लखनऊ विश्वविद्यालय के तीनों गर्ल्स हॉस्टल के बदले गए प्रोवोस्ट, मेस का खाना खाने से बीमार हुई थीं लड़कियां, किया था हंगामा
लड़कियों के हंगामे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. तीनों महिला हॉस्टल में प्रोवोस्ट और असिस्टेंट प्रोवोस्ट को बदल दिया है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 28, 2026 at 7:02 PM IST
|Updated : February 28, 2026 at 7:12 PM IST
लखनऊ : लखनऊ विश्वविद्यालय के गंगा महिला छात्रावास में मेस के खाने को लेकर हुए विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. गंगा हॉस्टल के प्रोवोस्ट और असिस्टेंट प्रोवोस्ट को बदलते हुए नई नियुक्तियां की गई हैं.
बीते दिनों छात्राओं ने मेस के खाने की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताई थी. आरोप था कि खाना खाने के बाद कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई थी. उल्टी, दस्त और बेहोशी जैसी समस्याएं सामने आईं, जिसके बाद छात्राएं प्रदर्शन पर उतर आईं.
वायरल वीडियो को बताया फर्जी : इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर सोयाबीन की सब्जी में चूहे के बच्चे पाए जाने का दावा किया गया. हालांकि, हॉस्टल प्रशासन ने इस वीडियो को फर्जी बताते हुए कहा कि यह उनके हॉस्टल का नहीं है. संस्थान को बदनाम किया जा रहा है.
हाइजीन का रखा जाता है ध्यान : कौटिल्य छात्रावास के प्रोवोस्ट डॉ. अभिषेक ने कहा, मेस में साफ-सफाई और हाइजीन का पूरा ध्यान रखा जाता है. छात्रों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है. वहीं कुछ छात्राओं ने भी वर्तमान में किसी समस्या से इनकार किया है.
एक्शन के बाद व्यवस्था सुधरी : गंगा हॉस्टल की छात्रा आंचल सिंह ने बताया, पहले खाने को लेकर शिकायतें थीं और प्रदर्शन भी हुआ था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए हॉस्टल प्रशासन में बदलाव कर दिया है. इसके बाद से स्थिति सामान्य है और अब भोजन की गुणवत्ता बेहतर है.
मेस संचाल की सफाई : मेस संचालक मोहित कुमार ने कहा, 200 छात्राओं में से केवल एक के खाने में समस्या आई, तो पूरे मेस की गुणवत्ता पर सवाल उठाना उचित नहीं है. विश्वविद्यालय प्रशासन से लगातार संपर्क बना हुआ है और सभी व्यवस्थाएं पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही हैं.
60 रुपये में दे रहे तीन टाइम का खाना : संचालक ने बताया, एक छात्रा के तीन समय के भोजन के लिए करीब 80 रुपये निर्धारित हैं, जिसमें से जीएसटी कटने के बाद लगभग 60 रुपये बचते हैं. उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में 60 रुपये में तीन समय का संतुलित और साफ-सुथरा भोजन उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण है, फिर भी प्रतिदिन करीब 200 छात्राओं को भोजन दिया जा रहा है और अब कोई शिकायत शेष नहीं है.
तीनों महिला छात्रावासों में नई तैनाती : कुलसचिव ने न्यू कैंपस स्थित तीनों महिला छात्रावास गंगा, लावण्या और डॉ. बीआर अंबेडकर में नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं. डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव को अतिरिक्त मुख्य अभिरक्षक (नवीन परिसर) व लावण्या छात्रावास की प्रोवोस्ट नियुक्त किया गया है. डॉ. रितु सिंह को लावण्या की असिस्टेंट प्रोवोस्ट, डॉ. नीतम सिंह को गंगा छात्रावास की प्रोवोस्ट और डॉ. प्रनति श्रीवास्तव को असिस्टेंट प्रोवोस्ट, डॉ. अर्चना सिंह को बीआर अंबेडकर महिला छात्रावास की प्रोवोस्ट, ई. निधि श्रीवास्तव को असिस्टेंट प्रोवोस्ट नियुक्त किया गया है.
मेस की बढ़ाई गई निगरानी : सभी पदों पर विधि संकाय के शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. इससे पहले आईएमएस, फार्मेसी संस्थान और टूरिज्म स्टडीज के संविदा शिक्षकों को भी छात्रावास प्रशासनिक दायित्व दिए गए थे. विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. मेस व्यवस्था की निगरानी बढ़ा दी गई है और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की जा रही है.
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