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RGHS अनियमितताओं व डॉ. बंसल की रिहाई को लेकर प्रदर्शन, वार्ता के बाद भी नहीं बनी सहमति

बैनर, तख्तियों एवं नारेबाजी के माध्यम से सरकार का ध्यान गंभीर मुद्दों की ओर आकर्षित किया गया. जानिए पूरा मामला...

Protest on RGHS Irregularities
जयपुर स्थित स्वास्थ्य भवन के बाहर प्रदर्शन (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : May 4, 2026 at 6:21 PM IST

3 Min Read
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जयपुर: 4 मई को राज्यभर के चिकित्सकों एवं अस्पतालों के स्टाफ ने जयपुर स्थित स्वास्थ्य भवन के बाहर आरजीएचएस (Rajasthan Government Health Scheme) की अनियमितताओं के विरोध एवं डॉ. सोनदेव बंसल की रिहाई की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान बैनर, तख्तियों एवं नारेबाजी के माध्यम से सरकार का ध्यान इन गंभीर मुद्दों की ओर आकर्षित किया गया. बड़ी संख्या में चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी इसमें शामिल हुए.

चिकित्सक संघटन आईएमए स्टेट सेक्रेटरी डॉ. एनके अग्रवाल ने बताया कि धरना-प्रदर्शन के बाद आरजीएचएस प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने चिकित्सा संगठनों के प्रतिनिधियों को चर्चा हेतु आमंत्रित किया. प्रतिनिधिमंडल ने अपनी सभी प्रमुख मांगों को विस्तार से रखा. इसके बाद राजकीय सचिवालय में प्रिंसिपल सेक्रेट्री, मेडिकल एंड हेल्थ एवं प्रिंसिपल सेक्रेट्री, फाइनेंस के साथ भी बैठक हुई, जिसमें चिकित्सा संगठनों ने अपना पक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया.

बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा यह स्वीकार किया गया कि उठाए गए कई मुद्दे वाजिब हैं, तथा इन पर शीघ्र विचार कर निर्णय लिया जाएगा. वित्त विभाग द्वारा आरजीएचएस के लंबित भुगतान पर भी जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया. साथ ही डॉ. सोनदेव बंसल के प्रकरण में यथासंभव सहयोग देने की बात भी कही गई.

पढ़ें : RGHS समस्याओं को लेकर राज्यव्यापी बहिष्कार जारी, सरकार को घेरने की तैयारी, 2200 करोड़ अटके

बहिष्कार जारी रहेगा : IMA राजस्थान के अध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि अभी केवल वार्ता हुई है और आश्वासन प्राप्त हुआ है. जब तक सभी मांगों पर ठोस निर्णय, आदेश जारी नहीं होते और बकाया भुगतान नहीं किया जाता, तब तक आरजीएचएस का बहिष्कार जारी रहेगा तथा डॉ. सोनदेव बंसल की रिहाई के प्रयास निरंतर चलते रहेंगे. डॉ. एन. के. अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि आरजीएचएस में केवल बकाया भुगतान ही समस्या नहीं है, बल्कि योजना की संरचना में गंभीर खामियां हैं, जिसमें...

  • मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अभाव.
  • विभिन्न प्रक्रियाओं (क्लेम सेटलमेंट, क्वेरी, पेमेंट आदि) के लिए स्पष्ट टाइमलाइंस का न होना.
  • अस्पतालों के टर्मिनेशन, पेनल्टी या डी-एम्पैनलमेंट की कोई निर्धारित प्रक्रिया नहीं होना.
  • इन सभी कार्रवाइयों के विरुद्ध अपील का स्पष्ट प्रावधान न होना.

आर्थिक स्थिति बिगड़ रही : IMA राजस्थान के जोनल सचिव डॉ. अनुराग शर्मा ने कहा कि पिछले 8-10 महीनों में कई बार प्रतिनिधिमंडल द्वारा संबंधित विभागों से वार्ता की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है. उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं.

उन्होंने आगे कहा कि चिकित्सकों एवं आरजीएचएस सेवा प्रदाताओं में गहरा आक्रोश है. अस्पतालों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है तथा कर्मचारी संगठनों द्वारा भी विरोध दर्ज कराया जा रहा है.