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बिजनौर में पुखराज हत्याकांड; दो दोषियों को उम्रकैद की सजा, 25-25 हजार का जुर्माना भी लगाया

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत पवार ने बताया कि 'दोषियों ने सजा के बाद जज को धमकी दे डाली'.

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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 27, 2026 at 5:44 PM IST

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बिजनौर : यूपी के बिजनौर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. धामपुर क्षेत्र में करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने शुक्रवार को दो आरोपियों को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. उम्रकैद की सजा सुनते ही दो दोषी आपे से बाहर आ गये. आरोप है कि दोनों दोषियों ने जज को धमकी दे डाली.

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत पवार के मुताबिक, 19 मई 2024 को खेत पर काम कर रहे पुखराज सिंह की कार से कुचलकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने जयदीप और पिंटू चौहान को दोषी ठहराया है. दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है.

अधिवक्ता अजीत पवार ने दी जानकारी. (Video credit: ETV Bharat)
मृतक की बेटी का विवाह आरोपी जयदीप के भाई प्रदीप से हुआ था. आरोप था कि विवाह के बाद दहेज की मांग को लेकर युवती को प्रताड़ित किया गया था. उसने ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए, जिनकी पैरवी उसके पिता पुखराज सिंह कर रहे थे. यही कानूनी लड़ाई धीरे-धीरे गहरी दुश्मनी में बदल गई.

दिनदहाड़े दिया वारदात को अंजाम : सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक, 19 मई 2024 को पुखराज सिंह अपने खेत पर कार्य कर रहे थे, तभी कार से पहुंचे युवकों ने उन पर हमला कर दिया था. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने पहले मारपीट की, फिर उन्हें सड़क तक घसीटा और कार से कुचल दिया था. वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे. स्थानीय लोगों ने जयदीप, पिंटू चौहान और एक अन्य व्यक्ति की पहचान की थी.

पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया : पुलिस ने विवेचना के बाद जयदीप और पिंटू चौहान के खिलाफ हत्या का आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया. अदालत में गवाहों के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य और परिस्थितिजन्य प्रमाणों को महत्वपूर्ण माना गया. मृतक की पत्नी रेनू की तहरीर और बेटी की गवाही ने अभियोजन पक्ष को मजबूती दी.



अदालत की ओर से दोष सिद्ध किए जाने और सजा सुनाए जाने के बाद दोनों अभियुक्तों ने कोर्ट परिसर में हंगामा किया. उन्होंने न्यायाधीश को धमकी तक दे डाली, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई.

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