बीपीएड की फर्जी डिग्री से नौकरी, सत्य साईं यूनिवर्सिटी के वीसी, परीक्षा नियंत्रक सहित तीन गिरफ्तार
राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने की कार्रवाई, विश्वविद्यालय से डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त.

Published : August 25, 2026 at 8:47 PM IST
जयपुर: बीपीएड की फर्जी डिग्री से सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीहोर (मध्यप्रदेश) की सत्य साईं यूनिवर्सिटी में छापेमारी की. विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर, परीक्षा नियंत्रक और कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है. एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि सीहोर (मध्यप्रदेश) स्थित सत्य साईं यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर मुकेश तिवाड़ी, परीक्षा नियंत्रक संजय राठौड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर आनंद शर्मा को गिरफ्तार किया गया है. जबकि दो अन्य आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है.
आवेदन और दस्तावेज सत्यापन में गलत जानकारी: एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि सरकार की भर्ती परीक्षा में नकल एवं अन्य अनियमितताओं के विरुद्ध अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एसओजी लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर की ओर से 15 दिसंबर, 2022 को आयोजित शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में अभ्यर्थी भारमल ने आवेदन किया था. आवेदन के समय उसने बीपीएड की डिग्री चूरू की ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से जारी होना बताया, जबकि जांच में सामने आया की दस्तावेज सत्यापन में उसने ओपीजेएस यूनिवर्सिटी की डिग्री पेश की.
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डमी अभ्यर्थी बिठाकर बना पीटीआई: जांच के दौरान सामने आया कि अभ्यर्थी भारमल राम ने भर्ती परीक्षा में अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा पास की और सरकारी पीटीआई बन गया. शिकायत मिलने पर एसओजी ने जांच की तो डिग्री फर्जी पाई गई. इसके बाद एसओजी ने मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया. भारमल की गिरफ्तारी के बाद सामने आया कि उसने दस्तावेज सत्यापन के समय सत्य साईं यूनिवर्सिटी की डिग्री पेश की. यह डिग्री बैकडेट में फर्जी तरीके से जारी की गई थी.
वारंट लेकर ली तलाशी: एसओजी ने कोर्ट से वारंट लेकर विश्वविद्यालय में तलाशी ली और रिकॉर्ड व कंप्यूटर डेटा जब्त किया. जब्त रिकॉर्ड एवं कंप्यूटर रिकॉर्ड का फॉरेंसिक फाइनेंशियल एक्सपर्ट से परीक्षण करवाया गया, जिसमें सामने आया कि विश्वविद्यालय द्वारा छात्र भारमल राम के नाम से दो अलग-अलग फीस संबंधी लेजर अकाउंट बनाए गए थे. फॉरेंसिक फाइनेंशियल ऑडिट में इन लेजर अकाउंट्स की प्रविष्टियों के बाद की तारीख में बनाए जाने तथा बैकडेट में रिकॉर्ड तैयार किए जाने के तथ्य सामने आए.
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जांच में सामने आई गड़बड़ी: ऑडिट में यह भी सामने आया कि संबंधित परीक्षा का परिणाम 21 अक्टूबर, 2022 को जारी हुआ था, जबकि फीस संबंधी लेजर में प्रविष्टियां इसके बाद की गई. इस मामले में आईजी अजयपाल लांबा, डीआईजी भुवन भूषण यादव के सुपरविजन और एसपी कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में अनुसंधान किया जा रहा है. अनुसंधान के दौरान विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर विश्वविद्यालय के कुलपति (Vice Chancellor) मुकेश तिवाड़ी, परीक्षा नियंत्रक संजय राठौड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर आनंद शर्मा की आपराधिक भूमिका सामने आने पर तीनों को आज मंगलवार को गिरफ्तार किया गया.
66 अभ्यर्थियों की डिग्री इसी यूनिवर्सिटी की: पीटीआई भर्ती में 66 अभ्यर्थियों ने सत्य साईं विश्वविद्यालय की डिग्री पेश की है. विश्वविद्यालय में बीपीएड की 100 सीटें अनुमोदित हैं. शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 से पूर्व के सत्रों में इस विश्वविद्यालय से बीपीएड करने वाले विद्यार्थियों में राजस्थान के अभ्यर्थियों की संख्या अत्यधिक होना भी अनुसंधान के दौरान संदेह का विषय सामने आया है. अनुसंधान में यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में कुल 66 अभ्यर्थियों द्वारा इस विश्वविद्यालय की बीपीएड डिग्री प्रस्तुत की गई. इनमें से अधिकांश डिग्रियों का बैकडेट में जारी होना प्रथम दृष्टया सामने आया है. इस संबंध में एसओजी द्वारा रिकॉर्ड एवं डिजिटल साक्ष्यों का विस्तृत अनुसंधान किया जा रहा है. मूल अभ्यर्थी भारमल को पहले गिरफ्तार कर उसके खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है.
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