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झारखंड विधानसभा के सामने राज्यभर की रसोइया दीदियों का प्रदर्शन! 7 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा

झारखंड विधानसभा के पास राज्यभर से पहुंची रसोइया दीदियों ने प्रदर्शन किया. उन्होंने 7 सूत्री मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की.

Protest by cooks
रसोइया दीदियों का प्रदर्शन (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 19, 2026 at 6:01 PM IST

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रांची: राज्य भर के सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का मध्याह्न भोजन बनाने वाली रसोइया दीदियों ने विधानसभा के सामने विशाल प्रदर्शन किया. उन्होंने "मिड डे मील" बनाने के बदले में न्यूनतम वेतन देने और निदेशक शशिरंजन द्वारा हड़ताल पर जानेवाली रसोईया को हटाने के आदेश को वापस लेने की मांग की.

अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संघ के बैनर तले राज्य के अलग अलग जिलों से हजारों की संख्या में रांची पहुंचीं रसोइया दीदियों ने कहा कि एक ओर हेमंत सोरेन की सरकार, घर बैठे-बैठे मंइयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को 2500₹ महीना दे रही है और दूसरी ओर हम सुबह से शाम 04 बजे तक स्कूल में सेवा देते हैं, बच्चों का मध्याह्न भोजन बनाते हैं तो हमें 100 रुपए रोज यानी 3000 महीना मिलता है. यह कैसा न्याय है?

प्रदेश विद्यालय रसोइया संघ अध्यक्ष अनिता देवी केशरी का बयान (ETV Bharat)
संघ की अध्यक्ष अनीता देवी केशरी ने कहा कि हम कोई गैरवाजिब मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन जब हम अपने हक और अधिकार की मांग करते हैं तो हमें नौकरी से हटाने का फरमान जारी किया जाता है, यह अब बर्दाश्त नहीं होगा. ये है सात सूत्री मांग

झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संघ की अध्यक्ष ने बताया कि सात सूत्री मांगों के लिए उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. उनकी मांगों में रसोइया को न्यूनतम वेतन 18000 रुपए प्रति महीना, रसोइया की सेवा स्थायीकरण, निशुल्क बीमा, ड्रेस और साड़ी के लिए आवंटन देने और स्कूलों में बच्चों का मिड डे मील बनाने के क्रम में दुर्घटना की शिकार होने वाली रसोइया दीदी के परिजनों को मुआवजे की मांग शामिल है.

मिड डे मील सेवा सुचारू रूप से जारी रखने में होगी परेशानी

राज्यभर के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनाने वाली रसोइया के हड़ताल पर चले जाने की घोषणा से विद्यालयों में मिड डे मील योजना को सुचारू रूप से जारी रखने में शिक्षा विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

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