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ड्रोन से होगी 'डीम्ड फॉरेस्ट' की निगरानी, अडावली में आरएसी तैनात, 15 दिन में देनी होगी अनुपालना रिपोर्ट

बैठक में खनिज अभियंता ने बताया कि लीज क्षेत्र से बाहर खनन के करीब 50 प्रकरण संज्ञान में आए हैं.

Inter-departmental review meeting
अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक (ETV Bharat Deeg)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 1, 2026 at 5:47 PM IST

3 Min Read
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डीग: जिले में अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त टाइमलाइन और तकनीक-आधारित निगरानी का रोडमैप तय कर दिया है. 'डीम्ड फॉरेस्ट' क्षेत्रों में ड्रोन सर्वे कराया जाएगा. वहीं अतिसंवेदनशील अडावली में आरएसी की स्थायी तैनाती कर दी गई है. 15 दिन में खनिज विभाग कार्रवाई की तथ्यात्मक अनुपालना रिपोर्ट देगा. ये फैसले गुरुवार को पूंछरी स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के विश्राम गृह में आयोजित अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक में लिए गए.

बैठक में जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में अवैध खनन, अवैध निर्गमन और ओवरलोडिंग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने पहाड़ी, सीकरी और नगर क्षेत्र में विशेष निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि लीज शर्तों का उल्लंघन करने वाले पट्टाधारकों के विरुद्ध खनिज अधिनियम के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. कलेक्टर ने खनिज विभाग को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्राधिकार में नियमित निरीक्षण करें और चलाए गए अभियानों की 15 दिन में तथ्यात्मक अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करें.

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अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां ने विभागीय कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करते हुए खनिज अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्रवाई केवल चालान तक सीमित न रहे, बल्कि अभियोग पंजीकरण और विधिक प्रावधानों के तहत ठोस कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों से बार-बार अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं, वहां पुलिस के सहयोग से औचक निरीक्षण कर सख्ती दिखाई जाए. प्रशासनिक और पुलिस समन्वय में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी.

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अडावली क्षेत्र में आरएसी तैनात: कानून व्यवस्था और प्रवर्तन पर चर्चा करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश मीना ने भरोसा दिलाया कि मैनपावर की कमी के कारण किसी भी विभाग की कार्रवाई प्रभावित नहीं होगी. उन्होंने संबंधित पुलिस उपाधीक्षकों और थानाधिकारियों को निर्देश दिए कि खनिज और परिवहन विभाग की मांग पर तत्काल पुलिस जाब्ता उपलब्ध कराया जाए. एसपी मीना ने बताया कि अतिसंवेदनशील अडावली क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए आरएसी की टीम स्थायी रूप से तैनात कर दी गई है. वहीं सीकरी, पहाड़ी और नगर क्षेत्रों में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है.

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डीम्ड फॉरेस्ट’ में ड्रोन सर्वे, 50 अवैध खनन: बैठक में खनिज अभियंता ने जानकारी दी कि लीज क्षेत्र से बाहर खनन के करीब 50 प्रकरण संज्ञान में आए हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई प्रक्रियाधीन है. प्रशासन ने सेवल मंदिर एवं उसके आसपास के 'डीम्ड फॉरेस्ट' क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध खनन की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए ड्रोन सर्वे कराने का निर्णय लिया है. ताकि तकनीकी निगरानी के जरिए सटीक कार्रवाई सुनिश्चित हो सके.

ओवरलोड वाहनों पर लगाम: परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए कि वह पुलिस के साथ मिलकर ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध विशेष नाकाबंदी अभियान चलाए, जिससे अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके. बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां, पुलिस उप अधीक्षक, खनिज अभियंता, जिला परिवहन अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.