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कोरबा में अंडरपास नही बनने से जनता परेशान , प्रशासनिक उदासीनता का खामियाजा भुगत रहा पुराना शहर

कोरबा के पुराने शहर में जनता जाम से बेहाल है.रेलवे अंडरपास न बनने के खामियाजा स्थानीय भुगत रहे हैं.राजकुमार शाह की रिपोर्ट

PUBLIC STUCK IN TRAFFIC JAM
कोरबा में अंडरपास नही बनने से जनता परेशान (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : September 2, 2026 at 7:54 PM IST

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Updated : September 3, 2026 at 9:39 AM IST

7 Min Read
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कोरबा : कोरबा का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र अब जाम की जद में है. पुराने शहर के नाम से जाना जाने वाले इलाके में कई व्यापारिक गतिविधियां होती हैं.इसकी वजह से लोगों का इस क्षेत्र में आवागमन लगा रहता है.लेकिन यहां आने वाले लोगों का सामना जाम से होता है.जो उनकी तेज जिंदगी में ब्रेक लगाने का काम करती है.बारिश के मौसम में ये समस्या और भी विकराल हो जाती है.

वीआईपी क्षेत्र माना जाता है पुराना शहर

आपको बता दें कि कोरबा में पुराने शहर की शुरुआत टीपी नगर के बाद सुनालिया नहर पुल से पावर हाउस रोड के जरिए होती है. कोरबा के इस इलाके में पूर्व सांसद, पूर्व महापौर से लेकर पूर्व मंत्री और वर्तमान महापौर का निवास भी है. ग्रामीण क्षेत्र से भी बड़ी तादात में लोग पुराने शहर आते हैं. रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए भी लोग इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं. हर दिन लाखों की तादाद में लोग यहां से आवागमन करते हैं.

कोरबा में अंडरपास नहीं बनने से जनता परेशान (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

जाम की समस्या से जनता परेशान

कोरबा पुराना शहर में कुछ सालों से जाम की समस्या इतनी विकराल हो गई है कि वाहनों के पहिए सुनालिया पुल पर पहुंचते पहुंचते थम जाते हैं. सुनालिया पुल पर यातायात का दबाव तेजी से बढ़ा है. खास तौर पर सुबह के समय जब मार्केट खुलता है और शाम के 5 बजे के बाद वाहनों की गति धीमी हो जाती है. छुट्टी वाले दिन और त्योहारी सीजन में तो लोग कछुआ गति से चलते हैं. यदि कोई एक बार सुनालिया पुल के जाम में फंस गया, तो उसे यहां से निकलने में लंबा समय लगता है.

समस्या से छुटकारा पाने के लिए अंडरपास की योजना

विकराल समस्या उत्पन्न होने के बाद सुनालिया फाटक पर अंडरपास के निर्माण की योजना बनी थी. दूसरी तरफ से भी एक सड़क अग्रसेन चौक तक बनाया जाना प्रस्तावित है. सड़क की निविदा जारी की जा चुकी है. जबकि अंडरपास का निर्माण आज तक शुरू नहीं हो सका है. 2 साल पहले यहां अंडरपास निर्माण के लिए मकानों को तोड़ा गया, लोगों को मुआवजा भी मिला,लेकिन अंडरपास का काम शुरु नहीं हो सका.अंडरपास की प्रक्रिया अभी फाइलों में फंसी हुई है. जिसे धरातल पर नहीं उतारा जा सका है.

Compensation distributed
मकानों को तोड़कर बांटा गया मुआवजा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

मकान तोड़े लेकिन नहीं शुरू हो पाया निर्माण

स्थानीय निवासी धर्मेंद्र का कहना है कि सुनालिया पुल से लेकर संजय नगर तक जाम लगने की समस्या आम बात हो गई है. यहां अंडरपास का निर्माण होना था, एक साल से ज्यादा समय हो चुका है. हमारे मकान तो तोड़ दिए गए, लेकिन काम आज तक शुरू नहीं हो पाया है.

मेरे घर के आसपास के पांच घर टूटे हैं. दूसरी तरफ के भी घरों को तोड़ा गया है. जाम की समस्या से हम सब परेशान हैं. बच्चों का स्कूल हो या फिर अन्य काम. लोग यहां फस जाते हैं. लोग ओवर ब्रिज का भी इस्तेमाल नहीं करते सब इसी मार्ग से आना जाना करते हैं- धर्मेंद्र स्थानीय, निवासी

निर्माण कब शुरू होगा पता नहीं, योजना ठंडे बस्ते में

स्थानीय निवासी मिथलेश जायसवाल का कहना है कि दिक्कत तो इतनी ज्यादा हो रही है कि हम क्या बताएं, जितने भी शुभचिंतक है शहर के, सब खामोश बैठे हैं. सुनालिया पुल के दोनों तरफ जाम की विकराल समस्या है. पिछले दो-तीन साल से भी ज्यादा समय हो चुका है. गरीब लोगों के घर तोड़ दिए गए, उन्हें परेशानी हुई. हालांकि मुआवजा दिया गया. लेकिन काम शुरू नहीं किया गया है.

