चंडीगढ़ में पेयजल की गुणवत्ता पर उठे सवाल, चार साल से बिना सफाई चल रहे हैं 125 वाटर बूस्टर और रिजर्वायर
स्मार्ट सिटी चंडीगढ़ में आम लोगों के लिए आपूर्ति किए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है.

Published : June 27, 2026 at 3:11 PM IST
चंडीगढ़: स्मार्ट सिटी चंडीगढ़ में पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. आरोप है कि शहर के करीब 125 वाटर बूस्टर, वाटर रिजर्वायर और स्टोरेज टैंक पिछले चार वर्षों से बिना नियमित सफाई, मरम्मत और रखरखाव के संचालित किए जा रहे हैं. ऐसे में हजारों लोगों तक दूषित पानी पहुंचने की आशंका जताई जा रही है.
पेयजल की खराब गुणवत्ता सेहत के लिए नुकसानदेहः वाटर बूस्टरों की सफाई और रखरखाव से जुड़े दिलीप भारद्वाज का दावा है कि "नियमों के अनुसार इन जल संरचनाओं की हर छह महीने में सफाई और तकनीकी जांच होनी चाहिए, लेकिन पिछले चार वर्षों से यह काम नहीं हुआ." उनका कहना है कि "लगातार लापरवाही से पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और लोगों के स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ सकता है."

दोषियों पर कार्रवाई की मांगः उन्होंने मांग की है कि "29 जून को होने वाली नगर निगम की बैठक में इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाया जाए." इस संबंध में मेयर और नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग भी की गई है.

पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांगः वहीं, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन बॉडी क्राफ्ट के अध्यक्ष हितेश पुरी ने कहा कि "यदि पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है तो यह शहरवासियों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला है." उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और जल्द से जल्द सफाई व रखरखाव का काम शुरू कराने की मांग की है.

