PU छात्रसंघ चुनाव में वोटिंग के दौरान हंगामा, पुलिस और छात्रों में झड़प, मतदान प्रक्रिया पूुरी
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल (PUCSC) के चुनाव आज हो रहे हैं. वोटिंग प्रक्रिया खत्म हो चुकी है. वोटों की गिनती शुरू हो गई है.

Published : August 31, 2026 at 9:03 AM IST
चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल (PUCSC) के चुनाव के लिए मतदान हो चुका है. इस चुनाव में चार प्रमुख छात्र संगठनों के उम्मीदवार प्रेसिडेंट पद के लिए आमने-सामने हैं. वोटिंग सुबह 9:30 बजे से शुरू हुई और दोपहर 12:30 बजे तक चली, जिसके बाद तुरंत वोटों की गिनती शुरू हुई. 16,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मताधिकार का इस्तेमाल किया.
PU छात्रसंघ चुनाव में वोटिंग के दौरान हंगामा: पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव की वोटिंग पूरी हो चुकी है. वोटिंग के दौरान लॉ डिपार्टमेंट के छात्रों की ओर से हंगामा किया गया. दरअसल पुलिस ने सुबह 11.50 पर वोटिंग रूम के दरवाजे बंद कर दिए थे. जबकि वोट डालने का समय 12 बजे तक का था. जिसके बाद कांग्रेस यानी NSUI के कार्यकर्ताओं की ओर से लॉ डिपार्टमेंट के बाहर दरवाजा खोलने को लेकर हंगामा किया गया. इसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच झड़प देखने को मिली. कुछ देर बाद ही पुलिस की ओर से दरवाजे खोल दिए गए. जिन छात्रों को देरी हुई. उन्होंने भी वोटिंग की.
चुनावी माहौल और उम्मीदवार: इस बार के चुनाव में NSUI (कांग्रेस), ASAP (AAP), ABVP (BJP) और Sath के उम्मीदवार प्रेसिडेंट पद के लिए मैदान में हैं. कुल 16 उम्मीदवार विभिन्न पदों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें से चार प्रेसिडेंट पद के लिए हैं. चुनाव को देखते हुए कैंपस में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए. इस बार प्रेसिडेंट पद के लिए चार दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं.
- NSUI (कांग्रेस का छात्र संगठन)
- ASAP (AAP का छात्र संगठन)
- ABVP (BJP का छात्र संगठन)
- Sath (यूनिवर्सिटी का अपना समूह)
- 16,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स वोट डालेंगे.
इनके अलावा, 16 उम्मीदवार कुल मिलाकर चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें से चार प्रेसिडेंट पद के लिए हैं.
छात्रसंघ चुनाव की खास बातें:
- गेट नंबर 1 (PGI साइड) दोपहर 12 बजे से 4:30 बजे तक बंद रहेगा, जिससे ट्रैफिक और भीड़ को कंट्रोल किया जा सके.
- स्टूडेंट्स को अपने डिपार्टमेंट में 9 बजे से पहले पहुंचने की सलाह दी गई थी.
- सुरक्षा कैंपस में बढ़ा दी गई, बाहर के लोगों के प्रवेश पर पाबंदी रही.
- ASAP ने इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गनाइज़ेशन, पंजाब यूनिवर्सिटी डेमोक्रेटिक फ्रंट और इंडिपेंडेंट कैंडिडेट विशाल बामल के साथ गठबंधन किया है, जबकि ABVP और SOI ने भी अपने गठबंधन की घोषणा की है.
पिछले चुनावों का इतिहास: पिछले साल ISF के उम्मीदवार ने प्रेसिडेंट पद जीता था, जबकि NSUI और ABVP का भी कैंपस में मजबूत दबदबा रहा है. इस बार ASAP के उम्मीदवार आदिल बरार प्रेसिडेंट पद के लिए मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.
चुनाव का शेड्यूल:
- वोटिंग शुरू होगी: सुबह 9:30 बजे
- वोटिंग खत्म होगी: दोपहर 12:30 बजे
- वोटों की गिनती: 12:30 बजे से शुरू होगी
गठबंधन और आरोपों पर टिका पीयू छात्रसंघ चुनाव! कैंपस में आयोजित सभाओं और प्रचार कार्यक्रमों में प्रत्याशी अपने प्रतिद्वंद्वी संगठनों पर निशाना साधते नजर आए. कई जगहों पर छात्रों की संख्या कम और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ज्यादा दिखाई दी. इंटरनेट मीडिया भी चुनावी आरोप-प्रत्यारोप का प्रमुख मंच बना रहा. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार चुनावी माहौल अपेक्षाकृत फीका रहा. इसका असर मतदान प्रतिशत पर भी पड़ने की संभावना जताई गई.

अंतिम समय में बदले चुनावी समीकरण? मतदान से ठीक एक दिन पहले एबीवीपी और शिरोमणि अकाली दल के छात्र संगठन एसओआई के बीच गठबंधन का ऐलान हुआ. एसओआई के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार प्रणव का नामांकन पात्रता से जुड़े विवाद के बाद रद्द कर दिया गया था. इसके विरोध में एसओआई की ओर से डीएसडब्ल्यू कार्यालय और गेट नंबर-दो पर प्रदर्शन भी किया गया था. अब गठबंधन के बाद एसओआई अपने समर्थकों को एबीवीपी के पक्ष में लामबंद करने की कोशिश करेगा। इस गठजोड़ ने अन्य संगठनों के सामने भी नए वोट समीकरण की चुनौती खड़ी कर दी है.
अंकित बिढान के नामांकन पर भी विवाद: वहीं एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अंकित बिढान को लेकर भी चुनाव से पहले विवाद जारी रहा. आम आदमी पार्टी के पीयू चुनाव प्रभारी और विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने उनके नामांकन में छह खामियां होने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि अंकित को नकल के मामले में दो साल के लिए प्रतिबंधित किया गया था और सेक्टर-11 में मारपीट का मामला भी दर्ज है. इसके अलावा उनकी साबरमती यूनिवर्सिटी की डिग्री की मान्यता पर भी सवाल उठाए गए.
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