फूलों की होली का चढ़ा खुमार, राधाकृष्ण के काल की परंपरा बरकरार, फाग गीत गाकर मनाया उत्सव
रायपुर में पतंजलि योग समिति के सदस्यों ने फूलों की होली खेली.सदस्यों के मुताबिक फूलों की होली राधाकृष्ण के उत्सव मनाने का प्रतीक है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : March 3, 2026 at 4:11 PM IST
रायपुर : छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में रंगों का त्योहार होली का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा. इसकी तैयारियां लोगों ने कर ली है. सोमवार को होलिका दहन के बाद रंग उत्सव बुधवार को मनाया जाएगा. बदलते परिवेश में लोग रंग गुलाल और केमिकल युक्त रंगों से होली खेलते हैं. जिसकी वजह से इसका सीधा असर त्वचा और आंखों पर पड़ता है. ऐसे में पतंजलि योग समिति ने वृंदावन गार्डन में राधाकृष्ण की फूलों से खेली गई होली खेली.ये आयोजन पिछले 13 वर्षों से अनवरत जारी है. पतंजलि योग समिति के सदस्यों में फूलों से होली खेलने को लेकर उत्साह भी देखने को मिला. महिला, पुरुष और बच्चों ने भी जमकर होली खेलने के साथ ही फाग गीत गाकर उत्सव मनाया.
पतंजलि योग समिति की सदस्य शारदा ने बताया कि हम लोग आज अनुपम गार्डन में छबिराम गुरु जी के नेतृत्व में बहुत अच्छे से फूलों की होली शांतिपूर्वक मना रहे हैं. होली हम सभी को शांतिपूर्ण ढंग से मनाना चाहिए. इसमें किसी तरह का जोर जबरदस्ती या फिर हुड़दंग नहीं होना चाहिए.
मैं लोगों को संदेश देना चाहती हूं कि आप लोग अपने-अपने तरीके से शांतिपूर्ण ढंग से होली के इस पर्व को मनाए. इसमें किसी तरह का हुड़दंग न करें. कुछ इस तरह के फाग गीत भी गाए- शारदा, सदस्य,पतंजलि योग समिति

पतंजलि योग समिति की सदस्य वर्षा जैन ने बताया कि हम लोग पिछले 15 सालों से केवल फूलों से होली खेल रहे हैं. रंग कलर और गुलाल जैसी चीजों का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करते.

रंग और गुलाल से अगर हम होली खेलते हैं तो पानी की बर्बादी होती है. इसके साथ ही इसका शरीर और त्वचा पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. फूलों की होली खेलते हैं तो फूलों की खुशबू से हम खुद खुश हो जाते हैं- वर्षा जैन, सदस्य, पतंजलि योग समिति
पतंजलि योग समिति के योग एक्सपर्ट छबिराम साहू ने कहा कि फूलों से होली खेलने का हमारा मकसद ये है कि हमारा मन भी फूलों जैसा हो उमंग हो उत्साह हो.

फूलों की तरह हम अपने जीवन में खिलें. हमारे जीवन में उत्साह आए और एक नई सुगंध के साथ अपने जीवन को बिखेरें. फूलों की होली खेलने से हमारी त्वचा की रक्षा होती है. फूलों की होली खेलकर हम लोगों को पानी बचाने का संदेश भी दे सकते हैं- छबिराम साहू,पतंजलि योग समिति

फूलों से होली खेलकर हम लोगों को प्रेम का संदेश देते हैं. फूलों की होली खेलने के साथ ही फूलों की माला एक दूसरे को पहनाकर इस पर्व को मनाते हैं. होली का पर्व गरीब से लेकर एक अमीर व्यक्ति भी इस पर्व को बड़े धूमधाम से मनाता है. फूलों की होली खेलकर हम अपने पैसे की भी बचत कर सकते हैं.
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