राघवेंद्र पटेल हत्याकांड में फैसला, जीपीएम कोर्ट ने सुनाई 2 को आजीवन कारवास की सजा
हत्यारों की नजर राघवेंद्र पटेल के रिटायरमेंट में मिले पैसों पर थी.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 24, 2026 at 12:19 PM IST
गौरेला पेण्ड्रा मरवाही: बहुचर्चित राघवेंद्र पटेल हत्याकांड में करीब 5 साल बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए 2आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पेण्ड्रारोड (जिला बिलासपुर) ज्योति अग्रवाल की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी ऋषि रैदास और रविशंकर श्रीवास्तव को हत्या, साक्ष्य नष्ट करने तथा आपराधिक षड्यंत्र रचने का दोषी पाया. वहीं आरोपी संतोष उर्फ अंकल चौधरी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया. कोर्ट ने एक अन्य आरोपी काजल कुमार मन्ना के फरार होने के कारण उसके विरुद्ध प्रकरण लंबित रखा गया है.
राघवेंद्र पटेल हत्याकांड में फैसला
अभियोजन पक्ष के अनुसार 14 और 15 जून 2021 की रात में मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम श्रृंगारबहरा के समीप आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से राघवेंद्र पटेल की हत्या कर दी थी. घटना का खुलासा तब हुआ जब दानीकुंडी-बैकुंठपुर मुख्य मार्ग स्थित श्रृंगारबहरा के पास जंगल में ग्रामीणों ने एक युवक का अधजला शव देखा. सूचना मिलने पर मरवाही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. प्रारंभिक जांच में शव की पहचान नहीं हो सकी, लेकिन बाद में आस-पास के थानों से जानकारी लेने पर शव की पहचान कोरिया जिले के झगराखाड़ निवासी राघवेंद्र पटेल के रूप में हुई.
2 को आजीवन कारवास की सजा
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक के पिता को सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि पर आरोपियों की नजर थी. इसी लालच में मृतक के दोस्तों ऋषि रैदास, काजल कुमार मन्ना, रविशंकर श्रीवास्तव और संतोष चौधरी ने षड्यंत्र रचा. आरोपियों ने राघवेंद्र को बिलासपुर जाने का झांसा देकर अपने साथ ले गए. रास्ते में शराब पार्टी की गई और बाद में कार में गमछे से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी गई. हत्या के बाद आरोपी शव को लेकर कई स्थानों पर घूमते रहे और साक्ष्य मिटाने की नीयत से सुनसान जंगल में शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.
तीन-तीन साल की कठोर सजा भी मिली
जांच के दौरान मरवाही पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले का खुलासा किया था. पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त कार, स्कूटी और गमछा भी बरामद किया था. न्यायालय ने ऋषि रैदास और रविशंकर श्रीवास्तव को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 सहपठित धारा 34 तथा धारा 120-बी के तहत आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई. वहीं धारा 201 सहपठित धारा 34 के तहत तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास से भी दंडित किया. अदालत ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मामले में शासन की ओर से सरकारी अधिवक्ता कौशल सिंह ने पैरवी की.
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