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'फ्लॉप शो' रहा गैरसैंण तहसील दिवस, सिर्फ 7-8 जनप्रतिनिधि पहुंचे, नगर पंचायत अध्यक्ष को भी नहीं थी सूचना

जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उन्हें तहसील दिवस के आयोजन की सूचना नहीं दी गई, इस कारण कम फरियादी पहुंचे

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तहसील दिवस पर खाली पड़ी कुर्सियां (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : September 2, 2026 at 7:55 AM IST

3 Min Read
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गैरसैंण: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण विकासखंड कार्यालय के सभागार में मंगलवार 1 सितम्बर को उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग/गैरसैंण अलकेश नोडियाल की अध्यक्षता में तहसील दिवस का आयोजन हुआ. इस दौरान विभिन्न विभागों के 30 से अधिक अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन फरियादियों की संख्या ना के बराबर रही. तहसील दिवस में केवल 34 शिकायतें ही दर्ज हो सकीं. इनमें से तीन से चार शिकायतें एक ही जनप्रतिनिधि द्वारा दर्ज करवाई गई थी. कम संख्या में फरियादियों और जनप्रतिनिधियों के पहुंचने को लेकर तहसील दिवस की सूचना व्यवस्था पर भी सवाल उठे रहे हैं.

फ्लॉप शो रहा गैरसैंण का तहसील दिवस: तहसील दिवस में पहुंचे जनप्रतिनिधियों का कहना था कि, तहसील दिवस के आयोजन की जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच सकी. इस कारण अधिकांश लोग तहसील दिवस में नहीं पहुंच पाए. उन्होंने तहसील प्रशासन से भविष्य में तहसील दिवस का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की मांग की, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रख सकें.

तहसील दिवस में 30 अफसर और सिर्फ 34 शिकायतें (Etv Bharat)

लोगों को नहीं थी तहसील दिवस की जानकारी: क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र आर्या ने कहा कि-

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गैरसैंण का तहसील दिवस महज दिखावा बनकर रह गया (ETV Bharat)

तहसील दिवस में जनता व जनप्रतिनिधियों के न पहुंचने का सबसे बड़ा कारण जनता तक जानकारी न पहुंचना है. जनप्रतिनिधियों तक समय पर सूचना उपलब्ध नहीं करवाई जाती है. इस कारण तहसील दिवस मात्र खानापूर्ति बनकर रह गए हैं.
-वीरेंद्र आर्या, क्षेत्र पंचायत सदस्य-

गिने-चुने जन प्रतिनिधि ही तहसील दिवस में पहुंचे: वीरेंद्र आर्या ने बताया कि, तहसील दिवस में मात्र 7 से 8 जनप्रतिनिधि ही पहुंच पाए हैं. तहसील प्रशासन द्वारा प्रचार प्रसार व समय पर सूचना उपलब्ध करवाई जाती तो निश्चित रूप से लोग तहसील दिवस का लाभ उठाते. हर बार इस प्रकार के शिविरों का आयोजन किया जाता है या फिर बीडीसी बैठक होती है, उसमें तमाम समस्याओं को उठाया जाता है, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है.

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तहसील दिवस में 30 से ज्यादा अफसर पहुंचे, जनप्रतिनिधि सिर्फ 7 से 8 ही पहुंचे (ETV Bharat)

नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा मुझे भी तहसील दिवस की सूचना नहीं दी गई: नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी ने कहा कि-

नगर का प्रथम नागरिक होने के चलते मुझे भी तहसील दिवस की सूचना दी जानी चाहिए थी. मुझे भी मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि गैरसैंण में तहसील दिवस आयोजित हुआ है. सरकार द्वारा जनता की शिकायतों के समय पर निस्तारण के लिए तहसील दिवस आयोजित किए जाते हैं, लेकिन तहसील प्रसाशन द्वारा सूचना उपलब्ध न कराना कई सवाल खड़े करता है.
-मोहन भंडारी, अध्यक्ष, नगर पंचायत-

एसडीएम ने शिकायतों का जल्द समाधान करने को कहा: मोहन भंडारी ने कहा कि, तहसील दिवस जनता की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित किए जाने चाहिए न कि खानापूर्ति के लिए. इससे पूर्व में भी बहुउद्देश्यीय शिविर और तहसील दिवस आयोजित किए जाते रहे हैं, लेकिन दूर दराज से आने वाले ग्रामीण समस्याओं का समाधान न होने पर अपने आप को ठगा सा महसूस करते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार व अधिकारियों को जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए जिससे जनता में भी विश्वास पैदा हो. इस दौरान उपजिलाधिकारी अल्केश नोडियाल ने शिकायतों के शीघ्र समाधान किये जाने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए.

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जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उन्हें तहसील दिवस की सूचना नहीं दी गई थी (ETV Bharat)

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