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Pink E-Bus Trial : मिट्टी के कट्टों के साथ तीन दिन का ट्रायल शुरू, दो चरण में चलेंगी 300 ई-बसें

अभी दो बसें पहुंची हैं जयपुर. पिंकसिटी में दो डिपो को 75-75 बसें पहले चरण में मिलेंगी.

Public Transport
पिंकसिटी में दौड़ी गुलाबी ई-बस (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 26, 2026 at 4:34 PM IST

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जयपुर: पिंकसिटी जयपुर में अब शहरी ट्रांसपोर्ट की तस्वीर बदलने जा रही है, जहां गुलाबी रंग की ई बसों का तीन दिन का ट्रायल गुरुवार से शुरू कर दिया गया है. यह ट्रायल आगामी तीन दिन तक चलेगा. यह ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद जयपुर में दो चरणों में 300 गुलाबी ई-बसें आएंगी. फिलहाल, जयपुर में दो ई-बसें आई हैं, जिनका ट्रायल शुरू कर दिया गया है.

जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) के मुख्य वित्तीय अधिकारी पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री ई बस योजना के तहत गुरुवार से ई बस का ट्रायल रन शुरू किया गया है. अब तीन दिन मानसरोवर स्थित अग्रवाल फार्म से ई बस का ट्रायल रन शुरू किया गया है. ट्रायल रन के दौरान बसों में यात्रियों को नहीं बिठाया गया. यात्रियों के वजन के बराबर मिट्टी के कट्टे रखकर ट्रायल रन किया गया.

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फिलहाल, दो बसों से किया जा रहा ट्रायल : उन्होने बताया कि फिलहाल, 12 मीटर और 9 मीटर की दो गुलाबी ई बस जयपुर पहुंची हैं. ट्रायल रन के दौरान संचालन, बैटरी क्षमता और यात्री सुविधा का परीक्षण किया जाएगा. इसके साथ ही जेसीटीएसएल के बगराना और टोडी डिपो में भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. ट्रायल रन सफल होने के बाद दोनों डिपो को पहले चरण में 75-75 ई बसें मुहैया करवाई जाएंगी. ट्रायल पूरा होने के 45 दिन के भीतर जयपुर को 150 ई बस मिलेंगी. अगले चरण में जेसीटीएसएल के बेड़े में 168 बसों को और शामिल किया जाएगा.

चार्जिंग और मेंटिनेंस पर भी ध्यान : उनका कहना है कि पीएम ई बस योजना के तहत इस साल जून तक जयपुर में 318 ई बस संचालित करने का लक्ष्य है. इनकी चार्जिंग और मेंटिनेंस को लेकर भी तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं. उन्होंने बताया कि स्वच्छ परिवहन व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार का राजस्थान को 675 ई बस देने का लक्ष्य है. इनमें जयपुर को प्राथमिकता देते हुए 300 ई बस यहां संचालित करने का लक्ष्य है. पहले 300 सीएनजी बसों का संचालन करने का लक्ष्य था. अब पूरी तरह ई बस पर ध्यान केंद्रित किया गया है.

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यात्रियों के वजन के बराबर रखे मिट्टी के कट्टे : ट्रायल रन के दौरान बसों में यात्रियों को नहीं बैठाया गया है. जबकि, यात्रियों की क्षमता के बराबर मिट्टी के कट्टे रखकर बसों का ट्रायल रन करवाया गया है. जयपुर के साथ ही आठ शहरों के लिए ई बसों की स्वीकृति मिली है. जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर, अजमेर के किए पहले चरण में 675 बसों की स्वीकृति मिली है. जेसीटीएसएल द्वारा फर्म के साथ 7 जुलाई 2025 को अनुबंध किया जा चुका है. अप्रैल 2026 में ई-बसों का संचालन होने की संभावना जताई जा रही है.