शिक्षक की कमी का विरोध, पालकों ने स्कूल में जड़ा ताला, एक शिक्षक पर 32 बच्चों का जिम्मा
बालोद के डौंडी विकासखंड में स्कूल में शिक्षक की कमी का विरोध हुआ.पालकों ने मलकुवर प्राथमिक शाला में तालाबंदी करके शिक्षक की मांग की.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 25, 2026 at 3:46 PM IST
बालोद : आदिवासी विकासखंड डौंडी के ग्राम मलकुवर प्राथमिक शाला में शिक्षकों की कमी से नाराज पालकों और ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया. ग्रामीण स्कूल के सामने टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए. आपको बता दें कि मलकुवर स्कूल में 32 बच्चों पर महज एक शिक्षक है, जबकि प्रधान पाठक पिछले 4 साल से अस्वस्थ होने के कारण स्कूल नहीं आ रहे.
एक शिक्षक के भरोसे बच्चों का भविष्य
ग्रामीण रोमन लाल सहारे ने कहा कि एक शिक्षक के भरोसे बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है. ये एक सप्ताह में दूसरी घटना है जब स्कूल में ताला लगाया गया हो आपको बता दें कि स्कूल खुलने के बाद से शिक्षकों की कमी जैसी समस्या लगातार सामने आ रही है.

एक शिक्षक के भरोसे 32 बच्चों और पांच क्लास को संभालना मुमकिन नहीं है। हमारे बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है। अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। मजबूरी में हमें यह कदम उठाना पड़ा-रोमन लाल सहारे,ग्रामीण

मलकुवर प्राथमिक शाला में कुल 32 बच्चे दर्ज हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए केवल एक ही शिक्षक तैनात है.स्कूल में पदस्थ प्रधान पाठक पिछले 4 वर्षों से गंभीर रूप से अस्वस्थ चल रहे हैं, जिसके कारण वे लंबे समय से स्कूल नहीं आ पा रहे हैं-माधुरी ठाकुर,सरपंच
बीईओ ने मौके पर जाकर दिया आश्वासन
तालाबंदी की खबर मिलते ही बीईओ प्रवीण चतुर्वेदी और तहसीलदार देवेंद्र नेताम मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया और पास के नर्राटोला हाई स्कूल से एक शिक्षक की वैकल्पिक व्यवस्था की, जिसके बाद ग्रामीणों ने ताला खोला.

एक हफ्ते में दूसरी घटना, 'कोकाण' स्कूल का मामला गरमाया
डौंडी ब्लॉक में एक सप्ताह के भीतर तालाबंदी की यह दूसरी घटना है. इससे पहले कांडे स्कूल में भी 93 बच्चों पर 2 शिक्षक होने के कारण तालाबंदी की गई थी.इस विरोध के दौरान ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के दोहरे मापदंड पर भी सवाल उठाए. ग्रामीणों का आरोप है कि जहां मलकुवर में शिक्षकों का अकाल है, वहीं कोकाण प्राथमिक शाला में महज 19 बच्चों पर 3 शिक्षक तैनात हैं. कोकाण स्कूल से एक शिक्षिका के तबादले पर कलेक्टर के अनुमोदन के बाद भी शिक्षा विभाग ने उन्हें आज तक रिलीव नहीं किया है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.
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