'मैट्रिक परीक्षा नहीं देने दिया.. बच्ची ने सदमे में जान दे दी', राबड़ी देवी ने की दोषियों पर कार्रवाई की मांग
मसौढ़ी में मैट्रिक छात्रा की आत्महत्या मामले पर राबड़ी देवी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पढ़ें..

Published : February 19, 2026 at 1:35 PM IST
पटना: मैट्रिक परीक्षा में देरी के कारण एंट्री नहीं मिलने के बाद छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी. अब ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है. बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने इसको लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बच्ची की मौत के लिए जो लोग जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. पूर्व सीएम ने खराब कानून-व्यवस्था पर भी राज्य सरकार को घेरा है.
'बच्ची ने सदमे में दी जान': पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है. 5 मिनट देर क्या हुई, लड़की को परीक्षा देने नहीं दिया गया. जिस वजह से सदमे में आकर उसने अपनी जान दे दी. उन्होंने कहा कि अगर उसको एंट्री दे दी जाती तो क्या होता जाता?
'दोषियों पर हो कार्रवाई': पूर्व सीएम ने कहा कि बच्ची ने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया, ये पूरी तरह से सरकार और परीक्षा कराने वाले लोगों की गलती है. उन्होंने कहा कि जो लोग भी इस घटना के लिए दोषी है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. राबड़ी देवी ने कहा कि वह सरकार से मांग करते हैं कि दोषी लोगों पर एक्शन लें और बच्चों को एग्जाम हॉल में जाने से ना रोका जाए.
"परीक्षा में थोड़ा सा लेट हो गया बेटी को तो वो सदमे में आ गई और जाकर रेल से कट गई. ये तो सरकार को दोष है. 5 मिनट देर हो गया तो क्या हो गया? माफ कर देता घुसा देता. उस पर तो कार्रवाई होना चाहिए. जो नहीं घुसने दिया उस पर कार्रवाई होना चाहिए. क्या कार्रवाई हुई? हमलोग कार्रवाई की मांग करते हैं."- राबड़ी देवी, पूर्व सीएम सह नेता प्रतिपक्ष, बिहार विधान परिषद
बढ़ते अपराध पर भी घेरा: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के 13वें दिन राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया. राबड़ी देवी ने नीट छात्रा हत्याकांड और शराबबंदी पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी है, फिर भी बॉर्डर से शराब कैसे आ रही है? ये सरकार किसी भी सवाल का जवाब नहीं देती है. सदन में विपक्ष को बोलते नहीं दिया जा रहा है, यह सरकार तानाशाही सरकार है.
मसौढ़ी में बच्ची ने की थी आत्महत्या: दरअसल, मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन पटना जिले के मसौढ़ी में रेलवे ट्रैक के पास एक छात्रा का शव मिला था. उसकी पहचान महाराजचक गांव की कोमल के रूप में हुई थी. उसके पिता ने आरोप लगाया कि बरनी स्थित परीक्षा केंद्र पर देरी के कारण उसे एंट्री नहीं मिली, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली.
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