराज परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया था. शुक्रवार देर रात परिजन और ग्रामीण पैदल मार्च निकालते हुए पिनगवां थाने पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया. कई घंटों तक चले विरोध के बाद पुलिस अधिकारियों ने बातचीत कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन शांत हुए.
शनिवार सुबह गांव में पंचायत का हुआ था आयोजनः वहीं शनिवार सुबह रहपुआ गांव में ग्रामीणों की पंचायत आयोजित की गई. पुलिस के आश्वासन पर सहमति जताते हुए पंचायत में शव को दफनाने का फैसला लिया गया. बताया गया कि शोएब का शव पिछले करीब 48 घंटे से मांडीखेड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ था. परिजनों ने साफ कहा है कि पुलिस ने उन्हें चार दिन का समय दिया है. यदि इस अवधि में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वे दोबारा आंदोलन और प्रदर्शन करेंगे. परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए.
सभी पहलुओं की जा रही है जांचः इस मामले में पुन्हाना डीएसपी जितेंद्र राणा ने बताया कि "शोएब की मौत को लेकर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है. सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. साक्ष्य जुटाए गए हैं और संदिग्धों से पूछताछ जारी है. जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी". इस घटना के बाद से रहपुआ गांव में मातम पसरा हुआ है. हर आंखें नम है और ग्रामीण एक स्वर में न्याय की मांग कर रहे हैं. अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि समय रहते कार्रवाई कर परिजनों और ग्रामीणों का भरोसा कायम रखा जाए.

