गुरुओं के अपमान पर पंजाब सरकार की चुप्पी संदिग्ध, विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता बोले- सच सामने आना चाहिए
गुरुओं के अपमान के बाद जिस प्रकार पंजाब में सुनियोजित साज़िश रची जा रही है, उसे दिल्ली विधानसभा कदापि बर्दाश्त नहीं करेगी: विधानसभा अध्यक्ष

Published : January 30, 2026 at 5:16 PM IST
नई दिल्ली: सिख गुरुओं के सम्मान और अस्मिता से जुड़े संवेदनशील मामले में दिल्ली विधानसभा और पंजाब सरकार के बीच सियासी तकरार गहराती जा रही है. दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को पंजाब सरकार के ढुलमुल रवैये पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुओं के सम्मान से जुड़े इस गंभीर प्रकरण में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. दोषियों को बेनकाब करने के लिए सच का सामने आना अनिवार्य है.
दस्तावेज छिपाने का आरोप, पारदर्शिता पर सवाल
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पंजाब सरकार की मंशा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए. उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग द्वारा मामले से जुड़ी फाइलों को दबाकर रखना यह संकेत देता है कि दाल में कुछ काला है. विजेंद्र गुप्ता ने सवाल उठाया, "आखिर अब तक एफआईआर (FIR) की प्रति उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई? शिकायत की मूल कॉपी और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की आधिकारिक रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से सरकार क्यों बच रही है?" उन्होंने कहा कि इस तरह की गोपनीयता न केवल संदेह को जन्म देती है, बल्कि लोकतांत्रिक पारदर्शिता की भी धज्जियां उड़ाती है.
गुरुओं के अपमान के बाद जिस प्रकार पंजाब में सुनियोजित साज़िश रची जा रही है, उसे दिल्ली विधानसभा कदापि बर्दाश्त नहीं करेगी।
— Delhi Assembly (@DelhiAssembly) January 30, 2026
- माननीय विधानसभा अध्यक्ष श्री @Gupta_vijender जी pic.twitter.com/MzHUTl6oY5
मुख्यमंत्री कार्यालय तक जुड़ रहे हैं तार
मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि इस प्रकरण में जिस तरह की चुप्पी और टालमटोल की रणनीति अपनाई जा रही है, उससे स्पष्ट है कि कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को जानबूझकर पर्दे के पीछे रखने की कोशिश हो रही है. उन्होंने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के तार पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय तक जुड़ते नजर आ रहे हैं. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि लोकतंत्र में कोई भी सरकार जवाबदेही से ऊपर नहीं है और तथ्यों को छिपाकर न्याय की प्रक्रिया को बाधित नहीं किया जा सकता.
आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
विधानसभा अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में दोहराया कि दिल्ली विधानसभा इस मुद्दे को केवल एक प्रशासनिक या राजनीतिक विवाद के रूप में नहीं देख रही है. उन्होंने कहा, "यह हमारे श्रद्धेय गुरुओं के प्रति अटूट आस्था और उनके सम्मान का विषय है. गुरुओं के अपमान के बाद जिस तरह से झूठ का मायाजाल बुना गया और अनावश्यक शोर मचाकर मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास किया गया, उसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."
विधानसभा लेगी सख्त एक्शन
विधानसभा अध्यक्ष गुप्ता ने साफ कर दिया कि दिल्ली विधानसभा इस मामले में पूरी दृढ़ता के साथ अपना पक्ष रखेगी. उन्होंने कहा कि सच को सामने लाना और दोषियों को कानून के कटघरे में खड़ा करना विधानसभा का नैतिक और संवैधानिक दायित्व है. विधानसभा अध्यक्ष ने संकेत दिए कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में हर आवश्यक कानूनी और संवैधानिक कदम उठाए जाएंगे.
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