'क्या सांसद की कोई इज्जत नहीं?' पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर मां शांति प्रिया का छलका दर्द
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी से बिहार के सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है. मां शांति प्रिया ने की भावुक अपील. देखें-

Published : February 10, 2026 at 10:43 AM IST
मधेपुरा: बिहार के पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी से बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है. 31 साल पुराने एक मामले में पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात उन्हें उनके आवास से गिरफ्तार किया. इस कार्रवाई के बाद अब उनकी मां का बयान सामने आया है. वहीं प्रशासन का दावा है कि यह गिरफ्तारी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है.
मां शांति प्रिया का भावुक बयान: पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर उनकी मां शांति प्रिया ने कहा, "मेरे बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है. वो दिल्ली से पहुंचा था सरेंडर करने के लिए, खाने-पीने के लिए कुछ नहीं दिया गया और उन्होंने तुरंत उसे घेर लिया, और धक्का मुक्की करके गिरफ्तार कर लिया, और ले गए.''
#WATCH मधेपुरा, बिहार: 1995 संपत्ति विवाद मामले में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की पुलिस गिरफ्तारी पर उनकी मां शांति प्रिया ने कहा, " मेरे बेटे को गिरफ्तार किया है... उसे खाने-पीने नहीं दिया गया और तुरंत घेरकर गिरफ्तार करके ले गए। वह एक सांसद है लेकिन क्या उसकी कोई इज्जत… pic.twitter.com/rMnpjv9N1w
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 9, 2026
''वह सांसद है, लेकिन क्या उसकी कोई इज्जत नहीं है. प्रशासन इस तरह से कर रही है. नीट वाले मुद्दे पर उसने जो किया, इस वजह से उसके साथ सरकार ऐसा सलूक कर रही है. मैं सरकार से मांग करती हूं कि मेरे बेटे को रिहा किया जाए. उसे परेशान न किया जाए. उसे बीपी, शुगर की परेशानी है. उसके पैर में दर्द है." - शांति प्रिया, सांसद पप्पू यादव की मां
सरकार पर उत्पीड़न का आरोप: शांति प्रिया ने सीधे सरकार और प्रशासन पर प्रताड़ना का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है ताकि उनके बेटे को मानसिक रूप से तोड़ा जा सके. 'यह न्याय नहीं, बल्कि उत्पीड़न है,' उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने नीट छात्रा मामले पर आवाज उठाई इसलिए उनके साथ ऐसा किया जा रहा है.

तत्काल रिहाई की मांग: मां ने सरकार से तुरंत रिहाई की मांग की और कहा कि अगर कोई मामला है तो कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए, लेकिन इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है. उन्होंने समर्थकों और जनता से अपील की कि वे पप्पू यादव के लिए न्याय की आवाज उठाएं.
पुराने मामले में अचानक कार्रवाई: पप्पू यादव, जिन्हें राजेश रंजन के नाम से भी जाना जाता है, को 1995 के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, उनके अदालत में बार-बार पेश नहीं होने के कारण यह कदम उठाया गया. गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

समर्थकों का सड़कों पर विरोध: गिरफ्तारी की सूचना फैलते ही पूर्णिया के विभिन्न इलाकों में समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा. शहर के प्रमुख चौराहों पर टायर जलाए गए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई. समर्थकों का कहना है कि यह 31 साल पुराने मामले को आधार बनाकर एक लोकप्रिय जननेता की आवाज दबाने की साजिश है.
राजनीतिक बयानबाजी तेज: बिहार की सियासत में यह मामला तेजी से गरमाता जा रहा है. एक तरफ समर्थक इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं, वहीं प्रशासन इसे कानून का पालन बता रहा है. आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है, जिससे राज्य की राजनीति पर गहरा असर पड़ सकता है.
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