Railways Delay in work
रेलवे की ओर से काम में हो रही देरी (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

अंडरपास की योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. जब जाम लगता है तो लंबी कतार लग जाती है. स्कूल के बच्चे, ऑफिस जाने वाले और यहां तक की एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है. लोग काफी परेशान हैं, हर हाल में यहां काम शुरू होना चाहिए. तभी लोगों को जाम से निजात मिलेगी- मिथलेश जायसवाल, स्थानीय

प्रशासनिक उदासीनता का खामियाजा भुगत रही जनता

प्रशासनिक उदासीनता और लेट लतीफी के कारण शहर की जनता जाम से परेशान है. व्यापारियों से लेकर आम जनता तक अंडरपास का निर्माण चाहते हैं, अंडरपास के लिए जब 30 करोड रुपए की राशि की स्वीकृति दी गई थी. तब स्थानीय विधायक और मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी इसे कोरबा की जरूरत बताते हुए इसे बड़ी उपलब्धि माना था. लेकिन आज तक इसका निर्माण शुरू नहीं हो सका है.अंडरपास के विषय में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि सुनालिया पुल पर जाम से निजात दिलाने के लिए एक तरफ अग्रसेन चौक तक रोड का निर्माण किया जा रहा है. इसकी निविदा निगम ने जारी कर दी है.

Traffic jams occur in Old City Of korba
पुराना शहर में सुबह शाम लगता है जाम (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

दूसरी तरफ अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है, इसके लिए रेलवे के द्वारा उनका जो नेटवर्क है, वायरिंग और लाइन के शिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा है. जैसे ही यह कार्य खत्म होंगे और बरसात खत्म होगी अक्टूबर माह से हम अंडरपास का काम शुरू कर देंगे- कुणाल दुदावत,कलेक्टर

वाई शेप के आकार में बनेगा अंडरपास

सुनालिया रेलवे फाटक पर वाई-शेप रेल अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है. इस महत्वाकांक्षी योजना की ​कुल लागत को देखते हुए शासन और जिला प्रशासन ने 30 करोड़ 96 लाख 89 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है. इस प्रोजेक्ट के मार्ग में मुख्य बाधा सिंचाई विभाग की जमीन पर बने अवैध कब्जे और मकान थे, जिन्हें हटाया गया है. हालांकि लेटलतीफी के कारण कुछ जगहों पर दोबारा अतिक्रमण शुरू हो गए हैं. ​इस अंडरपास का निर्माण पीडब्ल्यूडी के सेतु निगम की देखरेख में और राइट्स (RITES) की मदद से संयुक्त तौर पर किया जाना है. इस परियोजना के लिए लगभग 30.97 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत डीएमएफ से की गई है. ​

कैसे बनेगा अंडरपास ?

सुनालिया रेलवे फाटक में अंडरपास की कुल लंबाई लगभग 490.50 मीटर होगी. इसमें नहर चौक तरफ 188.50 मीटर, रेलवे स्टेशन की तरफ 138.50 मीटर और पुरानी बस्ती कोतवाली की ओर 138.50 मीटर का हिस्सा शामिल है. पुल की कुल चौड़ाई 8.5 मीटर होगी. रेलवे ट्रैक के ठीक नीचे 25 मीटर लंबा सुरंगनुमा बॉक्स वाला हिस्सा बनेगा. योजना को कागजों और प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है. लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हो सका है.

कब शुरु हुई थी अंडरपास की प्रक्रिया ?

सुनालिया नहर पुल मुख्य मार्ग पर बनने वाले वाई शेप अंडरपास की प्रक्रिया कोरबा के तत्कालीन कलेक्टर अजीत वसंत के कार्यकाल में शुरू हुई थी. हालांकि इस स्थान पर अंडरपास की योजना काफी पुरानी है. लेकिन काम आगे नहीं बढ़ पाया था. अक्टूबर 2024 में सुनालिया नहर पुल के आस पास निवासरत लोगों के व्यवस्थापन के लिए प्रशासन ने जिला खनिज संस्थान न्यास मद से 3 करोड़ 30 लाख की राशि स्वीकृत की थी. परिसम्पत्ति निर्धारण का मूल्यांकन कार्य पूर्ण करने के बाद लोगों को स्थानांतरित कर कार्य तेजी से पूर्ण करने के दावे किए गए थे. कलेक्टर ने तब भी ये कहा कि सुनालिया रेल्वे क्रासिंग शहर के यातायात का महत्वपूर्ण स्थान है, जहां रेलवे क्रॉसिंग के बंद हो जाने से शहर में वाहनों के जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है. शहर में आवागमन की सुगमता के लिए सुनालिया पुल अंडरपास का कार्य तेजी से कराना आवश्यक है. इसके बाद मुआवजा का वितरण किया गया था. जरूरत के अनुसार मकानों को तोड़कर मुआवजा बांटा गया.

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Last Updated : September 3, 2026 at 9:39 AM IST