हरीश जोशी हत्याकांड: आक्रोशित लोगों ने राजसमंद कलेक्ट्री का किया घेराव, डिप्टी सीएम के दखल पर बनी सहमति
आक्रोशित लोगों और प्रशासन के बीच तीन दौर की वार्ता हुई. हालांकि सहमति चौथे दौर की वार्ता में बन सकी.


Published : January 7, 2026 at 9:15 PM IST
राजसमंद: शहर के धोइंदा से लापता युवक की हत्या होने पर आक्रोशित परिजन व सर्वसमाज के लोग बुधवार सुबह से लापरवाह पुलिस अफसरों पर कार्रवाई, आहत परिवार के सदस्य को नौकरी और मुआवजे पर अड़े हुए थे. कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा और एसपी ममता गुप्ता के साथ तीन दौर की वार्ता के बाद चौथे दौर में पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी की मध्यस्थता में सहमति बनी. इसमें 8 लाख मुआवजा, पत्नी को संविदा नौकरी व जांच अधिकारी को एपीओ करने पर सहमति बनी. इस दौरान उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी जिला कलेक्टर से बात की. शाम को सहमति बनने के बाद लोग धरने से उठ गए. इस दौरान कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर 10 थानों को पुलिस जाब्ता तैनात रहा.
48 घंटे का दिया था अल्टीमेटम: कांकरोली थाना प्रभारी सरोज बैरवा ने बताया कि धोइंदा निवासी हरीश जोशी 30 दिसंबर, 2025 शाम घर से लापता हो गया. कांकरोली थाने में गुमशुदगी दर्ज करते हुए पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी, मगर हरीश का मोबाइल बंद हो गया. हरीश का पता नहीं चलने पर 5 जनवरी को आक्रोशित लोग जिला कलेक्ट्री के गेट पर धरने पर बैठ गए. बाद में राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी भी पहुंची और प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया. हरीश जोशी का शव उदयपुर जिले के घासा थाना क्षेत्र में वाड़ा बावड़ी के कुएं में मिला. इस पर राजसमंद डीएसपी नेत्रपालसिंह उदयपर पहुंचे और परिजनाें की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम हो गया, लेकिन परिजन व सर्वसमाज मुआवजे की मांग पर अड़ गए. इस कारण फिलहाल शव उदयपुर के एमबी अस्पताल में पड़ा रहा और आक्रोशित लोग बुधवार सुबह जिला कलेक्ट्री के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए.
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प्रशासन और लोगों में हुई वार्ता: इसके बाद धरने पर बैठे सर्वसमाज के लोगों और प्रशासन के बीच दो बार वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद शाम करीब 5 बजे मावली के पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी पहुंचे और तीसरी बार प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर के चैंबर में पहुंचा. जहां कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा, एसपी ममता गुप्ता, एडीएम नरेश बुनकर, एएसपी महेंद्र पारीक, एसडीएम ब्रजेश गुप्ता की मौजूदगी में प्रतिनिधि मंडल की वार्ता हुई. इस दौरान समाज की तरफ से ब्रह्मशक्ति मेवाड़ अध्यक्ष योगेश पुरोहित, शंकरलाल पुराेहित, गोपालकृष्ण पालीवाल, विप्र फाउंडेशन के शांतिलाल पालीवाल, रमेश पालीवाल, गिरीश पालीवाल, जगदीश पालीवाल, हगामीलाल पालीवाल, भानु पालीवाल आदि मौजूद थे. वार्ता के बाद प्रतिनिधि मंडल नीचे आया और लोगों के समक्ष प्रशासन से हुई समझौता वार्ता से अवगत कराया, लेकिन धरने पर बैठे लोग उस सहमति से राजी नहीं हुए.

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डिप्टी सीएम ने की कलेक्टर से बात: इस बीच उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा से मोबाइल पर बात की. साथ ही लोगों की मांग अनुसार उचित कार्रवाई कर लोगों को संतुष्ट करने के निर्देश दिए. इस तरह चौथी बार प्रतिनिधि मंडल की जिला कलेक्टर से मुलाकात हुई. फिर जिला कलेक्टर ने जांच अधिकारी एएसआई जलेसिंह को एपीओ करने व पुलिस लापरवाही की जांच एएसपी महेंद्र पारीक से करवाने के आदेश पर लोग शांत हो गए. इस तरह शाम करीब साढ़े छह बजे बाद लोग धरने से उठे और विवाद शांत हुआ.

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भीड़ ने बाजार करवाए बंद: इससे पहले जिला कलेक्ट्री में धरने के दौरान युवाओं की टोली 100 फीट रोड होते हुए कांकरोली की तरफ बाजार बंद करवाने निकल पड़ी. 100 फीट रोड पर टायर जलाए. फिर बाजार बंद करवाते हुए आक्रोशित युवा कांकरोली पुराना बस स्टैंड पर राठासेन माता मंदिर तक पहुंच गए. इस पर एएसपी महेंद्र पारीक पहुंचे और आक्रोशित युवाओं को समझाया. फिर सभी लोग वापस कलेक्ट्री के द्वार पर पहुंच गए.

10 थानों का जाब्ता, वज्र वाहन भी पहुंचा: जिला कलेक्ट्री घेराव के दौरान आक्रोशित लोगों को नियंत्रित करने के लिए राजनगर-कांकरोली थाने के अलावा 10 थानों का पुलिस जाब्ता तैनात किया गया. कुंभलगढ़ डीएसपी ज्ञानेंद्रसिंह, डीएसपी रोहित, डीएसपी नेत्रपाल के अलावा आमेट, केलवा, कुंवारिया, रेलमगरा, देलवाड़ा, नाथद्वारा व चारभुजा थाने का जाब्ता भी तैनात रहा. पुलिस ने वज्र वाहन भी मंगवा लिया, ताकि हालात बेकाबू होने पर नियंत्रित किया जा सके.

