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सीएम योगी बोले- होली से पहले वेतन दो, PWD के HOD ने रोक दी सैलरी, कर्मचारियों ने किया धरना-प्रदर्शन

सीएम योगी के आदेश के बाद भी PWD के कई कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है. नाराज कर्मचारियों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया.

कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन.
कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन. (Photo Credit; Pwd Employees)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 26, 2026 at 6:49 PM IST

3 Min Read
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश की अवहेलना करने पर उतारू है. एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक जारी करने का आदेश दिया है. वहीं दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग ऐसे कर्मचारियों का वेतन रोक रहा है जिन्होंने अब तक ई-ऑफिस में लॉगिन नहीं किया. होली त्योहार को देखते हुए हजारों कर्मचारी परेशान हैं.

गुरुवार को कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया. कर्मचारी नेता जेपी पांडेय ने कहा कि अधिकारियों की यह तानाशाही है. कर्मचारियों के लिए ना तो पर्याप्त कंप्यूटर है ना इंटरनेट की व्यवस्था है. बावजूद ई-ऑफिस को अनिवार्य करना पूरी तरह से गलत है. होली के अवसर पर वेतन रोक देना मुख्यमंत्री के आदेशों का उल्लंघन है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली से पहले सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को बड़ी राहत देते हुए फरवरी 2026 का वेतन और पेंशन 28 फरवरी तक जारी करने के सख्त निर्देश दिए हैं. वित्त विभाग ने सभी जिलाधिकारियों, मुख्य कोषाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी कर कहा है कि होली की छुट्टियों 1 मार्च रविवार और 2 मार्च होलिका दहन अवकाश को देखते हुए फरवरी का वेतन समय से पहले ही कर्मचारियों के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाए.

मुख्यमंत्री के इन निर्देशों का उद्देश्य कर्मचारियों को त्योहार से पहले आर्थिक सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी चिंता के होली मना सकें. सामान्यतः वेतन महीने की शुरुआत में जारी होता है, लेकिन इस बार विशेष रूप से 28 फरवरी को ही क्रेडिट करने का प्रावधान किया गया है. दूसरी ओर, लोक निर्माण विभाग में ई-ऑफिस प्रणाली को लेकर सख्ती बरती जा रही है, जिससे एक विरोधाभासी स्थिति पैदा हो गई है.

विभाग के मुख्य अभियंता (मुख्यालय-1) एके द्विवेदी द्वारा जारी पत्रों (22 दिसंबर 2025 और 4 फरवरी 2026) के अनुसार, ई-ऑफिस को पेपरलेस कार्यप्रणाली के तहत अनिवार्य बनाया गया है. NIC की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जनवरी से 20 फरवरी तक मुख्यालय के 544 और क्षेत्रीय कार्यालयों के 2927 कर्मचारियों/यूजर्स ने ई-ऑफिस पर लॉगिन नहीं किया. बार-बार निर्देश और प्रशिक्षण के बावजूद यह शिथिलता बरती गई, जिस पर शासन ने रोष जताया है.

शासन के निर्देशानुसार, ई-ऑफिस पर कार्य करने के बाद ही फरवरी का वेतन जारी किया जाएगा. जिन कर्मचारियों ने सिस्टम का इस्तेमाल नहीं किया, उनकी तनख्वाह रोकी जा रही है. विभाग से जारी आदेश का कहना है कि ई-ऑफिस का क्रियान्वयन शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और गति लाने के लिए जरूरी है, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही से यह प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.

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