आपदाओं के कारण PWD को हुआ ₹609 करोड़ का नुकसान, अभी भी 14 पुल जर्जर
प्राकृतिक आपदाओं के कारण साल 2025 में लोक निर्माण विभाग को 609 करोड़ का नुकसान हुआ.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 4, 2026 at 12:27 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड में बीता साल 2025 मॉनसून की आपदाओं के कारण बेहद प्रभावशाली रहा. आपदाओं के कारण प्रदेश की सड़कों और मोटर ब्रिज को काफी नुकसान हुआ. लोक निर्माण विभाग के मुताबिक प्रदेश के 13 जिलों में मौजूद लोक निर्माण विभाग के 62 डिवीजन में तकरीबन 6170 जगहों पर सड़कों को नुकसान हुआ. यह नुकसान तकरीबन 609 करोड़ रुपए का है. इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तरकाशी जिला रहा है. उत्तरकाशी जिले के नौगांव ब्लॉक में सबसे ज्यादा 119 जगह नुकसान से प्रभावित हुए हैं.
मॉनसून के बाद सभी मोटर ब्रिज का इंस्पेक्शन: प्रदेश में मॉनसून सीजन के बाद और मॉनसून सीजन से पहले सभी मोटर ब्रिज का निरीक्षण किया जाता है. क्योंकि, साल 2025 का मॉनसून सीजन काफी असरदार रहा था, इसलिए सचिव लोक निर्माण विभाग द्वारा मॉनसून सीजन के बाद प्रदेश के सभी मोटर ब्रिज का इंस्पेक्शन करने के निर्देश दिए थे.
प्रदेश में मौजूद सभी मोटर ब्रिज की स्थिति को लेकर लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे ने बताया कि,
प्रदेश भर में सभी डिवीजन में संबंधित जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के साथ मिलकर इंस्पेक्शन किया गया है. उत्तराखंड में मौजूद लोक निर्माण विभाग के सभी डिवीजन में 3575 मोटर ब्रिज हैं और इनमें से अब तक 3450 का इंस्पेक्शन किया जा चुका है. इन 3450 मोटर ब्रिज में से 14 मोटर ब्रिज जर्जर हालत में हैं.
इन जर्जर पुलों कोअलग-अलग कैटेगरी में रखा जाता है और उसी के आधार पर इनका निस्तारण किया जाता है. जो पुल रेट्रो फिटिंग के लायक होता है, उसे रेट्रो फिटिंग करवाया जाता है. जबकि जो पुल पूरी तरह से वॉश आउट या फिर क्षतिग्रस्त हो जाता हैं, उसे दोबारा निर्मित किया जाता है. -पंकज पांडे, सचिव, लोक निर्माण विभाग

PWD द्वारा विकसित किया गया ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम: उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर राजेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश में मॉनसून सीजन या फिर अन्य किसी भी वजह से होने वाले सड़कों और मोटर ब्रिज के नुकसान को लेकर इस बार लोक निर्माण विभाग द्वारा एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है. इस पर पूरे प्रदेश भर में कहीं पर भी सड़क या पुल का नुकसान होता है या फिर क्षतिग्रस्त होते हैं तो उसकी ऑनलाइन मैपिंग की जाती है. उसकी जानकारी उसकी फोटो समेत लोक निर्माण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर मैप की जाती है. उसके पुनर्निर्माण और ट्रीटमेंट को लेकर भी इस ऑनलाइन पोर्टल पर स्टेटस रिपोर्ट देखी जा सकती है. इस तरह से पूरे प्रदेश भर की मॉनिटरिंग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा रही है.

पिछले मॉनसून सीजन में जितनी भी जगह पर सड़क बाधित हुई थी, वहां पर कनेक्टिविटी को दोबारा शुरू कर दिया गया है. जहां पर बड़े डैमेज हुए हैं, वहां पुनर्निर्माण के लिए लगातार कार्रवाई जारी है, जिसके लिए आपदा प्रबंधन के एसडीआरएफ मद से तकरीबन 50 करोड़ रुपए लोक निर्माण विभाग को दिया गया है.
मॉनसून सीजन के बाद बहुत कम समय में विभाग द्वारा प्रदेश में बड़ी संख्या में सड़कों को रिपेयर किया है. प्रदेश भर में तकरीबन 4400 किलोमीटर की सड़कों को गड्ढा मुक्त किया गया है. अब आने वाले बर्फबारी के सीजन को देखते हुए भी लगातार विभाग अपने ऐसे स्पॉट को चिन्हित कर रहा है, जहां सड़कों को नुकसान हो सकता है और जहां पर सड़कें बंद हो सकती हैं. ऐसी जगह पर लगातार मशीनरी तैनात की जा रही है, ताकि यातायात ज्यादा समय के लिए बाधित न रहे. -राजेश शर्मा, प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग उत्तराखंड
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