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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे हादसे की जांच; इमरजेंसी गेट ब्लॉक कर बढ़ाई सीटें, स्लीपर से भी छेड़छाड़

RTO (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय ने बताया कि दिल्ली से बिहार जाने वाली डबल डेकर बस की 16 सीटों से छेड़छाड़ की गई थी.

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे हादसे की जांच.
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे हादसे की जांच. (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 26, 2026 at 10:00 AM IST

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लखनऊ: पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हुई बस हादसे की तकनीकी जांच कराई गई. जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि डबल डेकर बस के इमरजेंसी गेट को ब्लॉक कर दिया गया था. इतना ही नहीं स्लीपर सीटों से भी छेड़छाड़ की गई थी.

RTO (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय ने बताया कि दिल्ली से बिहार जाने वाली डबल डेकर बस की 16 सीटों से छेड़छाड़ की गई थी. बस में कुल 43 स्लीपर सीटें पाई गईं. वहीं, बस की वायरिंग, ब्रेक, इंजन और टायर फिट मिले. इनमें अधिकारियों को किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली है.

घटनास्थल पर जांच करते अधिकारी.
घटनास्थल पर जांच करते अधिकारी. (Photo Credit: ETV Bharat)

RTO प्रभात पांडेय ने बताया कि मौके पर बस की जांच की गई. कागजों में बस फिट थी. इंश्योरेंस, फिटनेस, परमिट, पॉल्यूशन समेत सारे दस्तावेज पूरे और मान्य हैं. इसके बाद संभागीय निरीक्षक विष्णु कुमार से बस की तकनीकी जांच करवाई गई. इसकी रिपोर्ट तैयार हो गई है.

बस में सीटों की संख्या से छेड़छाड़ की गई थी. RC में 16 स्लीपर और 32 सीटिंग सीटों की क्षमता थी. बस संचालक ने स्लीपर सीटों की संख्या 43 कर दी थी. इसके अलावा बस के इमरजेंसी गेट को पूरी तरह बंद कर दिया गया था. इसके आगे सीटें लगा दी गई थी. बस पर 5 दर्जन से ज्यादा चालान थे.

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हादसा: 23 फरवरी 2026 यानी सोमवार को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर पंजाब के लुधियाना से बिहार के दरभंगा जा जा रही डबल डेकर बस संख्या HR 55 AF 1323 हादसे का शिकार हो गई थी. ड्राइवर नशे और नींद में था.

ड्राइवर और कंडक्टर मौके से फरार हो गए थे. बस में सफर के दौरान 40 यात्री सवार थे. इनमें से 5 की मौत हो गई थी, जबकि 31 घायल थे. हादसे के बाद लखनऊ जोन के उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम, RTO प्रभात पांडेय व ARTO आलोक कुमार यादव मौके पर जांच के लिए पहुंचे थे.

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