रायगढ़ में सामाजिक कार्यकर्ता ने थाना प्रभारी और तहसीलदार पर FIR की मांग की, कहा- मेरे बेटे का अपहरण किया
सामाजिक कार्यकर्ता ने तमनार TI और तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बेटे को अवैधानिक तरीके से हिरासत में लेने की बात कही है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 7, 2026 at 2:59 PM IST
रायगढ़: जिले के सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा ने देर रात सिटी कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है. ये शिकायत तमनार थाना प्रभारी (TI) और तमनार तहसीलदार/कार्यपालिक दंडाधिकारी के खिलाफ ही FIR कराने के लिए है. राधेश्याम का आरोप है कि उनके बेटे दीपक शर्मा को जबरन उठाकर अवैधानिक तरीके से हिरासत में लिया गया और उसके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया.
क्या है पूरा मामला: राधेश्याम शर्मा ने बताया कि 12 दिसंबर 2025 को उनके बेटे दीपक शर्मा को बीएसएनएल कार्यालय के बाहर से सिविल ड्रेस में आए तीन लोगों ने जबरन उठा लिया. पहले दीपक को चक्रधरनगर थाना ले जाया गया फिर पूंजीपथरा थाना वहां से बिना परिजनों को सूचना दिए रात करीब 8 बजे तमनार थाना पहुंचाया गया.
पैसे छीने जाने और मारपीट का आरोप: राधेश्याम शर्मा का आरोप है कि दीपक के पास मौजूद 27 हजार रुपए जबरन ले लिए गए. उसे किसी वकील से बात करने नहीं दी गई. मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया. साथ ही मोबाइल, लैपटॉप भी जब्त कर लिए गए.
न्यायिक प्रक्रिया के उल्लंघन का आरोप: उन्होंने कहा कि पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया. गिरफ्तारी की लिखित सूचना परिजनों को नहीं दी गई. तमनार की कार्यपालिक दंडाधिकारी ऋचा सिंह ने समुचित सुनवाई का मौका नहीं दिया. रात करीब 11 बजे दीपक को जेल भेज दिया गया.
आंदोलन से जुड़ा होने का दावा: राधेश्याम शर्मा का कहना है कि वे और उनका बेटा आंदोलन में सक्रिय हैं, इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके घर के चारों तरफ सिविल ड्रेस में पुलिस तैनात की गई. ताकि वे आंदोलन स्थल तक न पहुंच सकें.
किन धाराओं में कार्रवाई की मांग: राधेश्याम शर्मा ने आवेदन में मांग की है कि अपहरण, लूटपाट, मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना, संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने जैसे गंभीर अपराधों में तमनार थाना प्रभारी, पुलिसकर्मी और कार्यपालिक दंडाधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए.
मेरे बेटे का अपहरण किया गया, उसके साथ मारपीट हुई, पैसे छीने गए और उसे वकील से बात करने का अधिकार भी नहीं दिया गया. यह कानून और संविधान दोनों का खुला उल्लंघन है. मुझे न्याय की उम्मीद है और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.- राधेश्याम शर्मा
राधेश्याम शर्मा ने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे डीजीपी, गृह मंत्रालय समेत हाईकोर्ट तक शिकायत करेंगे.

